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पैरोकारी में कोताही पर हटाए जाए सरकारी वकील
Updated Sun, 11 Mar 2018 02:04 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) कानून व्यवस्था अशोक कुमार ने संगीन अपराधों की पैरोकारी में कोताही बरतने वाले सहायक अभियोजन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने ऋषिकेश के एक अभियोजन अधिकारी के खिलाफ सजा का प्रतिशत 22 होने पर जांच करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने अपील के प्रतिशत पर असंतोष जताया।
एडीजी अशोक कुमार शनिवार को प्रदेश के अभियोजन अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे। उन्हाेंने अभियोजन में गुणवत्ता लाने और कार्यक्षमता बढ़ाने पर मंथन किया और सजा का प्रतिशत बढ़ाने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्हाेंने कहा कि अभियोजन की लापरवाही की वजह से गंभीर प्रकार के अपराधों में कोई आरोपी बच न पाए। चोरी, लूट, नकबजनी और गैंगस्टर के मामलोें में प्रभावी पैरोकारी की जरूरत है। जो सरकारी वकील सही ढंग से अपराधियों के खिलाफ पैरवी नहीं कर रहे है, उन्हें हटाने के लिए शासन से पत्राचार किया जाए। इसके अलावा अधिक से अधिक मामलों में न्यायालयाें में अपील की जाए। बैठक के दौरान उन्होंने ऋषिकेश के एक अभियोजन अधिकारी के खिलाफ भी जांच करने, लंबित मुकदमों के निस्तारण में तेजी लाने के लिए कहा। अपर निदेशक विधि हरि विनोद जोशी ने सजा प्रतिशत कम होने पर कई सहायक अभियोजन अधिकारियों को सख्त हिदायत दी। उन्हाेंने हर सरकारी वकील के कार्यों का मूल्यांकन करने की बात भी कही।
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अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) कानून व्यवस्था अशोक कुमार ने संगीन अपराधों की पैरोकारी में कोताही बरतने वाले सहायक अभियोजन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने ऋषिकेश के एक अभियोजन अधिकारी के खिलाफ सजा का प्रतिशत 22 होने पर जांच करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने अपील के प्रतिशत पर असंतोष जताया।
एडीजी अशोक कुमार शनिवार को प्रदेश के अभियोजन अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे। उन्हाेंने अभियोजन में गुणवत्ता लाने और कार्यक्षमता बढ़ाने पर मंथन किया और सजा का प्रतिशत बढ़ाने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्हाेंने कहा कि अभियोजन की लापरवाही की वजह से गंभीर प्रकार के अपराधों में कोई आरोपी बच न पाए। चोरी, लूट, नकबजनी और गैंगस्टर के मामलोें में प्रभावी पैरोकारी की जरूरत है। जो सरकारी वकील सही ढंग से अपराधियों के खिलाफ पैरवी नहीं कर रहे है, उन्हें हटाने के लिए शासन से पत्राचार किया जाए। इसके अलावा अधिक से अधिक मामलों में न्यायालयाें में अपील की जाए। बैठक के दौरान उन्होंने ऋषिकेश के एक अभियोजन अधिकारी के खिलाफ भी जांच करने, लंबित मुकदमों के निस्तारण में तेजी लाने के लिए कहा। अपर निदेशक विधि हरि विनोद जोशी ने सजा प्रतिशत कम होने पर कई सहायक अभियोजन अधिकारियों को सख्त हिदायत दी। उन्हाेंने हर सरकारी वकील के कार्यों का मूल्यांकन करने की बात भी कही।
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