अमर उजाला एक्सक्लूसिव : अब गुड्स एंड सर्विस टैक्स से खुलेगी टैक्स चोरों की पोल
- मुख्य आयकर आयुक्त बिपिन बिहारी सिंह ने पदभार संभाला
- इस साल ओएनजीसी की वजह से कर संग्रह में 15 प्रतिशत गिरावट
- ओएनजीसी से तीन हजार करोड़ का कम टैक्स आया
- गिरावट को नए करदाता तलाशकर दूर किया जाएगा
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उत्तराखंड में कर चोरी करने वाले लोगों की पोल अब गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) से खुलेगी। आयकर विभाग ने नए मुख्य आयकर आयुक्त बिपिन बिहारी सिंह ने पदभार ग्रहण करते ही इसकी शुरुआत कर दी है। इस युक्ति से ऐसे लोग पकड़े जाएंगे जो जीएसटी रिटर्न तो फाइल कर रहे हैं, लेकिन इनकम टैक्स नहीं दे रहे।
प्रदेशभर से इस बार कर संग्रह में कई साल के बाद बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह ऑयल एंड नेचरल गैस कारपोरेशन (ओएनजीसी) है। दरअसल, ओएनजीसी से इस साल करीब तीन हजार करोड़ कम टैक्स आया है, जिसके पीछे कंपनी के मुनाफे में गिरावट को बताया गया है। इस कमी की वजह से प्रदेश में कर संग्रह में करीब 15 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।
करदाताओं की तलाश की कवायद शुरू
नए मुख्य आयकर आयुक्त बिपिन बिहारी सिंह ने इस गिरावट को रोकने के लिए नए करदाताओं की तलाश की कवायद शुरू कर दी है। अमर उजाला से विशेष बातचीत में बताया कि तमाम ऐसे लोग हैं जो कि लगातार जीएसटी रिटर्न फाइल कर रहे हैं, लेकिन इनकम टैक्स रिटर्न फाइल नहीं कर रहे हैं। इन सभी की पहचान आसानी से हो जाएगी क्योंकि जीएसटी रजिस्ट्रेशन में पैन नंबर भी दर्ज किया जाता है। इस पैन नंबर के आधार पर ऐसे व्यापारियों की सूची तैयार की जा रही है। इसके बाद इनसे टैक्स वसूला जाएगा।
कई साल के बाद गिरावट
वित्तीय वर्ष 2017-18 में प्रदेशभर से 10,840 करोड़ रुपये टैक्स जमा हुआ था। इसके बाद वित्तीय वर्ष 2018-19 में 13,400 करोड़ रुपये का आयकर संग्रह किया गया। इस साल इस आयकर संग्रह में करीब 15 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। यह कई साल के बाद बड़ी गिरावट है।