Chardham yatra: धामों में तीर्थयात्रियों की भीड़ के आगे टोकन व्यवस्था फेल; दर्शनार्थियों का आंकड़ा 20 लाख पार
धामों में भीड़ नियंत्रण व सुगम दर्शन के लिए बीते वर्ष टोकन व्यवस्था लागू की थी। इस बार भी दावा किया था कि टोकन व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा। लेकिन भीड़ के चलते टोकन व्यवस्था फेल हो गई है।
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चारधाम यात्रा में तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ उमड़ रही है। धामों में भीड़ नियंत्रण करने में खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। भीड़ के आगे टोकन व्यवस्था फेल हो गई है। भीड़ का अंदाजा चारधामों में प्रतिदिन दर्शन कर रहे 75 से 80 हजार श्रद्धालुओं से लगाया जा सकता है। 19 अप्रैल से 22 मई तक दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं का आंकड़ा 20 लाख पार हो गया है।
प्रदेश सरकार ने धामों में भीड़ नियंत्रण व सुगम दर्शन के लिए बीते वर्ष टोकन व्यवस्था लागू की थी। इस बार भी दावा किया था कि टोकन व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा। तीर्थयात्रियों को दर्शन के लिए लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। तीर्थयात्रियों को दर्शन करने का समय दिया जाएगा।
धामों के कपाट खुलने से ही भीड़ लगातार बढ़ रही है। गंगोत्री, यमुनोत्री व केदारनाथ में टोकन काउंटर लगाए गए हैं। लेकिन भीड़ के चलते टोकन व्यवस्था फेल हो गई है। टोकन वाले यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ता है। कई बार वहां पर श्रद्धालुओं के बीच धक्का मुक्की की स्थिति बन रही है।
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पर्यटन विभाग की ओर से गंगोत्री धाम में बस अड्डे और यमुनोत्री धाम में घोड़ा पड़ाव पर टोकन काउंटर लगाए गए हैं। केदारनाथ धाम में मंदिर से पहले टोकन काउंटर स्थापित है। जबकि बदरीनाथ धाम में टोकन व्यवस्था नहीं है। अधिक भीड़ होने के कारण कई यात्री बिना टोकन ही दर्शन के लिए निकल जा रहे हैं।
उत्तरकाशी के जिला पर्यटन अधिकारी केके जोशी ने बताया कि टोकन काउंटर और मंदिर के बीच पैदल दूरी के कारण कई लोग टोकन होने के बावजूद भी देरी से दर्शन कर पाते हैं। इसको व्यवस्थित करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं, उप जिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल रावत ने बताया कि केदारनाथ में टोकन व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित की जा रही है और श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से दर्शन कराए जा रहे हैं।