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एसआईटी ने समाज कल्याण विभाग व शासन से मांगे दस्तावेज
Updated Fri, 11 May 2018 02:04 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
चर्चित छात्रवृत्ति घोटाले की जांच कर रही एसआईटी ने समाज कल्याण विभाग से छात्रों और शिक्षण संस्थानों की सूची मांगी है। इसके अलावा एसआईटी ने शासन से भी इस संबंध में कुछ जानकारियां लेने के लिए पत्र लिखा है।
बता दें कि छात्रों के फर्जी दाखिले दिखाकर अफसर और शिक्षण संस्थान छात्रवृत्ति के नाम पर सौ करोड़ रुपये से ज्यादा डकारे गए हैं। घोटाले में समाज कल्याण विभाग के कई अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध मिली थी। इस मामले में शासन स्तर से जांच की गई तो कई राज पर से पर्दे उठे थे। इसके बाद पिछले साल मुख्यमंत्री ने पुलिस मुख्यालय को एसआईटी का गठन कर जांच करने के निर्देश दिए थे। इसी के तहत बीते सप्ताह पुलिस मुख्यालय ने हरिद्वार एसपी क्राइम टीसी मंजूनाथ के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया था। मामले की जांच कर रही एसआईटी ने समाज कल्याण विभाग और शासन से इसके लिए जरूरी जानकारियां मांगी हैं। एसआईटी इंचार्ज टीसी मंजूनाथ ने फोन पर बताया कि उन्होंने पिछले दिनों समाज कल्याण विभाग को नोटिस भेजकर छात्रों और शिक्षण संस्थानों की सूची मांगी है। इसके साथ ही शासन से भी जांच के लिए जरूरी दस्तावेज मांगे गए हैं। सूची और अपेक्षित दस्तावेज मिलने पर पड़ताल शुरू कर दी जाएगी। इस मामले में जल्द ही कई और राज खुल सकते हैं।
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चर्चित छात्रवृत्ति घोटाले की जांच कर रही एसआईटी ने समाज कल्याण विभाग से छात्रों और शिक्षण संस्थानों की सूची मांगी है। इसके अलावा एसआईटी ने शासन से भी इस संबंध में कुछ जानकारियां लेने के लिए पत्र लिखा है।
बता दें कि छात्रों के फर्जी दाखिले दिखाकर अफसर और शिक्षण संस्थान छात्रवृत्ति के नाम पर सौ करोड़ रुपये से ज्यादा डकारे गए हैं। घोटाले में समाज कल्याण विभाग के कई अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध मिली थी। इस मामले में शासन स्तर से जांच की गई तो कई राज पर से पर्दे उठे थे। इसके बाद पिछले साल मुख्यमंत्री ने पुलिस मुख्यालय को एसआईटी का गठन कर जांच करने के निर्देश दिए थे। इसी के तहत बीते सप्ताह पुलिस मुख्यालय ने हरिद्वार एसपी क्राइम टीसी मंजूनाथ के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया था। मामले की जांच कर रही एसआईटी ने समाज कल्याण विभाग और शासन से इसके लिए जरूरी जानकारियां मांगी हैं। एसआईटी इंचार्ज टीसी मंजूनाथ ने फोन पर बताया कि उन्होंने पिछले दिनों समाज कल्याण विभाग को नोटिस भेजकर छात्रों और शिक्षण संस्थानों की सूची मांगी है। इसके साथ ही शासन से भी जांच के लिए जरूरी दस्तावेज मांगे गए हैं। सूची और अपेक्षित दस्तावेज मिलने पर पड़ताल शुरू कर दी जाएगी। इस मामले में जल्द ही कई और राज खुल सकते हैं।
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