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चौकी के अंदर युवक की पुलिस हिरासत में मौत
Updated Sun, 15 Jul 2018 02:20 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून।
शराब पीकर हंगामा करने के आरोप में शनिवार को पुलिस चौकी लाए गए युवक की पुलिस हिरासत में मौत हो गई। युवक का शव चौकी के बाथरूम में पड़ा मिला। उसके गले में शर्ट बंधी थी, जिसका एक हिस्सा दरवाजे की कुंडी में फंसा था। प्रथमदृष्टया पुलिस इसे आत्महत्या मान रही है। हालांकि युवक के शव को देखकर पुलिसकर्मियों के हाथ-पैर फूल गए, मगर परिजनों के रुख ने उन्हें राहत दे दी। पुलिसकर्मियों पर हिरासत में मौत का आरोप लगाकर हंगामा करने की बजाए, उन्होंने शव के पोस्टमार्टम और अन्य कार्रवाई से ही इनकार कर दिया। हालांकि, पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवा दिया है। एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने मामले की जांच कराने की बात कही है।
मामला पटेलनगर कोतवाली की बाजार चौकी का है। पुलिस चौकी के बाथरूम में मौत का शिकार हुआ जय माटा पुत्र हरीश माटा ब्रह्मपुरी मोहल्ले का रहने वाला था। जानकारी के मुताबिक, पुलिस कंट्रोल रूम में एक व्यक्ति बार-बार फोन कर तरह-तरह की बातें कर रहा था। बताया जा रहा है कि उसने दोपहर दो बजे से शाम चार बजे तक कंट्रोल रूम को 10 बार फोन किया। फोनकर्ता की लोकेशन पता करके पुलिस शाम करीब पांच बजे मंडी चौक के पास पहुंची और जय को पकड़ कर चौकी ले आई। पुलिस के अनुसार, युवक ने उस वक्त शराब पी हुई थी। सीओ सदर बीएस चौहान ने बताया कि पुलिस उसे मेडिकल के लिए दून अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रही थी। इसी बीच चौकी के दरोगा एवं अन्य सिपाही वाहन चेकिंग के लिए मंडी चौराहे पर चले गए।
पुलिसकर्मियों ने बताया कि चौकी में जय माटा के साथ केवल मुंशी मुकेश बैठे थे। जय माटा ने शाम करीब छह बजे बाथरूम जाने की बात कही तो मुकेश उसे वहां तक ले गया और वापस आ गया। करीब 15 मिनट तक जब जय बाहर नहीं आया तो मुकेश बाथरूम की तरफ गया। मुकेश ने देखा कि बाथरूम का दरवाजा बंद था। खटखटाने पर भी जब अंदर से न कोई जवाब मिला, ना ही मुकेश बाहर आया तो उसने इसकी जानकारी चौकी प्रभारी एवं अन्य अधिकारियों को दी। दारोगा मनोज तिवारी और अन्य पुलिसकर्मियों ने दरवाजा तोड़ा तो देखा कि जय अंदर बेहोश पड़ा था। पुलिस ने तत्काल एंबुलेंस बुलाई और उसे दून अस्पताल ले गई। यहां चिकित्सकों ने जय को मृत घोषित कर दिया। सीओ बीएस चौहान ने बताया कि जय के गले में शर्ट बंधी थी। उसका एक हिस्सा बाथरूम की कुंडी में भी बंधा हुआ था। उन्होंने बताया कि प्रथमदृष्टया मामला आत्महत्या का लग रहा है। हालांकि, दून अस्पताल के चिकित्सक इसे हार्ट अटैक से मौत मान रहे हैं।
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परिवार से अलग रहता था जय
घटना के बाद चौकी पहुंचे जय के रिश्तेदारों ने बताया कि वह बचपन से ही परिवार से अलग रहता था। जय अविवाहित था और मंडी में छोटा-मोटा काम करके अपना खर्च चलाता था। जय की बुआ सुशीला खरबंदा ने बताया कि जय शराब पीने का आदी था, लेकिन वह किसी के साथ झगड़ा या विवाद नहीं करता था। बचपन से ही उसे बुआ सुशीला ने ही पाला था। बृहस्पतिवार को वह उनके घर आया था, जहां उसने अपनी दादी से मुलाकात की थी।
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नहीं कराना चाहते पोस्टमार्टम
जय की बुआ और फुफेरे भाई ने उसके शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार किया है। उन्होंने बताया कि वे पुलिस पर कोई आरोप नहीं लगा रहे हैं। उन्होंने चौकी में उसकी मार-पिटाई जैसी बात से भी इंकार किया है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने कानून का हवाला देते हुए पोस्टमार्टम को आवश्यक कार्रवाई बताकर समझा दिया।
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बाजार चौकी में जो घटना हुई है, उसकी विधिपूर्वक जांच कराई जाएगी। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की गाइडलाइन के अनुसार घटना की जांच एक टीम बनाकर की जाएगी। जो भी सत्यता होगी वह जल्द ही सामने आएगी।
