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दारोगाओं को निरीक्षकों के अधिकार से रोष
Updated Mon, 10 Dec 2018 01:47 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
आबकारी निरीक्षक संघ की रविवार को हुई त्रैमासिक बैठक में आबकारी दारोगाओं को निरीक्षकों के अधिकार दिए जाने पर रोष जताया गया। इसके अलावा 2013 बैच के निरीक्षकों के स्थायीकरण न होने पर भी नाराजगी जाहिर की।
बैठक के दौरान आम सहमति बनने पर वर्तमान कार्यकारिणी भंग कर दी गई। इसके बाद आगामी चुनाव तक मानवेंद्र सिंह पंवार को कार्यवाहक अध्यक्ष और सरोज पाल को महासचिव पद पर बने रहने पर समिति बनी। ये दोनों पदाधिकारी ही चुनाव कार्य संपादित करेंगे। कार्यवाहक अध्यक्ष ने कहा कि आबकारी विभाग में निरीक्षकों के साथ दोहरी नीति अपनाई जा रही है। एक तरफ तो 2013 के निरीक्षकों को स्थायी नहीं किया जा रहा है। दूसरी तरफ उप निरीक्षकों को निरीक्षक के अधिकार दिए जा रहे हैं। ऐसे में निरीक्षकों की कार्यक्षमता कम हो रही है और उनमें कुंठा पनप रही है। कर्मचारियों और अधिकारियों से इस तरह के व्यवहार से राजस्व हानि होने की संभावना है। संघ ने अपनी मांग जल्द सरकार के पास उठाने की बात कही है। बैठक में विभिन्न जिलों के आबकारी निरीक्षक मौजूद रहे।
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आबकारी निरीक्षक संघ की रविवार को हुई त्रैमासिक बैठक में आबकारी दारोगाओं को निरीक्षकों के अधिकार दिए जाने पर रोष जताया गया। इसके अलावा 2013 बैच के निरीक्षकों के स्थायीकरण न होने पर भी नाराजगी जाहिर की।
बैठक के दौरान आम सहमति बनने पर वर्तमान कार्यकारिणी भंग कर दी गई। इसके बाद आगामी चुनाव तक मानवेंद्र सिंह पंवार को कार्यवाहक अध्यक्ष और सरोज पाल को महासचिव पद पर बने रहने पर समिति बनी। ये दोनों पदाधिकारी ही चुनाव कार्य संपादित करेंगे। कार्यवाहक अध्यक्ष ने कहा कि आबकारी विभाग में निरीक्षकों के साथ दोहरी नीति अपनाई जा रही है। एक तरफ तो 2013 के निरीक्षकों को स्थायी नहीं किया जा रहा है। दूसरी तरफ उप निरीक्षकों को निरीक्षक के अधिकार दिए जा रहे हैं। ऐसे में निरीक्षकों की कार्यक्षमता कम हो रही है और उनमें कुंठा पनप रही है। कर्मचारियों और अधिकारियों से इस तरह के व्यवहार से राजस्व हानि होने की संभावना है। संघ ने अपनी मांग जल्द सरकार के पास उठाने की बात कही है। बैठक में विभिन्न जिलों के आबकारी निरीक्षक मौजूद रहे।
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