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बावला नंदप्रयाग जलविद्युत परियोजना में भी अड़ंगा
Updated Tue, 29 May 2018 01:55 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी की ओर से ‘टेक्नो इकोनामिक क्लीयरेंस’ (टीईसी) नहीं मिलने से यूजेवीएनएल की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में शुमार बावला नंदप्रयाग जल विद्युत परियोजना फिलहाल लटक गई है। हालांकि ‘रन ऑफ रिवर’ पर आधारित इस परियोजना के बाबत सभी मंत्रालयों ने अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है।
बता दें उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (यूजेवीएनएल) की ओर से चमोली जिले के नंदप्रयाग में बावला जल विद्युत परियोजना का निर्माण किया जाना है। 300 मेगावाट विद्युत उत्पादन की क्षमता वाली इस जल विद्युत परियोजना को केंद्र एवं राज्य सरकार से संबंधित विभागों ने हरी झंडी दे दी है, लेकिन परियोजना में टीईसी समेत कई पेच बाकी हैं। यूजेवीएनएल के प्रबंधक निदेशक एसएन वर्मा के मुताबिक टीईसी की ओर से अनुमति प्रदान करने के बाद ही काम शुरू किया जा सकता है। करीब 2600 करोड़ लागत वाली इस जल विद्युत परियोजना से 300 मेगावाट बिजली पैदा हो सकेगी।
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सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी की ओर से ‘टेक्नो इकोनामिक क्लीयरेंस’ (टीईसी) नहीं मिलने से यूजेवीएनएल की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में शुमार बावला नंदप्रयाग जल विद्युत परियोजना फिलहाल लटक गई है। हालांकि ‘रन ऑफ रिवर’ पर आधारित इस परियोजना के बाबत सभी मंत्रालयों ने अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है।
बता दें उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (यूजेवीएनएल) की ओर से चमोली जिले के नंदप्रयाग में बावला जल विद्युत परियोजना का निर्माण किया जाना है। 300 मेगावाट विद्युत उत्पादन की क्षमता वाली इस जल विद्युत परियोजना को केंद्र एवं राज्य सरकार से संबंधित विभागों ने हरी झंडी दे दी है, लेकिन परियोजना में टीईसी समेत कई पेच बाकी हैं। यूजेवीएनएल के प्रबंधक निदेशक एसएन वर्मा के मुताबिक टीईसी की ओर से अनुमति प्रदान करने के बाद ही काम शुरू किया जा सकता है। करीब 2600 करोड़ लागत वाली इस जल विद्युत परियोजना से 300 मेगावाट बिजली पैदा हो सकेगी।
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