{"_id":"5b14547b4f1c1b614d8b48e4","slug":"41528059003-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"विद्युत नियामक आयोग की चली तो घट सकते है बिजली के दाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विद्युत नियामक आयोग की चली तो घट सकते है बिजली के दाम
Updated Mon, 04 Jun 2018 02:20 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
यदि राज्य विद्युत नियामक आयोग की चली तो प्रदेश में बिजली के दाम एक फ ीसदी कम हो सकते हैं। यूपीसीएल की ओर से नियामक आयोग को बिजली की दरोें में 12 फीसदी की बढ़ोत्तरी के प्रस्ताव को ठुकराते हुए न सिर्फ खारिज कर दिया है बल्कि एक फीसदी के दाम कम करने की भी बात कही है। नियामक आयोग के इस निर्णय के बाद यूपीसीएल की ओर से रिव्यू पिटीशन दाखिल की गई है। जिसमें बिजली के दामाें प्रति यूनिट 7.3 फीसदी बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव है। अब यह देखने वाली बात यह है कि नियामक आयोग यूपीसीएल के प्रस्ताव पर सहमत होता है या नही?
यूपीसीएल ने बिजली के दामाें में 12 फीसदी बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव विद्युत नियामक आयोग के पास भेजा था। लेकिन यूपीसीएल अफसराें की मानें तो आयोग ने बिजली दरों में 12 फीसदी बढ़ोत्तरी के प्रस्ताव को सिरे से खारिज करते हुए इसे एक फीसदी और कम करने की बात कही है। आयोग के इस निर्णय के बाद यूपीसीएल ने विद्युत नियामक आयोग में रिव्यू पिटीशन दाखिल की है। यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक बीसीके मिश्रा ने बताया कि नियामक आयोग के समक्ष बिजली के दामाें में बिजली की दरों में संशोधन का प्रस्ताव दाखिल करते हुुए 7.3 फीसदी दाम बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा गया है। अब यह विद्युत नियामक आयोग पर निर्भर करता है कि यूपीसीएल के प्रस्ताव को स्वीकार करता है या नही? उल्लेखनीय है कि पिछले कई साल में बिजली के दामाें में वृद्धि जारी है। दूसरी ओर यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक बीसीके मिश्रा का कहना है कि राज्य में प्रतिदिन औसतन एक लाख मिलियन यूनिट बिजली खरीदनी पड़ रही हैं। जिसकी टैरिफ दरें काफी ऊंची हैं ऐसे में बिजली की दरों में बढ़ोत्तरी जरूरी है। इस संबंध में आयोग में रिव्यू पिटीशन भी दाखिल कर दी गई है।
विज्ञापन
यदि राज्य विद्युत नियामक आयोग की चली तो प्रदेश में बिजली के दाम एक फ ीसदी कम हो सकते हैं। यूपीसीएल की ओर से नियामक आयोग को बिजली की दरोें में 12 फीसदी की बढ़ोत्तरी के प्रस्ताव को ठुकराते हुए न सिर्फ खारिज कर दिया है बल्कि एक फीसदी के दाम कम करने की भी बात कही है। नियामक आयोग के इस निर्णय के बाद यूपीसीएल की ओर से रिव्यू पिटीशन दाखिल की गई है। जिसमें बिजली के दामाें प्रति यूनिट 7.3 फीसदी बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव है। अब यह देखने वाली बात यह है कि नियामक आयोग यूपीसीएल के प्रस्ताव पर सहमत होता है या नही?
यूपीसीएल ने बिजली के दामाें में 12 फीसदी बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव विद्युत नियामक आयोग के पास भेजा था। लेकिन यूपीसीएल अफसराें की मानें तो आयोग ने बिजली दरों में 12 फीसदी बढ़ोत्तरी के प्रस्ताव को सिरे से खारिज करते हुए इसे एक फीसदी और कम करने की बात कही है। आयोग के इस निर्णय के बाद यूपीसीएल ने विद्युत नियामक आयोग में रिव्यू पिटीशन दाखिल की है। यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक बीसीके मिश्रा ने बताया कि नियामक आयोग के समक्ष बिजली के दामाें में बिजली की दरों में संशोधन का प्रस्ताव दाखिल करते हुुए 7.3 फीसदी दाम बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा गया है। अब यह विद्युत नियामक आयोग पर निर्भर करता है कि यूपीसीएल के प्रस्ताव को स्वीकार करता है या नही? उल्लेखनीय है कि पिछले कई साल में बिजली के दामाें में वृद्धि जारी है। दूसरी ओर यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक बीसीके मिश्रा का कहना है कि राज्य में प्रतिदिन औसतन एक लाख मिलियन यूनिट बिजली खरीदनी पड़ रही हैं। जिसकी टैरिफ दरें काफी ऊंची हैं ऐसे में बिजली की दरों में बढ़ोत्तरी जरूरी है। इस संबंध में आयोग में रिव्यू पिटीशन भी दाखिल कर दी गई है।
विज्ञापन