Coronavirus in Uttarakhand : 10 से कम, 65 साल से अधिक उम्र वालों को होम क्वारंटीन की छूट
- गर्भवती, परिजन की मौत, गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों को स्वास्थ्य विभाग की संस्तुति पर होम क्वारंटीन की सुविधा
- जिलाधिकारी ने जारी किया आदेश, जिले में 1400 लोगों को किया जा चुका है क्वारंटीन
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दूसरे राज्यों से देहरादून जिले में आने वाले 10 साल तक के बच्चे और 65 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों को होम क्वारंटीन की छूट दी गई है। वहीं, गर्भवती महिलाओं, परिजन की मौत, गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों को भी राहत दी गई है, लेकिन उन्हें यह सुविधा नोडल अधिकारी एवं स्वास्थ्य जांच टीम की संस्तुति के बाद ही मिलेगी।
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बुधवार को जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने इस संबंध में आदेश जारी कर बताया कि प्रदेश सरकार ने क्वारंटीन के नियमों में राहत दी है। जिसके तहत जिले में आने वाले ऐसे लोग, जिनके बच्चे की उम्र 10 वर्ष तक है, उन्हें होम क्वारंटीन की छूट दी जाएगी।
इसी तरह 65 वर्ष की आयु के वरिष्ठ नागरिक, गर्भवती महिलाएं, किसी परिजन की मौत होने, गंभीर रोग से पीड़ित व्यक्तियों को जांच के बाद स्वास्थ्य विभाग की अनुमति के बाद होम क्वारंटीन की परमिशन दी जाएगी।
क्वारंटीन सेंटरों में शिक्षक व पीआरडी जवान तैनात किए
उन्होंने बताया कि देश के विभिन्न स्थानों से ड्यूटी पर आने वाले सेना, अर्द्ध सैनिक बलों के अधिकारी व जवान तथा उनके परिजनों के लिए संबंधित यूनिट के कैंप में बनाए गए क्वारंटीन सेंटर में रखे जा सकेंगे।
जांच के बाद नोडल अधिकारी एवं स्वास्थ्य जांच टीम की संस्तुति पर संबंधित यूनिट में रखने की अनुमति शासन की ओर से दी जाएगी। उनके मुताबिक जिले में अब तक करीब 1400 लोगों को क्वारंटीन किया गया है।
डीएम ने बताया कि विदेश या दूसरे राज्य से वाले प्रवासियों को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए 14 दिन का इंस्टीट्यूशनल क्वारंटीन जरूरी है। इसके लिए बनाए गए सेंटरों में भोजन, बिस्तर, बिजली, पानी, पंखे आदि के लिए शिक्षकों को तैनात किया गया है। साथ ही चिकित्सकीय स्टाफ की मदद के लिए पीआरडी जवानों की तैनाती भी की गई है।