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Dehradun News: बहनों ने भाई का तिलक कर की दीर्घायु की कामना
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Iक्षेत्र में धूमधाम से मनाया गया भैयादूज, भाईयों ने बहनों को भेंट किए उपहार
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Iबसों और मिठाई की दुकानों में रही लोगों की भीड़I
पछवादून क्षेत्र में भाई-बहन के अटूट प्रेम का त्योहार भैया दूज बड़े श्रद्धाभाव के साथ मनाया गया। बहनों ने भाई के माथे पर तिलक कर उनकी दीर्घायु की कामना की। वहीं, भाईयों ने बहनों को उपहार भेंट कर उनकी रक्षा और सहायता का वचन दिया। भैया दूज के चलते बसों और मिठाई की दुकानों में लोगों की भीड़ रही।
बुधवार को भैया दूज के चलते बाजारों में सुबह से रौनक दिखी। बहनों से भाईयों का मुंह मीठा करने के लिए दुकानों से तरह-तरह की मिठाईयां खरीदीं। मिठाई की दुकानों में दिनभर जबरदस्त भीड़ रही है। बहनों से भाईयों को भेंट करने के लिए नारियल और फल भी खरीदे। भाई बहनों के अथिति बनकर उनके घर पहुंचे। इस दौरान विकासनगर, हरबर्टपुर, सहसपुर और सेलाकुई से रोडवेज बस पूरी तरह से यात्रियों से पैक होकर चलीं। बहनों ने भाईयों को घर पर बनाए स्वदिष्ट पकवान और खीर हलवा आदि भी खिलाया। कई भाई लंबे समय बाद त्योहार में बहन मिलने आए। ऐसे में बहनों और भाईयों के बीच काफी देर बातचीत और हालचाल लेने का दौर चलता रहा है।
ज्योतिषाचार्य डॉ. सुनील पैन्यूली ने बताया कि भाईदूज मनाने के पीछे यम और यमुना से जुड़ी एक पौराणिक कथा है। बताया कि मान्यता है कि भाई इस दिन यमुना नदी में स्नान कर अपनी बहन के अथिति बनकर उनके घर जाते हैं। बताया कि बहन भाई का तिलक करतीं हैं। इससे यम का भय समाप्त हो जाता है। अगर भाई-बहन यमुना नदी में स्नान करते हैं तो दोनों में यम का भय नहीं रहता है।
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Iबसों और मिठाई की दुकानों में रही लोगों की भीड़I
पछवादून क्षेत्र में भाई-बहन के अटूट प्रेम का त्योहार भैया दूज बड़े श्रद्धाभाव के साथ मनाया गया। बहनों ने भाई के माथे पर तिलक कर उनकी दीर्घायु की कामना की। वहीं, भाईयों ने बहनों को उपहार भेंट कर उनकी रक्षा और सहायता का वचन दिया। भैया दूज के चलते बसों और मिठाई की दुकानों में लोगों की भीड़ रही।
बुधवार को भैया दूज के चलते बाजारों में सुबह से रौनक दिखी। बहनों से भाईयों का मुंह मीठा करने के लिए दुकानों से तरह-तरह की मिठाईयां खरीदीं। मिठाई की दुकानों में दिनभर जबरदस्त भीड़ रही है। बहनों से भाईयों को भेंट करने के लिए नारियल और फल भी खरीदे। भाई बहनों के अथिति बनकर उनके घर पहुंचे। इस दौरान विकासनगर, हरबर्टपुर, सहसपुर और सेलाकुई से रोडवेज बस पूरी तरह से यात्रियों से पैक होकर चलीं। बहनों ने भाईयों को घर पर बनाए स्वदिष्ट पकवान और खीर हलवा आदि भी खिलाया। कई भाई लंबे समय बाद त्योहार में बहन मिलने आए। ऐसे में बहनों और भाईयों के बीच काफी देर बातचीत और हालचाल लेने का दौर चलता रहा है।
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ज्योतिषाचार्य डॉ. सुनील पैन्यूली ने बताया कि भाईदूज मनाने के पीछे यम और यमुना से जुड़ी एक पौराणिक कथा है। बताया कि मान्यता है कि भाई इस दिन यमुना नदी में स्नान कर अपनी बहन के अथिति बनकर उनके घर जाते हैं। बताया कि बहन भाई का तिलक करतीं हैं। इससे यम का भय समाप्त हो जाता है। अगर भाई-बहन यमुना नदी में स्नान करते हैं तो दोनों में यम का भय नहीं रहता है।
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