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राज्य में फ्लोटिंग्र सोलर पावर प्लांट को कैबिनेट की मंजूरी
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
कैबिनेट ने ऊधमसिंह नगर के तुमरिया व हरिपुरा/बौर बांध के जलाशयों में 100-100 मेगावाट के फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट लगाने संबंधी सिंचाई विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना को सोलर इनर्जी कारपोरेशन आफ इंडिया (सेकी) की ओर से पीपीपी मोड के तहत संचालित किया जाएगा। परियोजनाएं ‘बिल्ड ओन आपरेट एंड ट्रांसफर’ (बूट) के माध्यम से संचालित की जाएगी।
कैबिनेट में लिए गए फैसले के मुताबिक निजी कंपनियों द्वारा तुमरिया, हरिपुरा/बौर बांध के जलाशयों में लगाए गए 100-100 मेगावाट के दोनों पावर प्लांट द्वारा 25 साल तक बिजली उत्पादन किया जाएगा। इसके बाद दोनों पावर प्लांट पर सिंचाई विभाग का स्वामित्व होगा। सोलर पावर प्लांट से सालाना 34 करोड़ यूनिट बिजली का उत्पादन होगा। योजनाओं से वित्तीय व्यय भार के बिना ही सरकार को सालाना 2.38 करोड़ की आय होगी। पावर प्लांट में पैदा होने वाली बिजली की खरीद के लिए सेकी यूपीसीएल से समझौता करेगी। तुमरिया, हरिपुरा/बौर बांध के जलाशयों में पावर प्लांट लगाए जाने के बाद संबंधित क्षेत्रोें में मत्स्य की नीलामी पर प्रतिबंध रहेगा। बता दें, उरेडा द्वारा परियोजनाओं को तकनीकी व वित्तीय तौर पर सहमति दी जा चुकी है।
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कैबिनेट ने ऊधमसिंह नगर के तुमरिया व हरिपुरा/बौर बांध के जलाशयों में 100-100 मेगावाट के फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट लगाने संबंधी सिंचाई विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना को सोलर इनर्जी कारपोरेशन आफ इंडिया (सेकी) की ओर से पीपीपी मोड के तहत संचालित किया जाएगा। परियोजनाएं ‘बिल्ड ओन आपरेट एंड ट्रांसफर’ (बूट) के माध्यम से संचालित की जाएगी।
कैबिनेट में लिए गए फैसले के मुताबिक निजी कंपनियों द्वारा तुमरिया, हरिपुरा/बौर बांध के जलाशयों में लगाए गए 100-100 मेगावाट के दोनों पावर प्लांट द्वारा 25 साल तक बिजली उत्पादन किया जाएगा। इसके बाद दोनों पावर प्लांट पर सिंचाई विभाग का स्वामित्व होगा। सोलर पावर प्लांट से सालाना 34 करोड़ यूनिट बिजली का उत्पादन होगा। योजनाओं से वित्तीय व्यय भार के बिना ही सरकार को सालाना 2.38 करोड़ की आय होगी। पावर प्लांट में पैदा होने वाली बिजली की खरीद के लिए सेकी यूपीसीएल से समझौता करेगी। तुमरिया, हरिपुरा/बौर बांध के जलाशयों में पावर प्लांट लगाए जाने के बाद संबंधित क्षेत्रोें में मत्स्य की नीलामी पर प्रतिबंध रहेगा। बता दें, उरेडा द्वारा परियोजनाओं को तकनीकी व वित्तीय तौर पर सहमति दी जा चुकी है।
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