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राज्यᅠमें कैंपाᅠएक्ट-CITY
Updated Wed, 22 Aug 2018 02:16 AM IST
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राज्य में 30 सितंबर से प्रभावी होगा कैंपा एक्ट
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। राज्य में कंपेंसेटरी एफॉरेस्टेशन फंड मैनेजमेंट एंड प्लानिंग अथॉरिटी (कैंपा) के एक्ट व नियमावली 30 सितंबर से प्रभावी हो जाएंगे। इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से आदेश जारी कर दिए गए हैं। नया कैंपा एक्ट लागू होने के बाद अब राज्य स्तर पर स्टीयरिंग कमेटी व गवर्निंग बॉडी समेत सभी कमेटियों का नए सिरे से गठन किया जाएगा। कैपा एक्ट प्रभावी होने के साथ ही राज्य सरकारों को बजट मिलने का रास्ता भी साफ हो गया है।
कैंपा सीईओ समीर सिन्हा के अनुसार केंद्र सरकार ने तीन अगस्त 2015 को एक्ट व नियमावली तैयार की थी, लेकिन कई कारणों के चलते लागू नहीं हो सकी। बहरहाल केंद्र ने फिर से सभी राज्य सरकारों को 30 सितंबर से कैंपा एक्ट लागू करने की बात कही है। हालांकि केंद्र की संशोधित नियमावली में कई संशोधन कर दिए गए हैं। इसके तहत गवर्निंग बॉडी व एक्जीक्यूटिव कमेटी समेत सभी कमेटियों का नए सिरे से गठन करना होगा। इसमें कमेटियों में सदस्यों की संख्या बढ़ाने, कुछ कमेटियों में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की भागीदारी कम करने, गवर्निंग बॉडी में गैर सरकारी संगठनों के चयन की प्रक्रिया में कड़े प्रावधान किए गए हैं। नए प्रावधानों के तहत अब पहले मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित कमेटी गैर सरकारी संगठनाें का चयन करेगी। उसके बाद ही उन्हें कैंपा कमेटी में शामिल किया जाएगा। कैंपा सीईओ समीर सिन्हा के मुताबिक नियमावली तैयार है और जल्द ही इसे राज्य सरकार के पास अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा।
केंद्र से 3800 करोड़ रुपये बजट का रास्ता साफ
कैंपा एक्ट व नियमावली लागू होने के बाद केंद्र से प्राधिकरण को 3800 करोड़ रुपये मिलने का भी रास्ता साफ हो गया है। जिसमें राज्य सरकार का 2113 करोड़ का मूलधन व ब्याज शामिल है। बजट जारी होने के बाद वनीकरण की योजनाओं के संचालन में आसानी और तेजी की उम्मीद है। ज्ञात हो कि केंद्र सरकार की ओर से संचालित योजनाओं के तहत सड़कों के निर्माण समेत अन्य कार्यों में वन विभाग की जमीन का इस्तेमाल करने या पेड़ाें के कटान होने की स्थिति में केंद्र सरकार की ओर से इसकी भरपायी की जाती है। जिसके तहत केंद्र सरकार कैंपा के जरिये राज्य सरकाराें को वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। राज्य में कंपेंसेटरी एफॉरेस्टेशन फंड मैनेजमेंट एंड प्लानिंग अथॉरिटी (कैंपा) के एक्ट व नियमावली 30 सितंबर से प्रभावी हो जाएंगे। इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से आदेश जारी कर दिए गए हैं। नया कैंपा एक्ट लागू होने के बाद अब राज्य स्तर पर स्टीयरिंग कमेटी व गवर्निंग बॉडी समेत सभी कमेटियों का नए सिरे से गठन किया जाएगा। कैपा एक्ट प्रभावी होने के साथ ही राज्य सरकारों को बजट मिलने का रास्ता भी साफ हो गया है।
कैंपा सीईओ समीर सिन्हा के अनुसार केंद्र सरकार ने तीन अगस्त 2015 को एक्ट व नियमावली तैयार की थी, लेकिन कई कारणों के चलते लागू नहीं हो सकी। बहरहाल केंद्र ने फिर से सभी राज्य सरकारों को 30 सितंबर से कैंपा एक्ट लागू करने की बात कही है। हालांकि केंद्र की संशोधित नियमावली में कई संशोधन कर दिए गए हैं। इसके तहत गवर्निंग बॉडी व एक्जीक्यूटिव कमेटी समेत सभी कमेटियों का नए सिरे से गठन करना होगा। इसमें कमेटियों में सदस्यों की संख्या बढ़ाने, कुछ कमेटियों में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की भागीदारी कम करने, गवर्निंग बॉडी में गैर सरकारी संगठनों के चयन की प्रक्रिया में कड़े प्रावधान किए गए हैं। नए प्रावधानों के तहत अब पहले मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित कमेटी गैर सरकारी संगठनाें का चयन करेगी। उसके बाद ही उन्हें कैंपा कमेटी में शामिल किया जाएगा। कैंपा सीईओ समीर सिन्हा के मुताबिक नियमावली तैयार है और जल्द ही इसे राज्य सरकार के पास अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा।
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केंद्र से 3800 करोड़ रुपये बजट का रास्ता साफ
कैंपा एक्ट व नियमावली लागू होने के बाद केंद्र से प्राधिकरण को 3800 करोड़ रुपये मिलने का भी रास्ता साफ हो गया है। जिसमें राज्य सरकार का 2113 करोड़ का मूलधन व ब्याज शामिल है। बजट जारी होने के बाद वनीकरण की योजनाओं के संचालन में आसानी और तेजी की उम्मीद है। ज्ञात हो कि केंद्र सरकार की ओर से संचालित योजनाओं के तहत सड़कों के निर्माण समेत अन्य कार्यों में वन विभाग की जमीन का इस्तेमाल करने या पेड़ाें के कटान होने की स्थिति में केंद्र सरकार की ओर से इसकी भरपायी की जाती है। जिसके तहत केंद्र सरकार कैंपा के जरिये राज्य सरकाराें को वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
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