फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Raksha Bandhan Cyber Fraud Scammers Target Siblings With Fake Gift Links Coupons Dehradun Uttarakhand news

रक्षाबंधन: साइबर ठगों के निशाने पर भाई-बहन का प्यार, गिफ्ट और कूपन के नाम पर आए लिंक, तो जल्दबाजी न करें

Thu, 27 Aug 2026 03:52 PM IST
Renu Saklani अंकित सिंह, माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून
अंकित सिंह, माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून Published by: Renu Saklani Updated Thu, 27 Aug 2026 03:52 PM IST
सार

रक्षाबंधन पर भाई-बहन के रिश्ते की भावनाओं को साइबर ठग अपना हथियार बनाने की तैयारी में हैं। गिफ्ट, सरप्राइज और राखी पार्सल के नाम पर भेजे जा रहे फर्जी लिंक के जरिए लोगों को ठगी के जाल में फंसाने की कोशिश की जा रही है।

विज्ञापन
Raksha Bandhan Cyber Fraud Scammers Target Siblings With Fake Gift Links Coupons Dehradun Uttarakhand news
साइबर क्राइम। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

भाई-बहन के प्यार और पवित्र रिश्ते के त्योहार रक्षाबंधन पर साइबर ठगों की कुदृष्टि है। त्योहार की भावनात्मकता को हथियार बनाकर ठग लोगों को राखी गिफ्ट, स्पेशल सरप्राइज, गिफ्ट वाउचर और फ्री कूपन जैसे संदेश भेजकर जाल में फंसाने की तैयारी में हैं। राखी का पार्सल रुका होने, पते में गड़बड़ी या डिलीवरी के लिए मामूली शुल्क जमा करने का झांसा देकर भी फर्जी लिंक भेजे जा रहे हैं। उत्तराखंड एसटीएफ ने ऐसे संदेशों और लिंक से सतर्क रहने की अपील की है।

विज्ञापन

एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि ठग व्हाट्सएप और एसएमएस के जरिये आकर्षक ऑफर या राखी गिफ्ट का संदेश भेज रहे हैं। संदेश में दिए लिंक पर क्लिक करते ही फर्जी वेबसाइट या पेमेंट पेज खुलता है। यहां गिफ्ट पाने या ऑफर का लाभ लेने के नाम पर यूपीआई से भुगतान कराने के साथ ओटीपी, यूपीआई पिन और बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी हासिल करने का प्रयास किया जाता है। इसलिए साइबर ठगों के इन तरीकों के प्रति सावधान रहने की आवश्यकता है।

विज्ञापन

राखी का पार्सल रुका होने का झांसा

ठगी का एक तरीका राखी के पार्सल से जुड़ा है। ठग खुद को कूरियर या डाक विभाग का कर्मचारी बताकर फोन और मैसेज कर रहे हैं। इसके बाद पार्सल में पता गलत होने, डिलीवरी अटकने या कस्टम और प्रोसेसिंग फीस जमा करने की बात कही जाती है। कई बार भरोसा जीतने के लिए सिर्फ 20 या 50 रुपये जैसी छोटी रकम जमा करने को कहा जाता है। इसके लिए भेजे गए फर्जी लिंक के जरिये बैंक या यूपीआई संबंधी जानकारी हासिल कर खाते से रकम उड़ाई जा सकती है।

गिफ्ट के चक्कर में न गंवाएं रकम

साइबर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी गिफ्ट को प्राप्त करने के लिए ओटीपी या यूपीआई पिन साझा करने की जरूरत नहीं होती। पुलिस ने अपील की है कि किसी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, यूपीआई पिन, बैंक खाते या कार्ड संबंधी जानकारी साझा न करें। किसी आकर्षक ऑफर या पार्सल संबंधी संदेश की सत्यता संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या ग्राहक सेवा से जांचने को कहा गया है।

ये भी पढे़ं...केदारनाथ हेली सेवा: डीजीसीए की टीम जल्द ही करेगी निरीक्षण; 15 सितंबर से संचालित करने की तैयारी

बरतें ये सावधानियां

- अत्यधिक मुनाफे, लॉटरी या फ्री गिफ्ट वाले ऑफर और संदेशों पर भरोसा न करें।

- किसी से भी ओटीपी और पिन शेयर न करें।

- अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करें।

- किसी अनजान एप या एपीके फाइल को इंस्टॉल न करें।

- फोन में स्क्रीन शेयरिंग ऐप्स न डाउनलोड करें

- साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर कॉल करें।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed