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CM Dhami: केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मिले मुख्यमंत्री, बिजली आपूर्ति के लिए किया अनुरोध
Thu, 27 Jun 2024 12:15 PM IST
रेनू सकलानी
अमर उजाला ब्यूरो , देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो , देहरादून
Published by: रेनू सकलानी
Updated Thu, 27 Jun 2024 12:15 PM IST
सार
सीएम धामी ने केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर से उत्तराखंड के लिए केंद्रीय तापीय संयंत्रों से 500 मेगावाट अतिरिक्त विद्युत आपूर्ति उत्तराखण्ड राज्य को स्थायी रूप से आवंटित किये जाने का अनुरोध किया।
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मुख्यमंत्री धामी ने नई दिल्ली में की केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय मंत्री, आवास एवं शहरी मामले और केंद्रीय मंत्री ऊर्जा के दायित्व का कार्यभार ग्रहण किए जाने पर खट्टर को बधाई और शुभकामनाएं दीं।
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मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से केन्द्रीय तापीय संयंत्रों से 500 मेगावाट अतिरिक्त विद्युत आपूर्ति उत्तराखण्ड राज्य को स्थायी रूप से आवंटित किए जाने का अनुमोदन प्रदान करने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड राज्य में विद्युत उत्पादन के लिए केवल जल विद्युत ऊर्जा उत्पादन केन्द्रों की उपलब्धता है, जिसके फलस्वरूप राज्य के कुल 55% से अधिक ऊर्जा जल विद्युत ऊर्जा स्रोतों से प्राप्त होती है।
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कोयला आधारित संयंत्रों से राज्य के एनर्जी मिक्स में केवल 15% ऊर्जा ही प्राप्त होती है। जिसके फलस्वरूप राज्य में बेस लोड क्षमता का अभाव राज्य की ऊर्जा सुरक्षा के लिए कठिन चुनौती बनता जा रहा है। शीत ऋतु में राज्य के जल विद्युत ऊर्जा स्रोतों से औसतन 300-400 मेगावाट ऊर्जा ही प्राप्त हो पाती है, जो ऊर्जा सुरक्षा की स्थिति को और गम्भीर बनाती है।
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मांग एवं उपलब्धता का अन्तर लगातार बढ़ता जा रहा
उन्होंने बताया कि राज्य में लगभग 4800 मेगावाट क्षमता की जलविद्युत परियोजनाओं का निर्माण मुख्यतः पर्यावरणीय कारणों से विभिन्न मा० न्यायालयों अथवा अन्य स्तरों पर लंबित है, जिस कारण राज्य में उपलब्ध जल शक्ति का विकास न हो पाने के कारण राज्य में विद्युत की मांग एवं उपलब्धता का अन्तर लगातार बढ़ता जा रहा है।
कहा कि आगामी पांच वर्षों में राज्य की आर्थिकी को दोगुना करने का लक्ष्य है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए राज्य के आधारभूत ढांचे में व्यापक वृद्धि की जानी है, जिसमें राज्य में औद्योगिकीकरण, सेवा क्षेत्र जिसमें पर्यटन से जुड़ा आधारभूत ढांचा मुख्य है। कृषि एवं वानिकी और शिक्षा आदि क्षेत्रों में मुख्य रूप से निवेश आकर्षित हो रहा है, जिसके फलस्वरूप निकट भविष्य में विद्युत की मांग में तेज वृद्धि अपेक्षित है।
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मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से राज्य की बेस लोड की आवश्यकताओं को पूर्ण किए जाने और विद्युत की मांग और उपलब्धता के अन्तर को कम किए जाने के लिए केन्द्रीय तापीय संयंत्रों से 500 मेगावाट अतिरिक्त विद्युत आपूर्ति उत्तराखंड राज्य को स्थायी रूप से आवंटित किए जाने का अनुमोदन प्रदान करने का अनुरोध किया।