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तेलंगाना ने माना उतराखंड के कलाकारों का लोहा
Updated Wed, 27 Jun 2018 02:12 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
तेलंगाना ने आखिरकार अपने स्थापना दिवस गीत की धुन के लिए उत्तराखंड के कलाकारों को श्रेय दे दिया है। कुछ दिन पूर्व तेलंगाना ने उत्तराखंड के सुपरहिट चैत्वली गीत की धुन पर राज्य स्थापना दिवस गीत तैयार करा लिया था। इस पर उत्तराखंड के लोक कलाकारों ने नाराजगी जताई थी। चैत्वली की धुन और संगीत पर तैयार किए गए इस गीत को तेलंगाना के लोग खूब पसंद कर रहे हैं।
उत्तराखंड में मूल लेखक स्व. केशव अनुरागी एवं लोक गायक स्व. चंद्र सिंह राही ने चैता की चैत्वाली को दशकों पहले ठेठ जागर शैली में तैयार किया था। मूल जागर को युवा गायक अमित सागर ने गत वर्ष नए सिरे से संगीत में ढालकर प्रस्तुत किया था। पहले ऑडियो और उसके बाद जारी वीडियो को यू ट्यूब पर एक करोड़ प्रशंसक देख चुके हैं। तेलंगाना ने कुछ दिन पहले इसी गीत की धुन और संगीत को लेकर अपना स्थापना दिवस गीत तैयार कराया था।
इस गीत को तेलुगु में स्थानीय गायक जांगी रेड्डी और मांगली ने स्वर दिए हैं। संगीत नंदन राज बाबीली और बोल डॉ. कंडीकेंडा का है। वीडियो के निर्माता अपी रेड्डी, निर्देशक दामु रेड्डी कोसानाम हैं। हाल ही में गायक अमित सागर ने ई मेल के माध्यम से गीत की धुन चुराने पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने बताया कि ई मेल के बाद स्व. केशव अनुरागी, लोक गायक स्व. चंद्र सिंह राही, अमित सागर और संगीतकार गुंजन डंगवाल को गीत-संगीत का श्रेय दे दिया गया है।
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तेलंगाना ने आखिरकार अपने स्थापना दिवस गीत की धुन के लिए उत्तराखंड के कलाकारों को श्रेय दे दिया है। कुछ दिन पूर्व तेलंगाना ने उत्तराखंड के सुपरहिट चैत्वली गीत की धुन पर राज्य स्थापना दिवस गीत तैयार करा लिया था। इस पर उत्तराखंड के लोक कलाकारों ने नाराजगी जताई थी। चैत्वली की धुन और संगीत पर तैयार किए गए इस गीत को तेलंगाना के लोग खूब पसंद कर रहे हैं।
उत्तराखंड में मूल लेखक स्व. केशव अनुरागी एवं लोक गायक स्व. चंद्र सिंह राही ने चैता की चैत्वाली को दशकों पहले ठेठ जागर शैली में तैयार किया था। मूल जागर को युवा गायक अमित सागर ने गत वर्ष नए सिरे से संगीत में ढालकर प्रस्तुत किया था। पहले ऑडियो और उसके बाद जारी वीडियो को यू ट्यूब पर एक करोड़ प्रशंसक देख चुके हैं। तेलंगाना ने कुछ दिन पहले इसी गीत की धुन और संगीत को लेकर अपना स्थापना दिवस गीत तैयार कराया था।
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इस गीत को तेलुगु में स्थानीय गायक जांगी रेड्डी और मांगली ने स्वर दिए हैं। संगीत नंदन राज बाबीली और बोल डॉ. कंडीकेंडा का है। वीडियो के निर्माता अपी रेड्डी, निर्देशक दामु रेड्डी कोसानाम हैं। हाल ही में गायक अमित सागर ने ई मेल के माध्यम से गीत की धुन चुराने पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने बताया कि ई मेल के बाद स्व. केशव अनुरागी, लोक गायक स्व. चंद्र सिंह राही, अमित सागर और संगीतकार गुंजन डंगवाल को गीत-संगीत का श्रेय दे दिया गया है।
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