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हनोल भूमि प्रकरण में संलिप्त दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
Updated Wed, 21 Feb 2018 02:00 AM IST
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ब्यूरो/त्यूनी।
हनोल भूमि प्रकरण में संलिप्त दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर हनोल गांव निवासी संगीता देवी ने मंडल आयुक्त दिलिप जावलकर को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने तहसील प्रशासन पर भी मामले को रफा-दफा करने का आरोप लगाया। आयुक्त ने मांग पर शीघ्र कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
ज्ञापन में शिकायतकर्ता ने कहा कि गांव निवासी चंदराम नाम के एक व्यक्ति ने तहसील कर्मियों से साठगांठ कर नियम विरुद्ध और फर्जी कागजातों के आधार पर बंजर भूमि के खसरा नंबर 115, 117, 118 और 119 की 0.2000 हेक्टेयर भूमि को अपने नाम दर्ज करा लिया था। बीते 14 फरवरी को उक्त जमीन को जिलाधिकारी के निर्देश पर निरस्त किया जा चुका है। लेकिन नियम विरुद्ध जमीन का विनियमितीकरण करने वाले आरोपियों के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी हैं। तहसील प्रशासन आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रहा हैं। आरोप लगाया कि जमीन निरस्तीकरण से पूर्व उन्हें सुनवाई के लिए 14 फरवरी को तहसील कार्यालय में बुलाया गया था। लेकिन नकल आदेश पर उन्हें अनुपस्थित दिखाया गया है। आदेश में कहीं पर भी दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का जिक्र नहीं किया गया है। उन्होंने कूट दस्तावेज तैयार कर भूमि का विनियमितीकरण करने वाले दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मंडलायुक्त ने कहा कि मामले में जिलाधिकारी से रिपोर्ट मांगी गई है।
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हनोल भूमि प्रकरण में संलिप्त दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर हनोल गांव निवासी संगीता देवी ने मंडल आयुक्त दिलिप जावलकर को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने तहसील प्रशासन पर भी मामले को रफा-दफा करने का आरोप लगाया। आयुक्त ने मांग पर शीघ्र कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
ज्ञापन में शिकायतकर्ता ने कहा कि गांव निवासी चंदराम नाम के एक व्यक्ति ने तहसील कर्मियों से साठगांठ कर नियम विरुद्ध और फर्जी कागजातों के आधार पर बंजर भूमि के खसरा नंबर 115, 117, 118 और 119 की 0.2000 हेक्टेयर भूमि को अपने नाम दर्ज करा लिया था। बीते 14 फरवरी को उक्त जमीन को जिलाधिकारी के निर्देश पर निरस्त किया जा चुका है। लेकिन नियम विरुद्ध जमीन का विनियमितीकरण करने वाले आरोपियों के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी हैं। तहसील प्रशासन आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रहा हैं। आरोप लगाया कि जमीन निरस्तीकरण से पूर्व उन्हें सुनवाई के लिए 14 फरवरी को तहसील कार्यालय में बुलाया गया था। लेकिन नकल आदेश पर उन्हें अनुपस्थित दिखाया गया है। आदेश में कहीं पर भी दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का जिक्र नहीं किया गया है। उन्होंने कूट दस्तावेज तैयार कर भूमि का विनियमितीकरण करने वाले दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मंडलायुक्त ने कहा कि मामले में जिलाधिकारी से रिपोर्ट मांगी गई है।
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