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104 वर्ष बाद सबसे बड़ा चंद्रग्रहण 27 को
Updated Wed, 25 Jul 2018 02:12 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
इस सदी का सबसे लंबा चंद्रग्रहण गुरु पूर्णिमा यानि 27 जुलाई की देर रात घटित हो रहा है। यह चंद्रग्रहण दो संयोग में पड़ रहा है। पहला चंद्रग्रहण अष्टांग योग में 104 वर्ष बाद पड़ रहा है और दूसरा संयोग यह कि गुरु पूर्णिमा के दिन चंद्रग्रहण की स्थिति 18 वर्ष बाद बन रही है। इससे पहले गुरु पूर्णिमा पर चंद्रग्रहण की स्थिति 16 जुलाई 2000 में बनी थी। इसके बाद यह स्थिति इस वर्ष बन रही है। हिंदू शास्त्रों के अनुसार ग्रहण के दौरान प्रतिमा स्पर्श, पूजा पाठ के साथ भोजन और शयन करना वर्जित मान गया है। चंद्रग्रहण का समय 27 जुलाई रात 11 बजकर 55 मिनट 26 सेकेंड से 28 जुलाई रात 3 बजकर 49 मिनट 59 सैकेंड तक रहेगा। चंद्रग्रहण की कुल अवधि 3 घंटे 54 मिनट 33 सैकेंड रहेगी। इसका सूतक काल 27 जुलाई की दोपहर 2 बजकर 55 मिनट पर होगा।
डॉ. आचार्य सुशांत राज ने बताया कि खंग्रास चंद्रग्रहण 27/28 जुलाई आषाढ़ पूर्णिमा पर पड़ रहा है। यह ग्रहण आषाढ़ी पूर्णिमा की मध्य रात्रि को समस्त भारत में खंग्रास के रूप में दिखाई देगा। इस ग्रहण का स्पर्श 11 बजकर 55 मिनट 6 सैकेंड पर लगेगा। खंग्रास एक बजे से शुरू होगा। ग्रहण का मध्य एक बजकर 52 मिनट पर होगा और खंग्रास समाप्त दो बजकर 43 पर होगा। ग्रहण के सूतक और ग्रहणकाल में स्नान, दान, जप-पाठ, मंत्र, स्तोत्रा-पाठ, मंत्र- सिद्धि , तीर्थस्नान, ध्यान, हवनादि शुभ कृत्यों का सम्पादन करना कल्याणकारी होता है।
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इन देशों में भी दिखेगा चंद्रग्रहण
भारत के अलावा खंग्रास चंद्रग्रहण संपूर्ण एशिया, यूरोप, आस्ट्रेलिया, अफ्र ीका, दक्षिणी अमेरिका, प्रशांत, हिंद और एटलांटिक महासागर में अलग अलग रूपों में दिखाई देगा। भारत, मध्य एशिया और मध्य पूर्वी अफ्रीका के देशों में ही इस खंग्रास चंद्रग्रहण के सभी घटनाक्रम दिखाई देंगे।
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ग्रहण के दौरान ये काम न करें-
- चंद्रग्रहण के समय गर्भवती महिलाएं घर से बाहर न निकलें, हरि का नाम लें, कमरे में तुलसी जी और नीम रखें।
- सुई व नुकीली चीजों का उपयोग करने से भी बचना चाहिए। पढ़ाई भी न करें, आराम करें और ध्यान करें।
- चंद्रग्रहण के दौरान लोगों को कुछ भी नहीं खाना चाहिए। अगर कुछ खाने का मन है तो चंद्रग्रहण होने से पहले या फिर खत्म होने के बाद खाएं।
- ग्रहण के समय कोई भी शुभ काम नहीं करने चाहिए। जितने समय तक चंद्रग्रहण रहता है उस वक्त तक भगवान की पूजा अर्चना जरूर करें।
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चंद्रग्रहण का राशियों पर प्रभाव
मेष राशि - चंद्रग्रहण के असर के कारण विचारों में तेशपन रहेगा मन में अपनों के प्रति गुस्सा बढ़ सकता है। भगवान शिव पर दूध-गंगाजल चढ़ाएं।
वृष राशि - रुके काम को बल मिलेगा। ध्रती संबंधी काम को टालना उचित रहेगा। सरकारी कामों में देरी रहेगी। गर्भवती महिला तुलसी चीभ के नीचे रखें।
मिथुन राशि - कोई सुख सामाचार मिल सकता है।
कर्क राशि - मन में व्याकुलता रहेगी। बनते काम भी रुक सकते हैं। रुद्राभिषेक कर शिव पूजन करें। बच्चों को खीर खिलाएं।
सिंह राशि - शारीरिक कष्ट होने के कारण मन बेचैन रहेगा। ग्रहण के समय गणेश व कार्तिकेय को केले का भोग लगाएं।
कन्या राशि - सब सामान्य रहेगा। ग्रहण के समय भोजन करने से बचें।
तुला राशि - माता के कष्ट का रखे, और तुलसी का पत्ता भोजन में लें। नारियल धर्मस्थल पर दान दे।
वृश्चिक राशि - विपरीत समय स्वास्थ्य का ध्यान रखें, संयम रखें। ग्रहण में शुद्ध शहद भोलेनाथ पर चढ़ाएं व बजरंगबाण पढें लाभ मिलेगा।
धनु राशि - स्वास्थ्य व बीपी का ध्यान रखें, परिवारजनों पर क्रोध से बचें, सतनजा दान करें।
मकर राशि - सब सामान्य रहेगा। ग्रहण के समय भगवान श्री कृष्ण का ध्यान करें, रोग व शत्रु से दूरी बनेगी।
कुंभ राशि - कुछ विचारिक मतभेद पनप सकते हैं। मन ठीक रखें, पीपल पर चार बत्ती का दिया जलाने से लाभ मिलेगा।
मीन राशि - इस राशि वालों को धन का नुकसान हो सकता है। माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें, घर में नीम रखें और बासी खाना न खाएं।
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इस सदी का सबसे लंबा चंद्रग्रहण गुरु पूर्णिमा यानि 27 जुलाई की देर रात घटित हो रहा है। यह चंद्रग्रहण दो संयोग में पड़ रहा है। पहला चंद्रग्रहण अष्टांग योग में 104 वर्ष बाद पड़ रहा है और दूसरा संयोग यह कि गुरु पूर्णिमा के दिन चंद्रग्रहण की स्थिति 18 वर्ष बाद बन रही है। इससे पहले गुरु पूर्णिमा पर चंद्रग्रहण की स्थिति 16 जुलाई 2000 में बनी थी। इसके बाद यह स्थिति इस वर्ष बन रही है। हिंदू शास्त्रों के अनुसार ग्रहण के दौरान प्रतिमा स्पर्श, पूजा पाठ के साथ भोजन और शयन करना वर्जित मान गया है। चंद्रग्रहण का समय 27 जुलाई रात 11 बजकर 55 मिनट 26 सेकेंड से 28 जुलाई रात 3 बजकर 49 मिनट 59 सैकेंड तक रहेगा। चंद्रग्रहण की कुल अवधि 3 घंटे 54 मिनट 33 सैकेंड रहेगी। इसका सूतक काल 27 जुलाई की दोपहर 2 बजकर 55 मिनट पर होगा।
डॉ. आचार्य सुशांत राज ने बताया कि खंग्रास चंद्रग्रहण 27/28 जुलाई आषाढ़ पूर्णिमा पर पड़ रहा है। यह ग्रहण आषाढ़ी पूर्णिमा की मध्य रात्रि को समस्त भारत में खंग्रास के रूप में दिखाई देगा। इस ग्रहण का स्पर्श 11 बजकर 55 मिनट 6 सैकेंड पर लगेगा। खंग्रास एक बजे से शुरू होगा। ग्रहण का मध्य एक बजकर 52 मिनट पर होगा और खंग्रास समाप्त दो बजकर 43 पर होगा। ग्रहण के सूतक और ग्रहणकाल में स्नान, दान, जप-पाठ, मंत्र, स्तोत्रा-पाठ, मंत्र- सिद्धि , तीर्थस्नान, ध्यान, हवनादि शुभ कृत्यों का सम्पादन करना कल्याणकारी होता है।
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इन देशों में भी दिखेगा चंद्रग्रहण
भारत के अलावा खंग्रास चंद्रग्रहण संपूर्ण एशिया, यूरोप, आस्ट्रेलिया, अफ्र ीका, दक्षिणी अमेरिका, प्रशांत, हिंद और एटलांटिक महासागर में अलग अलग रूपों में दिखाई देगा। भारत, मध्य एशिया और मध्य पूर्वी अफ्रीका के देशों में ही इस खंग्रास चंद्रग्रहण के सभी घटनाक्रम दिखाई देंगे।
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ग्रहण के दौरान ये काम न करें-
- चंद्रग्रहण के समय गर्भवती महिलाएं घर से बाहर न निकलें, हरि का नाम लें, कमरे में तुलसी जी और नीम रखें।
- सुई व नुकीली चीजों का उपयोग करने से भी बचना चाहिए। पढ़ाई भी न करें, आराम करें और ध्यान करें।
- चंद्रग्रहण के दौरान लोगों को कुछ भी नहीं खाना चाहिए। अगर कुछ खाने का मन है तो चंद्रग्रहण होने से पहले या फिर खत्म होने के बाद खाएं।
- ग्रहण के समय कोई भी शुभ काम नहीं करने चाहिए। जितने समय तक चंद्रग्रहण रहता है उस वक्त तक भगवान की पूजा अर्चना जरूर करें।
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चंद्रग्रहण का राशियों पर प्रभाव
मेष राशि - चंद्रग्रहण के असर के कारण विचारों में तेशपन रहेगा मन में अपनों के प्रति गुस्सा बढ़ सकता है। भगवान शिव पर दूध-गंगाजल चढ़ाएं।
वृष राशि - रुके काम को बल मिलेगा। ध्रती संबंधी काम को टालना उचित रहेगा। सरकारी कामों में देरी रहेगी। गर्भवती महिला तुलसी चीभ के नीचे रखें।
मिथुन राशि - कोई सुख सामाचार मिल सकता है।
कर्क राशि - मन में व्याकुलता रहेगी। बनते काम भी रुक सकते हैं। रुद्राभिषेक कर शिव पूजन करें। बच्चों को खीर खिलाएं।
सिंह राशि - शारीरिक कष्ट होने के कारण मन बेचैन रहेगा। ग्रहण के समय गणेश व कार्तिकेय को केले का भोग लगाएं।
कन्या राशि - सब सामान्य रहेगा। ग्रहण के समय भोजन करने से बचें।
तुला राशि - माता के कष्ट का रखे, और तुलसी का पत्ता भोजन में लें। नारियल धर्मस्थल पर दान दे।
वृश्चिक राशि - विपरीत समय स्वास्थ्य का ध्यान रखें, संयम रखें। ग्रहण में शुद्ध शहद भोलेनाथ पर चढ़ाएं व बजरंगबाण पढें लाभ मिलेगा।
धनु राशि - स्वास्थ्य व बीपी का ध्यान रखें, परिवारजनों पर क्रोध से बचें, सतनजा दान करें।
मकर राशि - सब सामान्य रहेगा। ग्रहण के समय भगवान श्री कृष्ण का ध्यान करें, रोग व शत्रु से दूरी बनेगी।
कुंभ राशि - कुछ विचारिक मतभेद पनप सकते हैं। मन ठीक रखें, पीपल पर चार बत्ती का दिया जलाने से लाभ मिलेगा।
मीन राशि - इस राशि वालों को धन का नुकसान हो सकता है। माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें, घर में नीम रखें और बासी खाना न खाएं।