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गैस की कालाबाजारी का पर्दाफाश

Mon, 17 Sep 2018 02:20 AM IST
Updated Mon, 17 Sep 2018 02:20 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। शहर में गैस की कालाबाजारी का पूर्ति विभाग ने पर्दाफाश किया है। ग्राहकों को जो सिलिंडर दिए जा रहे थे, उनमें प्रति सिलिंडर चार किलो गैस कम थी। विभाग ने मामले में एक गैस एजेंसी के सप्लाई वाहन चालक पर सिलिंडर से रीफिलिंग के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया है। बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में संबंधित गैस एजेंसी की संलिप्तता सामने आने पर प्रबंधन के खिलाफ भी एक्शन लिया जाएगा। इंदिरानगर में बीते शुक्रवार को स्थानीय लोगों ने एक गैस एजेंसी के सप्लाई वाहन को पकड़ा था। लोगों ने वाहन में गैस सिलिंडर से एजेंसी कर्मचारियों के रीफिलिंग करने पर हंगामा कर दिया।
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इसके बाद मौके पर पहुंचे संभागीय परिवहन विभाग के प्रवर्तन अधिकारी पंकज श्रीवास्तव ने बिना पंजीकरण के बिना चलाए जा रहे सप्लाई वाहन को सीज कर दिया, जबकि पूर्ति निरीक्षक विजय डोभाल ने वाहन से 33 सिलिंडर जब्त कर लिए। उन्होंने गैस सिलिंडरों की जांच बाट माप विभाग से कराई, जिसमें प्रत्येक सिलिंडर में करीब चार किलोग्राम गैस कम मिली।
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बाट माप विभाग की रिपोर्ट मिलने के बाद पूर्ति निरीक्षक ने कोतवाली पहुंचकर पुलिस को मामले की जानकारी दी। उन्होंने नामजद तहरीर देकर हरिओम शर्मा पुत्र चंद्रपाल सिंह निवासी शांतिनगर, ऋषिकेश के खिलाफ अवैध रूप से गैस सिलिंडर से रीफिलिंग करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया। बताया कि हरिओम शर्मा गैस एजेंसी के सप्लाई वाहन का चालक है। कोतवाल रितेश शाह ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी को प्रयास तेज कर दिए गए हैं। दावा किया कि जल्द ही आरोपी की धरपकड़ कर ली जाएगी।
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तौल कर ही लें गैस सिलेंडर
शहर में कई गैस एजेंसी उपभोक्ताओं को गैस सर्विस मुहैया कराने में लगी हैं। ऐसे में रीफिलिंग की बढ़ती शिकायतों के चलते उपभोक्ताओं को गैस की कालाबाजारी से बचने के लिए खुद ही जागरूक होने की आवश्यकता है। लिहाजा गैस को लेते समय संबंधित कर्मचारी से उसे तुलवा लें। ऐसे में धोखाधड़ी से बचा जा सकता है। इस बाबत पूर्ति विभाग पहले ही लोगों को कई दफा जागरूक भी कर चुका है। गैस एजेंसी के कर्मचारियों के गैस सिलिंडरों से रीफिलिंग का मामला सामने आने के बाद स्थानीय नागरिक परेशान हैं।


कोट्स
गैस सप्लाई वाहन चालक के पकड़ में आने के बाद पूछताछ में एजेंसी के प्रबंधन की संलिप्तता की भी जांच की जाएगी। एजेंसी की मिलीभगत सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच चलने तक बरामद 33 सिलिंडरों को त्रिवेणी गैस सर्विस एजेंसी के सुपुर्द किया गया है।
- विजय डोभाल पूर्ति निरीक्षक, ऋषिकेश।
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