उत्तराखंड : वैक्सीन आयात करने के प्रयासों को झटका, ग्लोबल टेंडर में एक भी कंपनी नहीं आई
प्रदेश में 18 से 44 और 45 आयु वर्ग को कोविड टीके लगाने के लिए वैक्सीन की किल्लत चल रही है। केंद्र की ओर से खपत के मुताबिक वैक्सीन नहीं मिल रही है। वहीं राज्य सरकार की ओर से वैक्सीन खरीदी जा रही है।
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प्रदेश में कोरोना टीकाकरण के लिए दूसरे देशों से वैक्सीन आयात करने के प्रयासों को झटका लगा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से किए गए ग्लोबल टेंडर में एक भी कंपनी नहीं आई है। जिससे टेंडर की तारीख को 31 मई तक बढ़ाया गया है।
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प्रदेश में 18 से 44 और 45 आयु वर्ग को कोविड टीके लगाने के लिए वैक्सीन की किल्लत चल रही है। केंद्र की ओर से खपत के मुताबिक वैक्सीन नहीं मिल रही है। वहीं राज्य सरकार की ओर से वैक्सीन खरीदी जा रही है। इसके बावजूद भी वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं है।
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वैक्सीन की कमी को देखते हुए सरकार ने टीके आयात करने के लिए ग्लोबल टेंडर की अनुमति दी थी। 15 मई को स्वास्थ्य विभाग ने ग्लोबल टेंडर आमंत्रित किए। जिसमें कंपनियों को 20 लाख वैक्सीन की आपूर्ति करने के लिए 10 दिन के भीतर टेंडर भरने का समय दिया गया था। टेंडर की समय सीमा पूरी होने तक एक भी कंपनी ने भाग नहीं लिया।
बता दें कि वैश्विक स्तर पर कोविड वैक्सीन की भारी मांग है। जिससे कंपनियां कम समय में वैक्सीन की आपूर्ति करने के लिए हाथ खड़े कर रही हैं। स्वास्थ्य विभाग ने ग्लोबल टेंडर को 31 मई तक बढ़ाया है। साथ ही विभाग की ओर से वैक्सीन आयात करने वाली कंपनियों से भी संपर्क किया जा रहा है। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. तृप्ति बहुगुणा का कहना है कि ग्लोबल टेंडर में निविदा भरने की तारीख एक सप्ताह के लिए बढ़ाई गई है।
उत्तराखंड : वाहन स्वामियों को सरकार दे सकती है बड़ी राहत, कैबिनेट में आएगा प्रस्ताव
कोविड कर्फ्यू में बुरे दौर से गुजर रहे वाहन स्वामियों को सरकार बड़ी राहत देने की तैयारी कर रही है। इसके लिए जल्द ही कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव लाया जाएगा।
ट्रांसपोर्टरों के एक प्रतिनिधिमंडल ने कैबिनेट मंत्री एवं सरकारी के शासकीय प्रवक्ता सुबोध उनियाल से वार्ता की। वार्ता में उन्होंने बताया कि कोरोना लॉकडाउन में गत वर्ष सरकार ने 50 फीसदी यात्री क्षमता करने के साथ ही किराया दोगुना कर दिया था, जिससे उन्हें कुछ राहत मिली थी। लेकिन इस बार सरकार किराए में बढ़ोतरी करने को तैयार नहीं है, जिससे उन्हें भारी नुकसान हो रहा है।
पहाड़ों में सेवाएं देने वाले ट्रांसपोर्टरों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। उत्तराखंड बस ऑपरेटर महासंघ को मंत्री सुबोध उनियाल ने आश्वासन दिया है कि सरकार की तरफ से वाहन स्वामियों को ख्याल रखा जाएगा। 50 प्रतिशत सवारी बिठाने पर जो नुकसान वाहन स्वामियों का हो रहा है, उसकी भरपाई सरकार की ओर से की जाएगी। सुबोध उनियाल का कहना है कि मुख्यमंत्री के साथ उनकी इस संबध में वार्ता हो गई है।
मुख्यमंत्री ने भी वाहन स्वामियों को राहत देने की बात कही है। उन्होंने कहा कि कैबिनेट बैठक में इस संबंध में प्रस्ताव लाया जाएगा। उम्मीद जताई जा रही है कि सरकार वाहन स्वामियों को राहत देने के लिए कुछ राशि दे सकती है, जो कि 12 से 15 हजार हो सकती है।
हालांकि कैबिनेट में प्रस्ताव पास होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। वहीं, सरकार की तरफ से मिले आश्वासन पर उत्तराखंड बस ऑपरेटर महासंघ के संयोजक मनोज ध्यानी का कहना है कि सरकार की ओर से उन्हें सकारात्मक आश्वासन मिला है। जिसके लिए वह सरकार के आभारी हैं।