उत्तराखंड में कोरोना की दूसरी लहर: कोविड कर्फ्यू में एक लाख प्रवासी लौटे अपने घर
देशभर में कोरोना संक्रमण बढ़ने के बाद बड़ी संख्या में प्रवासियों ने उत्तराखंड लौटना शुरू कर दिया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कोरोना की दूसरी लहर के बीच विभिन्न राज्यों में चल रहे कोरोना कर्फ्यू में एक लाख प्रवासी उत्तराखंड लौटे हैं। इनमें सबसे ज्यादा संख्या अल्मोड़ा की है, जबकि दूसरे नंबर पर पौड़ी गढ़वाल है। इन सभी प्रवासियों ने स्मार्ट सिटी देहरादून पोर्टल पर अपने पंजीकरण कराए हैं।
उत्तराखंड में कोरोना: 6173 मरीज हुए ठीक, सामने आए 3050 नए संक्रमित, 53 की मौत
स्मार्ट सिटी पोर्टल की ओर से जारी की गई जानकारी के मुताबिक, 21 अप्रैल से 22 मई तक प्रदेश के विभिन्न जनपदों में कुल एक लाख 667 प्रवासियों ने उत्तराखंड वापसी के लिए अपना पंजीकरण कराया है। इनमें बड़ी संख्या उन प्रवासियों की है, जो अपने गांवों में लौटे हैं।
कोरोना काल में ठगी: सावधान! ई-वैक्सीनेशन कार्ड के क्यूआर कोड से भी आपको लग सकता है चूना
प्रदेश के पर्वतीय जिलों में सरकार के लिए कोरोना संक्रमण को रोकना बड़ी चुनौती बना हुआ है। इस चुनौती के बीच सरकार लगातार प्रयास कर रही है। उत्तरकाशी में करीब एक माह के अंतराल में सबसे कम केवल 861 प्रवासी ही लौटे हैं। अन्य जिलों में लगातार लोगों के लौटने का सिलसिला जारी है।
उत्तराखंड में कोरोना : तीसरी लहर के खतरे के बीच राज्य में पिछले बीस दिनों में 2044 बच्चे हुए संक्रमित
स्मार्ट सिटी पोर्टल पर पंजीकरण जरूरी
किसी भी दूसरे राज्य में रहने वाले उत्तराखंडी को वापस अपने घर लौटने के लिए स्मार्ट सिटी पोर्टल पर पंजीकरण जरूरी है। इस पंजीकरण के आधार पर ही उन्हें प्रदेश की किसी भी सीमा से प्रवेश दिया जा रहा है। लौटने के बाद क्वारंटीन व अन्य सभी नियम पूर्व की भांति हैं। सभी जिलों में ग्राम स्तर तक सरकार कोविड रोकथाम के लिए ग्राम प्रधानों की अगुवाई में काम कर रही है।
किस जिले में आए कितने प्रवासी
अल्मोड़ा- 31,218
बागेश्वर- 2956
चमोली- 2658
चंपावत- 3097
देहरादून- 7229
हरिद्वार- 4307
नैनीताल- 8240
पौड़ी - 22,196
पिथौरागढ़ - 3649
रुद्रप्रयाग- 1934
टिहरी- 6888
ऊधमसिंह नगर - 5434
उत्तरकाशी- 861