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समाज के बीच रहकर हर वक्त सेवा में रहती है पुलिस:डोभाल
Updated Sat, 01 Sep 2018 02:08 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित ‘पुलिस की पाठशाला’ में एसपी देहात सरिता डोभाल ने ‘गुरु’ की भूमिका निभाई। शुक्रवार को एसएसपी कार्यालय के सभागार में आयोजित पाठशाला में एसपी ने बच्चों को समाज में पुलिस के रोल के बारे में बताया। इस दौरान उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग ही ऐसा विभाग है जो समाज के बीच रहकर लोगों को तत्काल राहत पहुंचाता है। इस दौरान बच्चों ने एसपी से कई सवाल पूछकर अपनी जिज्ञासा शांत की।
पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में एशियन स्कूल के कक्षा नौ के 30 छात्र पहुंचे। एसपी देहात सरिता डोभाल ने इन बच्चों को पुलिस की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बताया कि पुलिस समाज के भीतर सरकार का प्रतिनिधित्व करती है। पुलिस न सिर्फ अपराधियों से समाज की सुरक्षा करती है बल्कि हर कदम पर उनकी सहायता भी करती है। पुलिस की प्रत्येक शाखा हर वक्त समाज की सेवा में लगी रहती है। फिर चाहे वह खुफिया तंत्र हो या फिर अन्य कोई। उन्होंने बच्चों को कुछ वर्ष पहले गठित एसडीआरएफ (स्टेट डिजास्टर रिलीफ फोर्स) का उदाहरण देकर बताया कि वर्तमान में इसमें शामिल जवानों की मदद में समाज सेवा और सुरक्षा के नित नए कीर्तिमान स्थापित किए जा रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने पुलिस के स्वरूप को बच्चों को बताया, किस तरह पुलिस में भर्ती हुआ जा सकता है और किस तरह पुलिस में काम होता। इस दौरान बच्चों ने कई सवाल पूछकर अपनी जिज्ञासा शांत की। उसके बाद बच्चों ने पुलिस कंट्रोल रूम का भ्रमण किया। यहां भुवन चंद भैटवाल और कविता असवाल ने बच्चों को कंट्रोल रूम की कार्यप्रणाली समझाई।
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पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में एशियन स्कूल के कक्षा नौ के 30 छात्र पहुंचे। एसपी देहात सरिता डोभाल ने इन बच्चों को पुलिस की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बताया कि पुलिस समाज के भीतर सरकार का प्रतिनिधित्व करती है। पुलिस न सिर्फ अपराधियों से समाज की सुरक्षा करती है बल्कि हर कदम पर उनकी सहायता भी करती है। पुलिस की प्रत्येक शाखा हर वक्त समाज की सेवा में लगी रहती है। फिर चाहे वह खुफिया तंत्र हो या फिर अन्य कोई। उन्होंने बच्चों को कुछ वर्ष पहले गठित एसडीआरएफ (स्टेट डिजास्टर रिलीफ फोर्स) का उदाहरण देकर बताया कि वर्तमान में इसमें शामिल जवानों की मदद में समाज सेवा और सुरक्षा के नित नए कीर्तिमान स्थापित किए जा रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने पुलिस के स्वरूप को बच्चों को बताया, किस तरह पुलिस में भर्ती हुआ जा सकता है और किस तरह पुलिस में काम होता। इस दौरान बच्चों ने कई सवाल पूछकर अपनी जिज्ञासा शांत की। उसके बाद बच्चों ने पुलिस कंट्रोल रूम का भ्रमण किया। यहां भुवन चंद भैटवाल और कविता असवाल ने बच्चों को कंट्रोल रूम की कार्यप्रणाली समझाई।
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