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बेटे को इंसाफ दिलाने को भटक रहा पिता
Updated Wed, 26 Sep 2018 01:07 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
रंगरूट आर्मी के जवान की मौत के दस माह बाद भी उसके पिता और चाचा इंसाफ के लिए कोतवाली सिविल लांइस के चक्कर काट रहे हैं। पीड़ित पिता का आरोप है कि कई बार कोतवाली बुलाने के बाद भी उनके साथ सही बरताव नहीं किया गया। उनका आरोप था कि उनके पुत्र का आज तक बिसरा जांच पड़ताल के लिए नहीं भेजा गया।
कोतवाली सिविल लांइस में मंगलवार को हरियाणा के महेंद्रगढ़ पंचायत घर सपनाली निवासी निहाल सिंह व उसके भाई नरेश कुमार ने अमर उजाला को जानकारी दी कि उनका 22 वर्षीय पुत्र ओमपाल सिंह बंगाल इंजीनियर आर्मी में रंगरूट का जवान था। वह रुड़की बीईजी में प्रशिक्षण ले रहा था। आठ नवंबर 2017 को वह संदिग्ध हालात में लापता हो गया था। अगले दिन कोतवाली सिविल लाइंस में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। गुमशुदगी के चार दिन बाद रंगरूट का शव बटालियन के बाथरूम में मिला था। सूचना पाकर वह रुड़की कोतवाली पहुंचे थे। यहां कोतवाली में उन्होंने तत्कालीन कोतवाली प्रभारी को तहरीर देकर पुत्र की हत्या किए जाने का आरोप लगाया था, लेकिन तहरीर पर पुलिस ने आज तक हत्या का मुकदमा दर्ज नहीं किया है। आरोप है कि उनके पुत्र का बिसरा भी जांच के लिए नहीं भेजा गया, जिसको लेकर परिजनों में भारी रोष व्याप्त है। वहीं कोतवाली प्रभारी अमरजीत सिंह ने बताया कि पीड़ितों की मांग पर मृतक का बिसरा जांच के लिए भिजवा दिया गया है। साथ ही मामले की जांच भी शुरू कर दी है।
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रंगरूट आर्मी के जवान की मौत के दस माह बाद भी उसके पिता और चाचा इंसाफ के लिए कोतवाली सिविल लांइस के चक्कर काट रहे हैं। पीड़ित पिता का आरोप है कि कई बार कोतवाली बुलाने के बाद भी उनके साथ सही बरताव नहीं किया गया। उनका आरोप था कि उनके पुत्र का आज तक बिसरा जांच पड़ताल के लिए नहीं भेजा गया।
कोतवाली सिविल लांइस में मंगलवार को हरियाणा के महेंद्रगढ़ पंचायत घर सपनाली निवासी निहाल सिंह व उसके भाई नरेश कुमार ने अमर उजाला को जानकारी दी कि उनका 22 वर्षीय पुत्र ओमपाल सिंह बंगाल इंजीनियर आर्मी में रंगरूट का जवान था। वह रुड़की बीईजी में प्रशिक्षण ले रहा था। आठ नवंबर 2017 को वह संदिग्ध हालात में लापता हो गया था। अगले दिन कोतवाली सिविल लाइंस में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। गुमशुदगी के चार दिन बाद रंगरूट का शव बटालियन के बाथरूम में मिला था। सूचना पाकर वह रुड़की कोतवाली पहुंचे थे। यहां कोतवाली में उन्होंने तत्कालीन कोतवाली प्रभारी को तहरीर देकर पुत्र की हत्या किए जाने का आरोप लगाया था, लेकिन तहरीर पर पुलिस ने आज तक हत्या का मुकदमा दर्ज नहीं किया है। आरोप है कि उनके पुत्र का बिसरा भी जांच के लिए नहीं भेजा गया, जिसको लेकर परिजनों में भारी रोष व्याप्त है। वहीं कोतवाली प्रभारी अमरजीत सिंह ने बताया कि पीड़ितों की मांग पर मृतक का बिसरा जांच के लिए भिजवा दिया गया है। साथ ही मामले की जांच भी शुरू कर दी है।
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