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मानक पूरे नहीं होने पर होगी कार्रवाई
Updated Sun, 05 Aug 2018 02:28 AM IST
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मानक पूरे नहीं होने पर होगी कार्रवाई
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। मानक पूरे नहीं करने पर ऑटो और वैन संचालकों के खिलाफ कार्रवाई होगी। आरटीओ ने शनिवार को मानकों की मॉनीटरिंग के लिए टीम गठित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि 31 अगस्त तक ऑटो वैन संचालकों को हर हाल में परिवहन के मानकों को पूरा करना है। वहीं, ओवरलोडिंग पाए जाने पर ऑटो और वैन का तुरंत चालान किया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन कराने में आरटीओ किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतना चाहते हैं। अभिभावकों की दिक्कतों को देखते हुए स्कूली बच्चे ले जाने वाले ऑटो और वैन संचालकों को मानक पूरे करने के लिए 31 अगस्त तक का समय दिया गया है। इसे लेकर उन्होंने जल्द ही टीम गठित करने के निर्देश एआरटीओ अरविंद पांडेय को दिए। कहा कि टीम मानकों की मॉनीटरिंग के साथ ही ओवरलोडिंग पर भी नजर रखेगी। निर्धारित संख्या से अधिक संख्या में बच्चे बैठाने पर ऑटो और वैन चालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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ई-रिक्शा पर भी होगी कार्रवाई
आरटीओ ने बताया कि ई-रिक्शा में निर्धारित संख्या से अधिक सवारियां बैठाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
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ऑटो और वैन संचालकों को एक महीने में परिवहन के मानकों को हर हाल में पूरा करना है। इसकी मॉनीटरिंग के लिए टीम गठित करने को कहा है। जो मानक का पालन नहीं करने वाले ऑटो व वैन के खिलाफ कार्रवाई करेगी।
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- डीसी पठोई, आरटीओ
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स्कूली वाहनों के लिए मानक
- स्कूली वाहन चलाने के लिए चालक को पांच साल का अनुभव होना जरूरी है।
- वाहन की खिड़कियों के बाहर लोहे की जाली लगी होनी अनिवार्य है।
- वाहन की सीट के नीचे बच्चों के बैग रखने का स्थान होना चाहिए।
- वाहन में फर्स्ट एड बॉक्स की व्यवस्था होनी चाहिए।
- छात्राओं की बस में महिला परिचालक की व्यवस्था होनी चाहिए।
- बस में दरवाजों के अलावा दो इमरजेंसी दरवाजे होना जरूरी हैं।
- स्कूली वाहन का रंग पीला और दोनों ओर नीली पट्टी होना अनिवार्य है।
- वाहन में अग्निशमन यंत्र और स्पीड गवर्नर का होना जरूरी है।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। मानक पूरे नहीं करने पर ऑटो और वैन संचालकों के खिलाफ कार्रवाई होगी। आरटीओ ने शनिवार को मानकों की मॉनीटरिंग के लिए टीम गठित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि 31 अगस्त तक ऑटो वैन संचालकों को हर हाल में परिवहन के मानकों को पूरा करना है। वहीं, ओवरलोडिंग पाए जाने पर ऑटो और वैन का तुरंत चालान किया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन कराने में आरटीओ किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतना चाहते हैं। अभिभावकों की दिक्कतों को देखते हुए स्कूली बच्चे ले जाने वाले ऑटो और वैन संचालकों को मानक पूरे करने के लिए 31 अगस्त तक का समय दिया गया है। इसे लेकर उन्होंने जल्द ही टीम गठित करने के निर्देश एआरटीओ अरविंद पांडेय को दिए। कहा कि टीम मानकों की मॉनीटरिंग के साथ ही ओवरलोडिंग पर भी नजर रखेगी। निर्धारित संख्या से अधिक संख्या में बच्चे बैठाने पर ऑटो और वैन चालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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ई-रिक्शा पर भी होगी कार्रवाई
आरटीओ ने बताया कि ई-रिक्शा में निर्धारित संख्या से अधिक सवारियां बैठाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
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ऑटो और वैन संचालकों को एक महीने में परिवहन के मानकों को हर हाल में पूरा करना है। इसकी मॉनीटरिंग के लिए टीम गठित करने को कहा है। जो मानक का पालन नहीं करने वाले ऑटो व वैन के खिलाफ कार्रवाई करेगी।
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- डीसी पठोई, आरटीओ
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स्कूली वाहनों के लिए मानक
- स्कूली वाहन चलाने के लिए चालक को पांच साल का अनुभव होना जरूरी है।
- वाहन की खिड़कियों के बाहर लोहे की जाली लगी होनी अनिवार्य है।
- वाहन की सीट के नीचे बच्चों के बैग रखने का स्थान होना चाहिए।
- वाहन में फर्स्ट एड बॉक्स की व्यवस्था होनी चाहिए।
- छात्राओं की बस में महिला परिचालक की व्यवस्था होनी चाहिए।
- बस में दरवाजों के अलावा दो इमरजेंसी दरवाजे होना जरूरी हैं।
- स्कूली वाहन का रंग पीला और दोनों ओर नीली पट्टी होना अनिवार्य है।
- वाहन में अग्निशमन यंत्र और स्पीड गवर्नर का होना जरूरी है।