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ऋषिकेश: बाबा रामदेव के बयान पर डॉक्टरों में उबाल, कहा- जान पर बन आई तो एलोपैथिक अस्पताल आया था याद
Wed, 26 May 2021 02:30 AM IST
अलका त्यागी
जितेंद्र जोशी, अमर उजाला, ऋषिकेश
जितेंद्र जोशी, अमर उजाला, ऋषिकेश
Published by: अलका त्यागी
Updated Wed, 26 May 2021 02:30 AM IST
सार
हाल ही में एलोपैथिक डॉक्टरोंं को लेकर दिए गए एक बयान को लेकर बाबा रामदेव चर्चाओं में हैं। वहीं, उनके बयान पर डॉक्टरों में उबाल बना हुआ है।
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बाबा रामदेव
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
बाबा रामदेव के लाखों मरीजों की मौत के लिए एलोपैथिक दवाओं को जिम्मेदार बताने से योगनगरी के चिकित्सकों में जबरदस्त उबाल है। चिकित्सकों का कहना है कि जब बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण की तबीयत बिगड़ती है तो उनको एलोपैथिक अस्पताल याद आते हैं। लेकिन अब उनकी जान बचाने वाले चिकित्सकों और चिकित्सा पद्धति पर ही वे सवाल उठा रहे हैं।
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मैं एक एलोपैथिक चिकित्सक हूं और आयुर्वेद का कोई ज्ञान नहीं रखता। इसलिए मैं केवल एलोपैथ चिकित्सा पद्धति की बात कर सकता हूं। एलोपैथ में सालों के शोध और क्लीनिकल ट्रायल के बाद किसी दवा को मरीजों के उपचार के लिए मंजूरी मिलती है। बाबा रामदेव को जब एलोपैथिक चिकित्सा का प्राथमिक ज्ञान भी नहीं है तो बेवजह बयान क्यों दे रहे हैं।
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- डॉ. हरिओम शर्मा, शाखा अध्यक्ष, आईएमए, ऋषिकेश
जब एनडीएआरएफ के जवान आपदा पीड़ितों का बचाते हुए शहीद हो जाते हैं तब क्या उनको मूर्ख कहा जाता है। कोरोना संक्रमितों के जीवन को बचाने के लिए चिकित्सक अपनी जान दे रहे हैं और बाबा रामदेव उनके बलिदान का मजाक उड़ा रहे हैं। अगर बाबा रामदेव को आयुर्वेद पर इतना भरोसा है तो केंद्र सरकार से वार्ता कर कोराना की तीसरी लहर के लिए तमाम चिकित्सा व्यवस्था की जिम्मेदारी अपने हाथों में लें।
- डॉ.उत्तम खरोला, शाखा सचिव, आईएमए, ऋषिकेश
अब तक केवल एलोपैथिक चिकित्सक ही कोरोना संक्रमितों का इलाज कर रहे हैं। कई चिकित्सकों ने मरीजों का इलाज करते हुए अपना बलिदान भी दिया है। वहीं कई चिकित्सक संक्रमण को मात देकर काम पर वापस लौटे हैं। बाबा रामदेव ये बताएं कि कोरोना संक्रमण से लोगों को बचाने के लिए उन्होंने कितना योगदान दिया। वे स्वयं एलोपैथिक अस्पताल में भर्ती होते हैं तो कहते हैं कि इमरजेंसी में एलोपैथिक चिकित्सा पद्धति कारगर है।
- डॉ.अजय शर्मा, चिकित्सा निदेशक, निर्मल आश्रम ऋषिकेश
इस समय केवल एलोपैथिक चिकित्सक ही कोरोना संक्रमितों का इलाज कर रहे हैं। अगर कोरोना संक्रमितों की बीमारी से मौत हुई है तो एक बड़ी आबादी ऐसी भी जो स्वस्थ होकर घर भी लौटी है। बाबा रामदेव बताएं क्या किसी अस्पताल में आयुर्वेदिक पद्धति से भी इलाज चल रहा है। जब मरीज गंभीर स्थिति में होता है तो स्टेरॉयड और एंटीकोग्युलेंट, रेमडेसिविर, एम्फोटेरिसिन जैसी दवाएं ही मरीजों को बचाने में काम आती है।
- डॉ. हरीश द्विवेदी, वरिष्ठ हड्डी रोग विशेषज्ञ