फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Char Dham Yatra 2026 Cyber Thugs New Pattern for Fraud with Pilgrims stf Told about Security

Char dham Yatra: सावधान! चारधाम श्रद्धालुओं को कंगाल करने के लिए ठग बुन रहे मायाजाल, अपना रहे ये तरीका

Sun, 31 May 2026 01:01 PM IST
Alka Tyagi अंकित सिंह, अमर उजाला, देहरादून
अंकित सिंह, अमर उजाला, देहरादून Published by: Alka Tyagi Updated Sun, 31 May 2026 01:01 PM IST
सार

साइबर ठग आईआरसीटीसी की असली वेबसाइट से मिलते-जुलते यूआरएल बनाकर और वीआईपी दर्शन व कन्फर्म टिकट का झांसा देकर धोखाधड़ी कर रहे हैं।

विज्ञापन
Char Dham Yatra 2026 Cyber Thugs New Pattern for Fraud with Pilgrims stf Told about Security
- फोटो : FREEPIK

विस्तार

चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को हेलिकॉप्टर टिकट और वीआईपी दर्शन का झांसा देकर ठगने वाले बड़े संगठित साइबर गिरोह का उत्तराखंड एसटीएफ ने पर्दाफाश किया है। करीब डेढ़ महीने तक लगातार डिजिटल निगरानी, तकनीकी विश्लेषण और साइबर ट्रेल खंगालने के बाद एसटीएफ ने बिहार के नालंदा जिले से गिरोह के दो मुख्य सदस्यों को गिरफ्तार किया।

विज्ञापन


एसटीएफ की चारधाम यात्रा एंटी हेली फ्रॉड सेल ने जांच के दौरान 143 संदिग्ध यूआरएल, फर्जी वेबसाइटों और 27 व्हाट्सएप नंबरों की पड़ताल की। एसटीएफ की एंटी हेली फ्रॉड सेल चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को ठगी से बचाने के लिए अब तक 300 से अधिक फर्जी सोशल मीडिया लिंक और 100 से ज्यादा संदिग्ध व्हाट्सएप नंबरों को ब्लॉक करा चुकी है।
विज्ञापन


साइबर ठग आईआरसीटीसी की असली वेबसाइट से मिलते-जुलते यूआरएल बनाकर और वीआईपी दर्शन व कन्फर्म टिकट का झांसा देकर धोखाधड़ी कर रहे थे। 134 से अधिक मामले भी दर्ज किए हैं। ठग गूगल सर्च पर फर्जी विज्ञापन चलाते हैं जिससे उनकी नकली वेबसाइट सबसे ऊपर दिखाई देती है। इसके बाद व्हाट्सएप कॉल या मैसेज के जरिये फर्जी क्यूआर कोड भेजकर पैसे ऐंठते हैं। साइबर पुलिस ने ठगी में इस्तेमाल हो रहे कई अवैध बैंक खातों और मोबाइल नंबरों को भी फ्रीज किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


Srinagar: लगातार बारिश से भूस्खलन की आशंका, प्रशासन ने चारधाम तीर्थयात्रियों को श्रीनगर में रोका

अपराध करने का तरीका

- ठग खुद को अधिकृत हेली सेवा प्रदाता या एजेंट बताकर फर्जी नंबर, फर्जी सोशल मीडिया पेज व फर्जी बेबसाइबट संचालित करते थे।
- सोशल मीडिया एवं मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से श्रद्धालुओं को टारगेट किया जाता था।
- वीआईपी दर्शन, तुरंत कन्फर्म टिकट, सीमित सीट जैसे झूठे प्रलोभन देकर विश्वास में लिया जाता था।
- विभिन्न व्यक्तियों के बैंक खाते खुलवाकर उन्हें म्यूल अकाउंट के रूप में इस्तेमाल किया जाता था।
- ठगी की धनराशि इन खातों में ट्रांसफर कर एटीएम के माध्यम से निकासी की जाती थी।
- गिरोह के सदस्यों के बीच 15 से 25 प्रतिशत तक कमीशन का बंटवारा किया जाता था।

एनसीआरपी शिकायतों से जुड़े मिले बैंक खाते

जांच के दौरान गिरफ्तार आरोपियों से जुड़े बैंक खातों पर राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) में कई शिकायतें दर्ज मिलीं। व्हाट्सएप चैट्स से बैंक खाते, एटीएम कार्ड और क्यूआर कोड के आदान-प्रदान के प्रमाण भी मिले हैं। पुलिस का मानना है कि गिरोह कई राज्यों में सक्रिय है और इसके अन्य सदस्य अभी फरार हैं।

श्रद्धालुओं को हेलिकॉप्टर बुकिंग केवल आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ही करना चाहिए। किसी भी अनजान लिंक, सोशल मीडिया पेज या व्हाट्सएप नंबर के झांसे में न आएं। साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल 1930 हेल्पलाइन या नजदीकी साइबर थाने से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
- अजय सिंह, एसएसपी, एसटीएफ

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed