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भारी बर्फबारी ने रोका ट्रेकरों का अभियान
Updated Wed, 26 Sep 2018 10:28 PM IST
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नई टिहरी/रुद्रप्रयाग। गंगी से केदारनाथ की ट्रेकिंग पर जा रहा आईआईटी रुड़की का 23 सदस्यीय दल भारी बर्फबारी के चलते खरसाली से आगे नहीं बढ़ पाया। दल बुधवार रात को गंगी लौट आया है। उधर, रुद्रप्रयाग प्रशासन बुधवार को दिनभर दल की खोेज में जुटा रहा। केदारनाथ से पुलिस की 11 सदस्यीय टीम दल की खोज में रवाना कर दी गई, जो वासुकीताल से आगे बढ़ चुकी थी। एसडीएम गोपाल सिंह चौहान ने भी हेलीकॉप्टर से क्षेत्र की रेकी कर जायजा लिया।
बता दें कि आईआईटी रुड़की का 23 सदस्यीय दल तीन स्थानीय गाइडों के साथ गंगी से केदारनाथ ट्रेकिंग पर निकला था। दल 19 सितंबर को घुत्तु से गंगी की ओर रवाना हुआ था। 20 सितंबर को वे रात्रि विश्राम के लिए गंगी पहुंचे, लेकिन 21 और 22 सितंबर को बारिश होने से दल को दो दिन गंगी में ही रुकना पड़ा। 23 सितंबर को केदारनाथ ट्रैक पर निकलने के बाद दल की लोकेशन ट्रेस नहीं हो पा रही थी। दल गंगी से 18 किमी दूर खरसोली तक ही पहुंच पाया था। वहां भारी बर्फबारी होने से दल आगे जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाया।
बुधवार सुबह घनसाली से एसडीआरएफ की पांच सदस्यीय टीम ट्रेकिंग दल की तलाश में गंगी को रवाना हुई। एसडीएम चौहान ने बताया कि एसडीआरएफ टीम का सेटेलाइट फोन के जरिये बुधवार देर शाम 6.45 बजे दल के सदस्यों से संपर्क हो गया। तब ट्रेकिंग दल गंगी से पांच किमी दूरी तक वापस पहुंच चुका है। केदारनाथ ट्रेकिंग पर जाने के लिए टीम ने घुत्तू में वन विभाग से अनुमति ली थी।
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रुद्रप्रयाग प्रशासन दिन भर जुटा खोज में
रुद्रप्रयाग। ट्रेकिंग दल की खोज को केदारनाथ से ऊखीमठ थानाध्यक्ष होशियार सिंह पंखोली के नेतृत्व में बुधवार को प्रात: आठ बजे रवाना हुआ 11 सदस्यीय रेस्क्यू दल 11.45 बजे वासुकीताल को पार कर आगे बढ़ गया था। गुप्तकाशी चारधाम हेलीपैड से उपजिलाधिकारी गोपाल सिंह चौहान व केदारनाथ यात्रा हेलीकॉप्टर सेवा सहायक नोडल अधिकारी सुरेंद्र सिंह पंवार ने हेलीकॉप्टर से वासुकीताल क्षेत्र की रेकी की। उन्होंने हेलीकॉप्टर से त्रियुगीनारायण के ऊपर से वासुकीताल होते हुए मयाली टॉप से भी आगे तक रेकी की। हेलीकॉप्टर ने 16000 फीट से अधिक ऊंचाई तक उड़ान भरी, लेकिन कहीं कोई नजर नहीं आया। एसडीएम चौहान ने बताया कि वासुकीताल से कुछ किमी आगे पूरा क्षेत्र दुर्गम है और वहां काफी बर्फ है। पायलट द्वारा वासुकीताल से आगे पूरे ट्रेक क्षेत्र में काफी नीचे उड़ान भरी गई। बावजूद वहां कोई नजर नहीं आया। मयाली टॉप से आगे टिहरी जिले का क्षेत्र है। जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल और पुलिस अधीक्षक पीएन मीणा भी दिन भर इस पर अपडेट लेते रहे। ब्यूरो
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बता दें कि आईआईटी रुड़की का 23 सदस्यीय दल तीन स्थानीय गाइडों के साथ गंगी से केदारनाथ ट्रेकिंग पर निकला था। दल 19 सितंबर को घुत्तु से गंगी की ओर रवाना हुआ था। 20 सितंबर को वे रात्रि विश्राम के लिए गंगी पहुंचे, लेकिन 21 और 22 सितंबर को बारिश होने से दल को दो दिन गंगी में ही रुकना पड़ा। 23 सितंबर को केदारनाथ ट्रैक पर निकलने के बाद दल की लोकेशन ट्रेस नहीं हो पा रही थी। दल गंगी से 18 किमी दूर खरसोली तक ही पहुंच पाया था। वहां भारी बर्फबारी होने से दल आगे जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाया।
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बुधवार सुबह घनसाली से एसडीआरएफ की पांच सदस्यीय टीम ट्रेकिंग दल की तलाश में गंगी को रवाना हुई। एसडीएम चौहान ने बताया कि एसडीआरएफ टीम का सेटेलाइट फोन के जरिये बुधवार देर शाम 6.45 बजे दल के सदस्यों से संपर्क हो गया। तब ट्रेकिंग दल गंगी से पांच किमी दूरी तक वापस पहुंच चुका है। केदारनाथ ट्रेकिंग पर जाने के लिए टीम ने घुत्तू में वन विभाग से अनुमति ली थी।
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रुद्रप्रयाग प्रशासन दिन भर जुटा खोज में
रुद्रप्रयाग। ट्रेकिंग दल की खोज को केदारनाथ से ऊखीमठ थानाध्यक्ष होशियार सिंह पंखोली के नेतृत्व में बुधवार को प्रात: आठ बजे रवाना हुआ 11 सदस्यीय रेस्क्यू दल 11.45 बजे वासुकीताल को पार कर आगे बढ़ गया था। गुप्तकाशी चारधाम हेलीपैड से उपजिलाधिकारी गोपाल सिंह चौहान व केदारनाथ यात्रा हेलीकॉप्टर सेवा सहायक नोडल अधिकारी सुरेंद्र सिंह पंवार ने हेलीकॉप्टर से वासुकीताल क्षेत्र की रेकी की। उन्होंने हेलीकॉप्टर से त्रियुगीनारायण के ऊपर से वासुकीताल होते हुए मयाली टॉप से भी आगे तक रेकी की। हेलीकॉप्टर ने 16000 फीट से अधिक ऊंचाई तक उड़ान भरी, लेकिन कहीं कोई नजर नहीं आया। एसडीएम चौहान ने बताया कि वासुकीताल से कुछ किमी आगे पूरा क्षेत्र दुर्गम है और वहां काफी बर्फ है। पायलट द्वारा वासुकीताल से आगे पूरे ट्रेक क्षेत्र में काफी नीचे उड़ान भरी गई। बावजूद वहां कोई नजर नहीं आया। मयाली टॉप से आगे टिहरी जिले का क्षेत्र है। जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल और पुलिस अधीक्षक पीएन मीणा भी दिन भर इस पर अपडेट लेते रहे। ब्यूरो