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-वन तस्करों ने खैर के नौ पेड़ काटे
Updated Mon, 01 Jan 2018 02:01 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/सेलाकुई।
ग्राम पंचायत छरबा के वन क्षेत्र से वन तस्करों ने खैर के नौ पेड़ काट डाले। पेड़ काटे जाने की खबर से मिलने पर वन कर्मियों ने छापा मारा। वन कर्मियों को देख तस्कर लकड़ी छोड़ कर फरार हो गए। वन कर्मचारियों ने बरामद लकड़ी ग्राम प्रधान के सुपुर्द की है। ग्राम प्रधान सीमा देवी ने अज्ञात लोगों के खिलाफ पुलिस को भी तहरीर दी है।
ग्राम प्रधान सीमा देवी का कहना है कि क्षेत्र में पहले भी कई बार अवैध पातन हो चुका है, लेकिन तस्करों के पकड़ में न आने के कारण उनके हौसले बुलंद हैं। ग्राम पंचायत की सैकड़ों बीघे भूमि पर ग्राम पंचायत का जंगल है। जंगल को कई दशक पूर्व ग्रामीणों द्वारा ही विकसित किया गया था। इस वन क्षेत्र में खैर के बेशकीमती पेड़ भी हैं। बीते साल सितंबर माह में तस्करों ने खैर के 21 पेड़ काट डाले थे। सामाजिक कार्यकर्ता रामकरण ने बताया कि शनिवार रात करीब 12 बजे वन विभाग का फोन आया। इसके बाद वे प्रधान सीमा देवी के साथ मौके पर पहुंचे थे। चौहड़पुर रेंज के वन क्षेत्राधिकारी कुलदीप पंवार ने बताया कि तस्करों का पता लगाने के लिए मुखबिरों को लगाया गया है।
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ग्राम पंचायत छरबा के वन क्षेत्र से वन तस्करों ने खैर के नौ पेड़ काट डाले। पेड़ काटे जाने की खबर से मिलने पर वन कर्मियों ने छापा मारा। वन कर्मियों को देख तस्कर लकड़ी छोड़ कर फरार हो गए। वन कर्मचारियों ने बरामद लकड़ी ग्राम प्रधान के सुपुर्द की है। ग्राम प्रधान सीमा देवी ने अज्ञात लोगों के खिलाफ पुलिस को भी तहरीर दी है।
ग्राम प्रधान सीमा देवी का कहना है कि क्षेत्र में पहले भी कई बार अवैध पातन हो चुका है, लेकिन तस्करों के पकड़ में न आने के कारण उनके हौसले बुलंद हैं। ग्राम पंचायत की सैकड़ों बीघे भूमि पर ग्राम पंचायत का जंगल है। जंगल को कई दशक पूर्व ग्रामीणों द्वारा ही विकसित किया गया था। इस वन क्षेत्र में खैर के बेशकीमती पेड़ भी हैं। बीते साल सितंबर माह में तस्करों ने खैर के 21 पेड़ काट डाले थे। सामाजिक कार्यकर्ता रामकरण ने बताया कि शनिवार रात करीब 12 बजे वन विभाग का फोन आया। इसके बाद वे प्रधान सीमा देवी के साथ मौके पर पहुंचे थे। चौहड़पुर रेंज के वन क्षेत्राधिकारी कुलदीप पंवार ने बताया कि तस्करों का पता लगाने के लिए मुखबिरों को लगाया गया है।
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