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दून में छिपे थे ‘रावण’ गैंग के तीन शार्प शूटर दबोचे
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
महाराष्ट्र पुलिस से बचकर दून में छिपे पुणे की अनिकेत भाऊ (रावण) गैंग के तीन शार्प शूटरों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार तीनों बदमाश यहां लूट की फिराक में थे। बदमाशों के कब्जे से पिस्तौल, तमंचे आदि हथियार बरामद हुए हैं। बदमाश महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ आर्गेनाइज्ड क्राइम एक्ट (मकोका) में भी वांछित हैं और तीनों पर दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं। सभी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
प्रेमनगर पुलिस की इस कार्रवाई की जानकारी एसएसपी ने शनिवार को मीडिया को दी। एसएसपी ने बताया कि एसओ प्रेमनगर नरेंद्र सिंह की टीम ने नदी किनारे से तीन बदमाशों अक्षय प्रभाकर सांवले, दिनेश पुकराज रेणुवा और आकाश गणेश पंवार निवासी निगडी पुणे (महाराष्ट्र) को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से दो पिस्तौल, एक तमंचा, 14 कारतूस व सात मोबाइल बरामद हुए हैं। पूछताछ में पता चला है कि ये तीनों शार्प शूटर हैं और पुणे की कुख्यात अनिकेत भाऊ उर्फ ‘रावण’ गैंग के सदस्य हैं। बीते सात जून को बदमाशों ने चिखली नगर निगम (महाराष्ट्र) अध्यक्ष दातेसाने के दफ्तर में तोड़फोड़ की थी। महाराष्ट्र पुलिस ने तलाश तेज की तो सभी देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र में आकर छिप गए। शुक्रवार रात मुखबिरों की सूचना पर प्रेमनगर पुलिस ने धर दबोचा। एसएसपी ने बताया कि अक्षय प्रभाकर के खिलाफ 13, दिनेश पुकराज के खिलाफ नौ और आकाश के खिलाफ तीन मुकदमे दर्ज हैं। इन सभी के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारियां जुटाईं जा रही हैं।
2017 में गैंगवार में मारा गया था ‘रावण’
एसएसपी के अनुसार गैंग का सरगना अनिकेत भाऊ उर्फ रावण 20 नवंबर 2017 में गैंगवार में मारा गया था। इनका प्रतिद्वंद्वी गैंग एसके गैंग के नाम से जाना जाता है और यह काफी कुख्यात है। रावण के मरने बाद से इसके सदस्य देश के अलग अलग हिस्सों में जाकर छिप गए। महाराष्ट्र पुलिस ने कुल 22 सदस्यों वाले रावण गैंग के 16 सदस्यों को गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया। जबकि, छह फरार थे, जिनमें से तीन दून पुलिस ने पकड़े हैं। तीन अब भी फरार हैं।
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मकान मालिक का किया चालान
एसएसपी ने बताया कि तीनों बदमाश क्षेत्र में एक मकान में किराए पर रह रहे थे। इनके सत्यापन की कोई प्रक्रिया नहीं की गई थी। इस पर मकान मालिक का भी चालान किया गया है। साथ ही क्षेत्र के सभी लोगों को किराएदारों और नौकरों के सत्यापन के लिए हिदायत दी गई है।
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महाराष्ट्र पुलिस से बचकर दून में छिपे पुणे की अनिकेत भाऊ (रावण) गैंग के तीन शार्प शूटरों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार तीनों बदमाश यहां लूट की फिराक में थे। बदमाशों के कब्जे से पिस्तौल, तमंचे आदि हथियार बरामद हुए हैं। बदमाश महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ आर्गेनाइज्ड क्राइम एक्ट (मकोका) में भी वांछित हैं और तीनों पर दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं। सभी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
प्रेमनगर पुलिस की इस कार्रवाई की जानकारी एसएसपी ने शनिवार को मीडिया को दी। एसएसपी ने बताया कि एसओ प्रेमनगर नरेंद्र सिंह की टीम ने नदी किनारे से तीन बदमाशों अक्षय प्रभाकर सांवले, दिनेश पुकराज रेणुवा और आकाश गणेश पंवार निवासी निगडी पुणे (महाराष्ट्र) को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से दो पिस्तौल, एक तमंचा, 14 कारतूस व सात मोबाइल बरामद हुए हैं। पूछताछ में पता चला है कि ये तीनों शार्प शूटर हैं और पुणे की कुख्यात अनिकेत भाऊ उर्फ ‘रावण’ गैंग के सदस्य हैं। बीते सात जून को बदमाशों ने चिखली नगर निगम (महाराष्ट्र) अध्यक्ष दातेसाने के दफ्तर में तोड़फोड़ की थी। महाराष्ट्र पुलिस ने तलाश तेज की तो सभी देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र में आकर छिप गए। शुक्रवार रात मुखबिरों की सूचना पर प्रेमनगर पुलिस ने धर दबोचा। एसएसपी ने बताया कि अक्षय प्रभाकर के खिलाफ 13, दिनेश पुकराज के खिलाफ नौ और आकाश के खिलाफ तीन मुकदमे दर्ज हैं। इन सभी के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारियां जुटाईं जा रही हैं।
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2017 में गैंगवार में मारा गया था ‘रावण’
एसएसपी के अनुसार गैंग का सरगना अनिकेत भाऊ उर्फ रावण 20 नवंबर 2017 में गैंगवार में मारा गया था। इनका प्रतिद्वंद्वी गैंग एसके गैंग के नाम से जाना जाता है और यह काफी कुख्यात है। रावण के मरने बाद से इसके सदस्य देश के अलग अलग हिस्सों में जाकर छिप गए। महाराष्ट्र पुलिस ने कुल 22 सदस्यों वाले रावण गैंग के 16 सदस्यों को गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया। जबकि, छह फरार थे, जिनमें से तीन दून पुलिस ने पकड़े हैं। तीन अब भी फरार हैं।
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मकान मालिक का किया चालान
एसएसपी ने बताया कि तीनों बदमाश क्षेत्र में एक मकान में किराए पर रह रहे थे। इनके सत्यापन की कोई प्रक्रिया नहीं की गई थी। इस पर मकान मालिक का भी चालान किया गया है। साथ ही क्षेत्र के सभी लोगों को किराएदारों और नौकरों के सत्यापन के लिए हिदायत दी गई है।