Lockdown: उत्तराखंड की 11 जेलों से पैरोल पर रिहा किए गए 610 कैदी, 281 को जल्द किया जाएगा रिहा
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प्रदेशभर की 11 जेलों से कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरे के चलते 610 कैदियों को पैरोल पर रिहा किया गया है। जेलों से 891 कैदियों को पैरोल पर रिहा किया जाना था। अब अगले चरण में बाकी कैदियों को भी रिहा किया जाना है। कुल कैदियों में से 120 कैदी देहरादून जेल के भी हैं।
पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार पहले चरण में रिहा किए जा रहे कैदियों में से 169 कैदी दूसरे प्रदेशों के भी हैं। इन सभी को उनके घरों तक छोड़ा जाएगा। मंगलवार को रिहा किए गए कैदियों के अलावा अब 281 कैदी बचे हैं, जिन्हें इस सप्ताह पैरोल पर रिहा किया जाएगा।
सभी कैदियों को उनके घर तक छोड़ने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन व जिला पुलिस की है। पिछले दिनों जस्टिस सुधांशु धुलिया की अध्यक्षता वाली समिति ने इन कैदियों को पैरोल पर रिहा करने का निर्णय लिया था। ऐसा सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के चलते किया गया है।
इन जुर्म के कैदियों को नहीं मिलेगी पैरोल
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव नेहा कुशवाह ने बताया कि समिति ने कुछ और भी दिशा निर्देश प्रशासन को दिए हैं। इनमें सबसे महत्वपूर्ण है कि समिति ने कुछ अपराध चिन्हित किए हैं, जिनके कैदियों को पैरोल पर रिहा नहीं किया जाएगा। इसका सभी को पालन करना होगा।
-पोक्सो के विचाराधीन और सजायाफ्ता कैदी।
-महिलाओं पर अपराध के कैदी।
-दंगा भड़काने के आरोपी और सजायाफ्ता कैदी।
-जाली करंसी छापने या संचालन करने वाले कैदी।
- बच्चों के अपहरण के आरोपी व सजायाफ्ता कैदी।
-एंटी करप्शन के मामलों में जेलों में बंद कैदी।
- आर्थिक अपराधों में बंद कैदी।
- गैंगेस्टर।
- कमर्शियल मात्रा में जिनके पास से नशीले पदार्थ बरामद हुए।