{"_id":"5afc97a54f1c1b5b798b4878","slug":"191526503333-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आईसीजेएस से जोड़े जाएंगे प्रदेश के 156 थाने","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
आईसीजेएस से जोड़े जाएंगे प्रदेश के 156 थाने
Updated Thu, 17 May 2018 02:12 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
प्रदेश के थानों को सीसीटीएनएस से जोड़ने बाद अब इसके दूसरे चरण के लिए केंद्र सरकार से अनुमति मिल गई है। सीसीटीएनएस को अब आईसीजेएस (इंटेरोपेराबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम) के साथ एकीकृत किया जाएगा। इसमें न्यायालय, जेल, फोरेंसिक लैब और अभियोजन कार्यालयों का ऑटोमेशन विकसित किया जा रहा है। इसके लिए प्रदेश में ही डाटा सेंटर भी स्थापित किया जाएगा।
यह जानकारी बुधवार को मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने सीसीटीएनएस की उच्चाधिकार प्राप्त समिति की बैठक में दी। मुख्य सचिव ने सीसीटीएनएस (क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग सिस्टम) को अधिक कारगर बनाने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 156 थानों को ऑनलाइन सिस्टम सीसीटीएनएस के साथ जोड़ दिया गया है। इसके अलावा हाल ही में पौड़ी में खुले नए थानों (पैठानी और थलीसैंण) को भी जोड़ने का काम चल रहा है। इससे अपराधियों का पता लगाने के साथ घटनाओं के खुलासे में मदद मिलेगी। इसके अलावा अभी तक सीसीटीएनएस को नेशनल डाटा सेंटर से चलाया जा रहा था, लेकिन अब राज्य में स्टेट डाटा सेंटर बनाया जा रहा है। इसके लिए अब अलग से सर्वर स्थापित करने का काम चल रहा है। बैठक में प्रमुख सचिव गृह आनंद वर्द्धन, अपर पुलिस महानिदेशक रामसिंह मीणा, पुलिस उपमहानिरीक्षक अमित सिन्हा, सचिव आईटी चंद्रेश कुमार सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
प्रदेश के थानों को सीसीटीएनएस से जोड़ने बाद अब इसके दूसरे चरण के लिए केंद्र सरकार से अनुमति मिल गई है। सीसीटीएनएस को अब आईसीजेएस (इंटेरोपेराबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम) के साथ एकीकृत किया जाएगा। इसमें न्यायालय, जेल, फोरेंसिक लैब और अभियोजन कार्यालयों का ऑटोमेशन विकसित किया जा रहा है। इसके लिए प्रदेश में ही डाटा सेंटर भी स्थापित किया जाएगा।
यह जानकारी बुधवार को मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने सीसीटीएनएस की उच्चाधिकार प्राप्त समिति की बैठक में दी। मुख्य सचिव ने सीसीटीएनएस (क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग सिस्टम) को अधिक कारगर बनाने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 156 थानों को ऑनलाइन सिस्टम सीसीटीएनएस के साथ जोड़ दिया गया है। इसके अलावा हाल ही में पौड़ी में खुले नए थानों (पैठानी और थलीसैंण) को भी जोड़ने का काम चल रहा है। इससे अपराधियों का पता लगाने के साथ घटनाओं के खुलासे में मदद मिलेगी। इसके अलावा अभी तक सीसीटीएनएस को नेशनल डाटा सेंटर से चलाया जा रहा था, लेकिन अब राज्य में स्टेट डाटा सेंटर बनाया जा रहा है। इसके लिए अब अलग से सर्वर स्थापित करने का काम चल रहा है। बैठक में प्रमुख सचिव गृह आनंद वर्द्धन, अपर पुलिस महानिदेशक रामसिंह मीणा, पुलिस उपमहानिरीक्षक अमित सिन्हा, सचिव आईटी चंद्रेश कुमार सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन