उत्तराखंड: मोटरयान कराधान सुधार अधिनियम में संशोधन, अब पांच गुना देना होगा जुर्माना
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बगैर टैक्स के उत्तराखंड में सार्वजनिक वाहन चलाते हुऐ पकड़े जाने पर परिवहन विभाग कुल कर का पांच गुना जुर्माना वसूलेगा। उत्तराखंड मोटरयान कराधान सुधार अधिनियम में पहले से ही ये व्यवस्था है।
इसलिए सरकार ने अधिनियम के तहत प्रति सीट के हिसाब से जुर्माने के प्रावधान को नियमावली से हटा दिया है। अधिनियम में संशोधन का यह प्रस्ताव परिवहन विभाग ने मंगलवार को प्रदेश मंत्रिमंडल के समक्ष रखा था, जिस पर मुहर लगा दी गई है।
40 रुपये प्रति सीट की दर से जुर्माना
शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक ने बताया कि परिवहन विभाग की कराधान नियमावली में यह व्यवस्था थी कि यदि कोई सार्वजनिक वाहन बिना टैक्स के संचालित हो रहा है तो उससे सामान्य के लिए 25 रुपये प्रति सीट और वातानुकूलित के लिए 40 रुपये प्रति सीट की दर से जुर्माना वसूला जाएगा।
लेकिन अधिनियम में पहले से यह प्रावधान भी विद्यमान है कि ऐसे पकड़े जाने वाले सार्वजनिक वाहनों से कुल कर का पांच गुना राशि वसूली जाएगी। उन्होंने कहा कि अधिनियम में पूर्व से चले आ रहे प्रावधान के मद्देनजर प्रति सीट वाले प्रावधान को हटा दिया गया है। इसके अलावा यह अधिनियम में यह संशोधन भी किया गया है कि सार्वजनिक वाहनों में ओवर लोडिंग के दौरान चालान होने पर ड्राइवर और कंडक्टर की सीट की गणना नहीं की जाएगी।