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अटल आयुष्मान योजना: मरीज के पास गोल्डन कार्ड, चांदी काट रहे अस्पताल
Tue, 17 Sep 2019 03:36 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Tue, 17 Sep 2019 03:36 PM IST
सार
- योजना में कार्ड धारक मरीजों और तीमारदारों से वसूला इलाज का खर्चा
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प्रतीकात्मक
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विस्तार
अटल आयुष्मान योजना में पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज कराने के लिए मरीजों के पास गोल्डन कार्ड होने के बावजूद भी अस्पताल चांदी काट रहे हैं। अस्पतालों ने कार्ड के आधार पर मरीज का इलाज तो किया, लेकिन इलाज पर जो खर्चा हुआ है, उसकी वसूली मरीज और तीमारदारों से कर ली। यही नहीं मरीज का कैशलेस इलाज दिखा कर सरकार से भी क्लेम ले लिया है। राज्य अटल आयुष्मान योजना की एंटी फ्राड कमेटी की जांच में कई निजी प्राइवेट अस्पतालों में इस तरह के मामले पकड़े गए।
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केंद्र और प्रदेश सरकार अटल आयुष्मान योजना में गोल्डन कार्ड धारकों को पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा प्रदान कर रही है। योजना के तहत बीमारों इलाज उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश में 167 सरकारी और निजी अस्पताल सूचीबद्ध हैं। योजना में अनुबंध के अनुसार सूचीबद्ध अस्पतालों को मरीज का पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज करना है। इसमें सर्जरी से लेकर दवाइयां, जांच सब कुछ शामिल है। अस्पतालों को मरीज के इलाज पर होने वाले खर्च का क्लेम सरकार से लेना होता है, लेकिन सूचीबद्ध अस्पतालों ने ही गोल्डन कार्ड धारक मरीजों से चांदी काटी है। अस्पतालों ने कार्ड के आधार पर मरीज को इलाज की सुविधा तो दी, लेकिन मरीज को डिस्चार्ज करते समय इलाज का पूरा खर्च वसूला और सरकार से भी क्लेम लिया। वहीं, मोटी कमाई के लिए अस्पतालों ने सामान्य बीमारी के मरीजों को इमरजेंसी में भर्ती कर लिया। राज्य आयुष्मान योजना की एंटी फ्राड कमेटी ने जांच में कार्ड धारक मरीज से इलाज का पैसा वसूलने के मामलों का खुलासा हुआ है।
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इन मरीजों से वसूला इलाज का पैसा
नजमा ने रामनगर स्थित सूचीबद्ध अस्पताल में आयुष्मान कार्ड नंबर पी9आईडब्ल्यूएनएफएसजीडी के आधार पर इलाज कराया। अस्पताल ने उनसे पांच हजार रुपये लिए। इसी तरह अमर सिंह चौहान का कार्ड नंबर पी658आईपीबीएलडब्ल्यू है। इनसे भी अस्पताल ने इलाज का 7500 रुपये वसूला। राज्य अटल आयुष्मान योजना की कमेटी ने जसपुर मेट्रो हास्पिटल में 15 और बृजेश हास्पिटल में 18 मरीजों से इलाज का पैसा लिया गया।
प्रदेश में 32.87 लाख लाभार्थियों के बने गोल्डन कार्ड
आयुष्मान योजना के तहत प्रदेश में अब तक 32.87 लाख लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बने हैं। जिसमें प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों में 75 हजार 278 मरीजों का योजना के तहत इलाज किया गया है। जिस पर सरकार ने 72.87 करोड़ की राशि व्यय की है। जबकि प्रदेश से बाहर के बड़े अस्पतालों में 430 मरीजों का इलाज किया गया। इस पर एक करोड़ रुपये खर्च किए गए।
अटल आयुष्मान योजना में कई सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में गोल्डन कार्ड धारक मरीजों से पैसा लिया गया। जांच में पैसे लेने का मामला सही साबित होने पर ऐसे अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की गई। क्लेम का भुगतान निरस्त कर पेनल्टी लगाई है। इसकी वसूली की जा रही है। योजना में गड़बड़ी करने वाले निजी अस्पतालों का अनुबंध निरस्त किया गया है। योजना में फर्जीवाड़ा करने वाले अस्पतालों पर पैनी नजर है और क्लेम के मामलों की गहन जांच की जा रही है।
- डीके कोटिया, अध्यक्ष, राज्य आयुष्मान योजना
प्रदेश में 32.87 लाख लाभार्थियों के बने गोल्डन कार्ड
आयुष्मान योजना के तहत प्रदेश में अब तक 32.87 लाख लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बने हैं। जिसमें प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों में 75 हजार 278 मरीजों का योजना के तहत इलाज किया गया है। जिस पर सरकार ने 72.87 करोड़ की राशि व्यय की है। जबकि प्रदेश से बाहर के बड़े अस्पतालों में 430 मरीजों का इलाज किया गया। इस पर एक करोड़ रुपये खर्च किए गए।
अटल आयुष्मान योजना में कई सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में गोल्डन कार्ड धारक मरीजों से पैसा लिया गया। जांच में पैसे लेने का मामला सही साबित होने पर ऐसे अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की गई। क्लेम का भुगतान निरस्त कर पेनल्टी लगाई है। इसकी वसूली की जा रही है। योजना में गड़बड़ी करने वाले निजी अस्पतालों का अनुबंध निरस्त किया गया है। योजना में फर्जीवाड़ा करने वाले अस्पतालों पर पैनी नजर है और क्लेम के मामलों की गहन जांच की जा रही है।
- डीके कोटिया, अध्यक्ष, राज्य आयुष्मान योजना