Coronavirus: ठीक होने के बाद भी रहता है संक्रमण का खतरा, बचाव के लिए डॉक्टर की ये सलाह जरूर मानें...
- डॉक्टरों की सलाह न हो निश्चिंत, सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क पहनना और खानपान के नियमों का पालन करना जरूरी
- सुपाच्य भोजन लेना, सांस संबंधी एक्सरसाइज और योग करना जरूरी
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भले ही ज्यादातर कोरोना मरीज स्वस्थ होकर अस्पताल से घर जा रहे हैं लेकिन, डॉक्टरों का कहना है कि हर किसी मरीज के शरीर में वायरस से लड़ने के लिए पर्याप्त एंटीबॉडी नहीं बन पाते। इसलिए अस्पताल से जाने के बाद भी उन्हें एहतियात बरतनी चाहिए।
मैक्स अस्पताल के सांस एवं छाती रोग विभाग के कंसल्टेंट एवं पल्मनोलॉजिस्ट डॉ. वैभव चाचरा ने बताया कि अगर वह स्वस्थ रहते हुए एल्कोहाल आदि नहीं लेंगे तो जान बचा सकते हैं। इसके अलावा खाने पीने का भी ख्याल रखें। क्योंकि यह सिर्फ फेफड़ों में ही नहीं, बल्कि पूरे शरीर में असर डालता है।
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यह लीवर पर भी असर डाल सकता है। फेफड़ों में सिकुड़न दे सकता है। इसलिए फेफड़ों की कुछ एक्सरसाइज करना भी जरूरी है। ताकि ऑक्सीजन का प्रवाह समुचित तरीके से होता रहे। ऐसे लोग भीड़भाड़ और सार्वजनिक स्थानों पर घूमने से परहेज करें।
ये बरतें एहतियात
क्योंकि जरूरी नहीं कि सभी के शरीर में पर्याप्त एंटीबॉडी विकसित हों। ऐसे में री-इंफेक्ट होने का डर रहता है। जिसमें रिस्क ज्यादा रहता है। हिमालयन अस्पताल जॉलीग्रांट की सांस एवं छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. राखी खंडूरी ने बताया कि जो कोविड-19 मरीज स्वस्थ हो गया है, उन्हें सोशल डिस्टेंसिंग रखना, मास्क पहनना और खानपान जैसे नियमों का पालन करना बहुत जरूरी है।
वह यह न सोचें कि अस्पताल से स्वस्थ होकर वह घर आ चुके हैं तो कोरना अब उनको दोबारा नहीं होगा। उन्हें अपने लिए और अन्य लोगों के लिए भी गाइडलाइन के हिसाब से रहना बहुत जरूरी है। विदेशों में जो केस आए हैं, उनमें दोबारा संक्रमित होने के मामले बढ़े हैं।
कोरोना निगेटिव आने का मतलब यह नहीं है कि वह पूरी तरह से कोरोना वायरस से मुक्त हो गए हैं। इसके बाद भी शरीर में वायरस रहते हैं। इसलिए उन्हें सुपाच्य भोजन लेना और उसके साथ-साथ सांस संबंधी एक्सरसाइज, योग आदि करना जरूरी है।