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शोध : आम आदमी को नहीं हो रहा जीएसटी से लाभ
Updated Tue, 21 Aug 2018 02:08 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
आम आदमी को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) से कोई खास लाभ नहीं हो रहा है। इससे सरकार के राजस्व और व्यवसायियों के मुनाफे में ही बढ़ोतरी हो रही है। यह कहना है कि डीएवी पीजी कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. केआर जैन का। जीएसटी पर उनका शोधपत्र हाल ही में यूजीसी से मान्यता प्राप्त शोध पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।
सोमवार को डीएवी में आयोजित प्रेस वार्ता में डॉ. केआर जैन ने बताया कि जीएसटी लागू होने के एक साल पूरा होने पर उन्होंने शोधपत्र जारी किया है। जिसे यूजीसी मान्यता प्राप्त अंतरराष्ट्रीय जनरल इमर्जिंग टेक्नोलॉजी एंड इनोवेटिव रिसर्च में जगह मिली है। उन्होंने बताया कि जीएसटी आज भी आम आदमी के लिए एक पहेली है। इससे सरकार और व्यवसायियों को तो मोटा मुनाफ ा हो रहा है, लेकिन आम आदमी की जेब खाली हो रही है। एक ओर तो कर्मचारियों के वेतन से इनकम टैक्स काटा जा रहा है, ऊपर से हर चीज पर जीएसटी भी देना पड़ रहा है। डॉ. केआर जैन ने कहा कि सरकार को जीएसटी नियमों में सुधार करने की जरूरत है। देश में किसी भी वस्तु पर 15 प्रतिशत से अधिक टैक्स नहीं लगना चाहिए। इसमें बदलाव किए गए तो निश्चित तौर पर न केवल व्यवसायी बल्कि आम आदमी को भी इससे राहत मिलेगी।
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आम आदमी को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) से कोई खास लाभ नहीं हो रहा है। इससे सरकार के राजस्व और व्यवसायियों के मुनाफे में ही बढ़ोतरी हो रही है। यह कहना है कि डीएवी पीजी कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. केआर जैन का। जीएसटी पर उनका शोधपत्र हाल ही में यूजीसी से मान्यता प्राप्त शोध पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।
सोमवार को डीएवी में आयोजित प्रेस वार्ता में डॉ. केआर जैन ने बताया कि जीएसटी लागू होने के एक साल पूरा होने पर उन्होंने शोधपत्र जारी किया है। जिसे यूजीसी मान्यता प्राप्त अंतरराष्ट्रीय जनरल इमर्जिंग टेक्नोलॉजी एंड इनोवेटिव रिसर्च में जगह मिली है। उन्होंने बताया कि जीएसटी आज भी आम आदमी के लिए एक पहेली है। इससे सरकार और व्यवसायियों को तो मोटा मुनाफ ा हो रहा है, लेकिन आम आदमी की जेब खाली हो रही है। एक ओर तो कर्मचारियों के वेतन से इनकम टैक्स काटा जा रहा है, ऊपर से हर चीज पर जीएसटी भी देना पड़ रहा है। डॉ. केआर जैन ने कहा कि सरकार को जीएसटी नियमों में सुधार करने की जरूरत है। देश में किसी भी वस्तु पर 15 प्रतिशत से अधिक टैक्स नहीं लगना चाहिए। इसमें बदलाव किए गए तो निश्चित तौर पर न केवल व्यवसायी बल्कि आम आदमी को भी इससे राहत मिलेगी।
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