-निवेदिता कुकरेती, एसएसपी
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शराब पीकर हंगामा करने के आरोप में शनिवार को पुलिस चौकी लाए गए युवक की पुलिस हिरासत में मौत हो गई। युवक का शव चौकी के बाथरूम में पड़ा मिला। उसके गले में शर्ट बंधी थी, जिसका एक हिस्सा दरवाजे की कुंडी में फंसा था। प्रथमदृष्टया पुलिस इसे आत्महत्या मान रही है। हालांकि युवक के शव को देखकर पुलिसकर्मियों के हाथ-पैर फूल गए, मगर परिजनों के रुख ने उन्हें राहत दे दी। पुलिसकर्मियों पर हिरासत में मौत का आरोप लगाकर हंगामा करने की बजाए, उन्होंने शव के पोस्टमार्टम और अन्य कार्रवाई से ही इनकार कर दिया। हालांकि, पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवा दिया है। एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने मामले की जांच कराने की बात कही है।
मामला पटेलनगर कोतवाली की बाजार चौकी का है। पुलिस चौकी के बाथरूम में मौत का शिकार हुआ जय माटा पुत्र हरीश माटा ब्रह्मपुरी मोहल्ले का रहने वाला था। जानकारी के मुताबिक, पुलिस कंट्रोल रूम में एक व्यक्ति बार-बार फोन कर तरह-तरह की बातें कर रहा था। बताया जा रहा है कि उसने दोपहर दो बजे से शाम चार बजे तक कंट्रोल रूम को 10 बार फोन किया। फोनकर्ता की लोकेशन पता करके पुलिस शाम करीब पांच बजे मंडी चौक के पास पहुंची और जय को पकड़ कर चौकी ले आई। पुलिस के अनुसार, युवक ने उस वक्त शराब पी हुई थी। सीओ सदर बीएस चौहान ने बताया कि पुलिस उसे मेडिकल के लिए दून अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रही थी। इसी बीच चौकी के दरोगा एवं अन्य सिपाही वाहन चेकिंग के लिए मंडी चौराहे पर चले गए।
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पुलिसकर्मियों ने बताया कि चौकी में जय माटा के साथ केवल मुंशी मुकेश बैठे थे। जय माटा ने शाम करीब छह बजे बाथरूम जाने की बात कही तो मुकेश उसे वहां तक ले गया और वापस आ गया। करीब 15 मिनट तक जब जय बाहर नहीं आया तो मुकेश बाथरूम की तरफ गया। मुकेश ने देखा कि बाथरूम का दरवाजा बंद था। खटखटाने पर भी जब अंदर से न कोई जवाब मिला, ना ही मुकेश बाहर आया तो उसने इसकी जानकारी चौकी प्रभारी एवं अन्य अधिकारियों को दी। दारोगा मनोज तिवारी और अन्य पुलिसकर्मियों ने दरवाजा तोड़ा तो देखा कि जय अंदर बेहोश पड़ा था। पुलिस ने तत्काल एंबुलेंस बुलाई और उसे दून अस्पताल ले गई। यहां चिकित्सकों ने जय को मृत घोषित कर दिया। सीओ बीएस चौहान ने बताया कि जय के गले में शर्ट बंधी थी। उसका एक हिस्सा बाथरूम की कुंडी में भी बंधा हुआ था। उन्होंने बताया कि प्रथमदृष्टया मामला आत्महत्या का लग रहा है। हालांकि, दून अस्पताल के चिकित्सक इसे हार्ट अटैक से मौत मान रहे हैं।
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परिवार से अलग रहता था जय
घटना के बाद चौकी पहुंचे जय के रिश्तेदारों ने बताया कि वह बचपन से ही परिवार से अलग रहता था। जय अविवाहित था और मंडी में छोटा-मोटा काम करके अपना खर्च चलाता था। जय की बुआ सुशीला खरबंदा ने बताया कि जय शराब पीने का आदी था, लेकिन वह किसी के साथ झगड़ा या विवाद नहीं करता था। बचपन से ही उसे बुआ सुशीला ने ही पाला था। बृहस्पतिवार को वह उनके घर आया था, जहां उसने अपनी दादी से मुलाकात की थी।
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नहीं कराना चाहते पोस्टमार्टम
जय की बुआ और फुफेरे भाई ने उसके शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार किया है। उन्होंने बताया कि वे पुलिस पर कोई आरोप नहीं लगा रहे हैं। उन्होंने चौकी में उसकी मार-पिटाई जैसी बात से भी इंकार किया है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने कानून का हवाला देते हुए पोस्टमार्टम को आवश्यक कार्रवाई बताकर समझा दिया।
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बाजार चौकी में जो घटना हुई है, उसकी विधिपूर्वक जांच कराई जाएगी। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की गाइडलाइन के अनुसार घटना की जांच एक टीम बनाकर की जाएगी। जो भी सत्यता होगी वह जल्द ही सामने आएगी।
-निवेदिता कुकरेती, एसएसपी