{"_id":"59494c724f1c1b5c288b460b","slug":"arto-clerk-arresting-for-blame-of-corruption-in-haldwani","type":"story","status":"publish","title_hn":"भ्रष्टाचार के आरोप में एआरटीओ कलर्क गिरफ्तार, ये है इस पूरे खेल का मास्टरमांइड ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
भ्रष्टाचार के आरोप में एआरटीओ कलर्क गिरफ्तार, ये है इस पूरे खेल का मास्टरमांइड
ब्यूरो/अमर उजाला, हल्द्वानी
Updated Tue, 20 Jun 2017 10:00 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सरकारी पैसा हजम करने के आरोप में एआरटीओ कार्यालय के वरिष्ठ लिपिक कौस्तुभानंद पंत को विजिलेंस टीम ने गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ शासन के निर्देश पर 2014 में मुकदमा दर्ज कराया गया था। उस पर आठ लाख 41 हजार रुपये के गबन का आरोप है। पुलिस अब उसके सहयोगी दलाल की तलाश कर रही है।
विज्ञापन
एसपी विजिलेंस डॉ. अमित श्रीवास्तव के अनुसार विजिलेंस विभाग ने टनकपुर एआरटीओ के तत्कालीन प्रवर सहायक कौस्तुभानंद पंत के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया था। उस पर आरोप था कि वह यात्री कर का पैसा ऑफिस में अधिक दिखाता था मगर बैंक में कम जमा करता था। भ्रष्टाचार के इस खेल में एक दलाल बड़ी भूमिका निभाता था।
विज्ञापन
जांच में पता चला कि जुलाई 2006 से 2008 तक 340 वाहनों से 895622 रुपये यात्री कर के रूप में वसूले गए लेकिन बैंक में 59650 रुपये कम जमा किए गए। इसी प्रकार जनवरी 2009 से मार्च 2009 तक 54 चालानों के पैसे कम जमा किए गए।
विज्ञापन
टीम ने पाया कि लिपिक ने बैंक में आठ लाख 41 हजार रुपये कम जमा किए। लिपिक कौस्तुभानंद पंत इस समय हल्द्वानी कार्यालय में कार्यरत था। सोमवार की शाम विजिलेंस के निरीक्षक इंदर सिंह राणा ने उसे कार्यालय के पास से गिरफ्तार कर लिया। विजिलेंस टीम ने उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेज दिया गया।