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राजावाला के पूर्व प्रधान से होगी वसूली
Updated Wed, 27 Dec 2017 01:45 AM IST
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राजावाला के पूर्व प्रधान से होगी वसूली
ब्यूरो/अमर उजाला
सेलाकुई।
जिलाधिकारी ने सहसपुर प्रखंड के पूर्व प्रधान और वर्तमान जिला पंचायत सदस्य रमेश चंद द्वारा मनरेगा और पीठ बाजार में की गई धांधली मामले में वसूली के आदेश दिए हैं। मामले में तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी से भी वसूली की जाएगी।
वर्ष 2012 में यशपाल सिंह, मायाराम, दौलत सिंह नेगी ने ग्राम पंचायत राजावाला के तत्कालीन ग्राम प्रधान के खिलाफ मनरेगा और पीठ बाजार में अनियमितता की शिकायत की थी। जिसकी जांच तत्कालीन जिला पंचायत अधिकारी ने की। जांच के बाद विभाग की ओर से कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। प्रधान की ओर से इसका संतोषजनक उत्तर नहीं दिया गया। तब मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। जिसके विरोध में गांव के संजीव नेगी ने हाईकोर्ट में रिट पीटिशन दायर की। जिस पर आदेश पारित करते हुए कोर्ट ने जिलाधिकारी को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए।
डीएम के निर्देश पर जांच कमेटी ने आरोपों की जांच की। जांच में ग्राम पंचायत राजावाला के खादर में 4.91 लाख के प्रस्तावित तारजाल निर्माण को दूसरी पंचायत भगवानपुर जूलो की सरहद में लगाए जाने की पुष्टि हुई। जिसे शासकीय धन का दुरुपयोग माना गया। वहीं ग्राम पंचायत द्वारा बिना अनुमति पीठ बाजार लगा कर करीब 90 हजार की धनराशि वसूलने के बावजूद शासकीय कोष में जमा न किए जाने की बात प्रकाश में आई।
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जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन ने बताया कि तारजाल निर्माण की 50 प्रतिशत वसूली तत्कालीन प्रधान और 25-25 प्रतिशत वसूली तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी और मनरेगा के जेई से की जाएगी, जबकि पीठ बाजार की 50 प्रतिशत वसूली तत्कालीन प्रधान और 50 प्रतिशत की वसूली तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी से की जाएगी।
आरोप निराधार हैं। मैंने तार-जाल निर्माण ग्राम पंचायत की हद में किया है। मेरी तरफ से पीठ बाजार की कोई वसूली नहीं की गई। जिलाधिकारी के आदेश के खिलाफ मैं कोर्ट की शरण लूंगा।
- रमेशचंद पूर्व प्रधान और वर्तमान जिला पंचायत सदस्य
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ब्यूरो/अमर उजाला
सेलाकुई।
जिलाधिकारी ने सहसपुर प्रखंड के पूर्व प्रधान और वर्तमान जिला पंचायत सदस्य रमेश चंद द्वारा मनरेगा और पीठ बाजार में की गई धांधली मामले में वसूली के आदेश दिए हैं। मामले में तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी से भी वसूली की जाएगी।
वर्ष 2012 में यशपाल सिंह, मायाराम, दौलत सिंह नेगी ने ग्राम पंचायत राजावाला के तत्कालीन ग्राम प्रधान के खिलाफ मनरेगा और पीठ बाजार में अनियमितता की शिकायत की थी। जिसकी जांच तत्कालीन जिला पंचायत अधिकारी ने की। जांच के बाद विभाग की ओर से कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। प्रधान की ओर से इसका संतोषजनक उत्तर नहीं दिया गया। तब मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। जिसके विरोध में गांव के संजीव नेगी ने हाईकोर्ट में रिट पीटिशन दायर की। जिस पर आदेश पारित करते हुए कोर्ट ने जिलाधिकारी को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए।
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डीएम के निर्देश पर जांच कमेटी ने आरोपों की जांच की। जांच में ग्राम पंचायत राजावाला के खादर में 4.91 लाख के प्रस्तावित तारजाल निर्माण को दूसरी पंचायत भगवानपुर जूलो की सरहद में लगाए जाने की पुष्टि हुई। जिसे शासकीय धन का दुरुपयोग माना गया। वहीं ग्राम पंचायत द्वारा बिना अनुमति पीठ बाजार लगा कर करीब 90 हजार की धनराशि वसूलने के बावजूद शासकीय कोष में जमा न किए जाने की बात प्रकाश में आई।
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जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन ने बताया कि तारजाल निर्माण की 50 प्रतिशत वसूली तत्कालीन प्रधान और 25-25 प्रतिशत वसूली तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी और मनरेगा के जेई से की जाएगी, जबकि पीठ बाजार की 50 प्रतिशत वसूली तत्कालीन प्रधान और 50 प्रतिशत की वसूली तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी से की जाएगी।
आरोप निराधार हैं। मैंने तार-जाल निर्माण ग्राम पंचायत की हद में किया है। मेरी तरफ से पीठ बाजार की कोई वसूली नहीं की गई। जिलाधिकारी के आदेश के खिलाफ मैं कोर्ट की शरण लूंगा।
- रमेशचंद पूर्व प्रधान और वर्तमान जिला पंचायत सदस्य