आंदोलनरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर कसा शिकंजा, 15 से अधिक की सेवाएं समाप्त
- बाल विकास राज्यमंत्री के निर्देश के बाद हरकत में आया विभाग
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मानदेय बढ़ाने सहित अपनी सात सूत्री मांगों को लेकर आंदोलनरत 15 से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। टिहरी में दो हजार से अधिक को नोटिस दिया गया है। इसके अलावा कुछ अन्य जनपदों में भी नोटिस जारी किए गए हैं। विभाग की निदेशक झरना कमठान के मुताबिक यदि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता काम पर न लौटीं तो इनकी भी सेवाएं समाप्त कर दी जाएंगी।
काम पर नहीं लौटना पड़ा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का भारी
नई टिहरी में चेतावनी के बावजूद आंगनबाड़ी, मिनी आंगनबाड़ी और सहायिकाओं के काम पर नहीं लौटने पर बाल विकास विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। कार्यों के प्रति लापरवाही बरतने पर जिला कार्यक्रम अधिकारी ने जिले की दो आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, एक मिनी और एक सहायिका की सेवाएं समाप्त कर दी है। जिला कार्यक्रम अधिकारी संदीप अरोड़ा ने बताया कि सुपरवाइजरों से सभी आंगनबाड़ी केंद्रों की रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद केंद्रों पर उपस्थिति दर्ज न होने पर कार्यकर्ताओं की सेवाएं समाप्त कर दी जाएगी।
राज्य कर्मचारी का दर्जा देने, 18 हजार प्रति माह मानदेय देने सहित छह सूत्री मांग को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं 11 दिसंबर से कार्य बहिष्कार कर आंदोलनरत हैं, जिससे केंद्रों में कोई भी कामकाज नहीं हो पा रहा है। आंदोलनरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को काम पर लौटने के लिए जिला कार्यक्रम अधिकारी की ओर से 21 जनवरी को अंतिम चेतावनी नोटिस जारी किया गया था कि वह 23 जनवरी तक काम लौट जाएं, अन्यथा उनकी सेवाएं समाप्त कर दी जाएगी। बावजूद इसके अधिकांश आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं काम पर नहीं लौटीं हैं।
जिला कार्यक्रम अधिकारी संदीप अरोड़ा ने बताया कि काम पर न लौटने की स्थिति में सुपरवाइजर की रिपोर्ट पर भिलंगना ब्लाक की कफोल गांव और कोट नैलचामी की कार्यकर्ता, प्रतापनगर ब्लाक की संयारी भदुरा मिनी आंगनबाड़ी और थौलधार ब्लाक झकोगी आंगनबाड़ी की सहायिका की सेवाएं समाप्त कर दी गई है। उन्होंने बताया कि जिले में 1260 पूर्ण आंगनबाड़ी और 730 मिनी आंगनबाड़ी केंद्र है, जिनमें से करीब 100 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हड़ताल में शामिल नहीं है।
नोटिस के बाद सेवा में लौटी छह कार्यकर्ता
पौड़ी में कार्य बहिष्कार पर गई आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर जिला महिला एवं बाल विकास विभाग की सख्ती का असर दिखने लगा है। नोटिस के बाद छह आंगनबाड़ी कार्यकर्ता काम पर लौट आईं हैं। वहीं डीपीओ ने अभी भी कार्य बहिष्कार पर अड़ी कार्यकर्ताओं पर जल्द कार्रवाई की बात कही है।
जनपद पौड़ी के 15 विकास खंडों में 1822 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हो रहे हैं, जबकि कुल 1853 स्वीकृत केंद्र हैं। इनमें 1082 आंगनबाड़ी केंद्र और 771 मिनी केंद्र शामिल हैं। इन केंद्रों में 1801 कार्यकर्ता सेवारत हैं। सात दिसंबर से जनपद में सेवारत 75 फीसदी कार्यकर्ता विभिन्न मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार पर हैं, जिससे विभाग का मिशन इंद्रधनुष, विभिन्न टीकाकरण, पोषाहार वितरण सहित अनेक महत्वाकांक्षी योजनाओं का कामकाज प्रभावित हो रहा है।
जिला महिला एवं बाल विकास विभाग के नोटिस के बाद अब कार्यकर्ता सेवा पर लौटनी शुरू हो गई हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि सेवा में नहीं लौट रही कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई की जाएगी। प्रभारी डीपीओ महिला एवं बाल विकास विभाग जितेंद्र कुमार ने बताया कि जयहरीखाल ब्लाक की छह कार्यकर्ता सेवा पर लौट आई है।
आंगनबाड़ी संगठन जिलाध्यक्ष का रोका वेतन, ब्लाक अध्यक्ष को नोटिस
गोपेश्वर में विभिन्न मांगों को लेकर कार्यबहिष्कार कर रही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर प्रशासन सख्त हो गया है। गैरसैंण के आंगनबाड़ी केंद्र ज्वालागिरी में तैनात व आंगनबाड़ी कार्यकत्री/सेविका मिनी कर्मचारी संगठन की जिलाध्यक्ष विमला गैरोला की मानदेय सेवा समाप्त करने का आदेश गैरसैंण बाल विकास परियोजना अधिकारी ने दिए हैं। इसके अलावा दशोली ब्लॉक अध्यक्ष अनीता नेगी को बाल विकास परियोजना अधिकारी दशोली ने नोटिस भेजकर 27 जनवरी तक केंद्र में लौटने का निर्देश दिए हैं।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता 24 दिसंबर से विभिन्न मांगों को लेकर कार्यबहिष्कार पर हैं। बाल विकास परियोजना अधिकारी गैरसैंण के आदेश में कहा गया है कि विमला गैरोला एक जनवरी 2020 से केंद्र से अनुपस्थित हैं। 10 जनवरी को विमला गैरोला को तुरंत केंद्र में लौटने को कहा गया था, लेकिन वह अभी तक केंद्र में नहीं लौटी हैं। जिलाध्यक्ष की ओर से अन्य आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को हड़ताल के लिए उकसाया जा रहा है, जिससे अन्य सरकारी योजनाएं प्रभावित हो रही हैं।
धरने पर डटी हैं कार्यकर्ता
गोपेश्वर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कलक्ट्रेट परिसर के बाहर धरने पर डटी हुई हैं। उन्होंने प्रशासन को एक शपथपत्र दिया, जिसमें कहा कि यदि सेवा समाप्त करनी है तो सभी की एक साथ की जाए। किसी एक पदाधिकारी पर कार्रवाई करना गलत है। यदि किसी पदाधिकारी पर कार्रवाई होती है तो वह उग्र आंदोलन करेंगे। धरने पर आशा थपलियाल, शिवदेई, अंजू, सुनीता, संगीता, दशमी, अनीता, देवेश्वरी, सोमा, कविता, रंजना, रजनी देवी, कमला देवी, लक्ष्मी, कमला, उत्तरा नेगी आदि मौजूद थे।