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जेल से हत्या की साजिश नाकाम, बदमाश गिरफ्तार
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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देहरादून। स्पेशल टास्क फोर्स ने शनिवार को हरिद्वार जेल में सजायाफ्ता कैदी कलीम द्वारा अपने विरोधी की हत्या करने की साजिश को नाकाम कर दिया। एसटीएफ से मंगलौर में हत्या की वारदात को अंजाम देने जा रहे दोनाें बदमाशों को रुड़की में मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। कलीम ने उन्हें एक लाख रुपये की सुपारी दी थी।
एसटीएफ की पुलिस उप महानिरीक्षक रिधिम अग्रवाल ने बताया कि एसटीएफ को सूचना मिली थी कि हरिद्वार जेल में बंद कलीम ने अपने दो साथियाें यूनुस निवासी मंगलौर और ताहिर निवासी सरधना (मेरठ) के साथ मंगलौर में अजमत की हत्या की साजिश रची है। अजमत के कत्ल की सुपारी लेने वाले दोनों बदमाश रुड़की गंगनहर के पास ठहरे हुए हैं। शनिवार को वह मंगलौर जाकर हत्या करने वाले हैं। इस सूचना पर एसटीएफ ने मौके पर पहुंचकर उन्हें पकड़ने का प्रयास किया तो उनकी तरफ से फायर झोंका गया है। एसटीएफ ने भी जवाबी फायरिंग करते हुए दोनों को गिरफ्तार कर लिया। अपर पुलिस अधीक्षक स्वतंत्र कुमार और सीओ कैलाश पंवार ने उनसे पूछताछ की।
डीआईजी ने बताया कि कलीम ने मंगलौर निवासी अजमत के भाई गुड्डू की हत्या की थी। अजमत इस मुकदमे कर पैरोकारी कर रहा था जिस पर कलीम को हत्या में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। इस मामले में जेल में बंद कलीम के पिता सलीम और चाचा शमीम की मौत हो चुकी है। यूनुस कलीम का चचेरा भाई है। कलीम ने यूनुस और ताहिर को अजमत की हत्या के लिए एक लाख रुपये की सुपारी दी थी। शुक्रवार को दोनों आरोपी अजमत के घर की रेकी करके आए थे। शनिवार को उन्हें हत्या को अंजाम देना था, लेकिन उससे पहले एसटीएफ ने उन्हें दबोच लिया।
एसटीएफ की पुलिस उप महानिरीक्षक रिधिम अग्रवाल ने बताया कि एसटीएफ को सूचना मिली थी कि हरिद्वार जेल में बंद कलीम ने अपने दो साथियाें यूनुस निवासी मंगलौर और ताहिर निवासी सरधना (मेरठ) के साथ मंगलौर में अजमत की हत्या की साजिश रची है। अजमत के कत्ल की सुपारी लेने वाले दोनों बदमाश रुड़की गंगनहर के पास ठहरे हुए हैं। शनिवार को वह मंगलौर जाकर हत्या करने वाले हैं। इस सूचना पर एसटीएफ ने मौके पर पहुंचकर उन्हें पकड़ने का प्रयास किया तो उनकी तरफ से फायर झोंका गया है। एसटीएफ ने भी जवाबी फायरिंग करते हुए दोनों को गिरफ्तार कर लिया। अपर पुलिस अधीक्षक स्वतंत्र कुमार और सीओ कैलाश पंवार ने उनसे पूछताछ की।
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डीआईजी ने बताया कि कलीम ने मंगलौर निवासी अजमत के भाई गुड्डू की हत्या की थी। अजमत इस मुकदमे कर पैरोकारी कर रहा था जिस पर कलीम को हत्या में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। इस मामले में जेल में बंद कलीम के पिता सलीम और चाचा शमीम की मौत हो चुकी है। यूनुस कलीम का चचेरा भाई है। कलीम ने यूनुस और ताहिर को अजमत की हत्या के लिए एक लाख रुपये की सुपारी दी थी। शुक्रवार को दोनों आरोपी अजमत के घर की रेकी करके आए थे। शनिवार को उन्हें हत्या को अंजाम देना था, लेकिन उससे पहले एसटीएफ ने उन्हें दबोच लिया।
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