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विधानसभा कूच करते राज्य आंदोलनकारी गिरफ्तार
Updated Wed, 05 Dec 2018 01:52 AM IST
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विधानसभा कूच करते राज्य आंदोलनकारी गिरफ्तार
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। विधानसभा सत्र के पहले दिन चिन्हित राज्य आंदोलनकारी समिति से जुड़े लोगों ने मांगों को लेकर विधानसभा कूच किया। इस दौरान रोकने पर पुलिसकर्मियों और आंदोलनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। मामला बढ़ता देख पुलिस ने 40 आंदोलनकारियों को गिरफ्तार कर नेहरू कॉलोनी थाने भेज दिया। जहां से शाम को उन्हें छोड़ दिया गया। इस दौरान वाहन की व्यवस्था न होने पर आंदोलनकारी महिलाओं ने थाने की छत पर चढ़कर हंगामा कर दिया। इसके बाद आंदोलनकारियों ने जिलाधिकारी के आवास पहुंच कर डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।
अपनी मांगों को लेकर चिन्हित राज्य आंदोलनकारी समिति के बैनर तले मंगलवार को आंदोलनकारी विधानसभा का घेराव करने पहुंचे। जहां पुलिस के साथ उनकी तीखी नोकझोंक हुई। हंगामा बढ़ते देख पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
आंदोलनकारियों ने सरकार पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि लंबे समय से उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जा रहा है। जिससे आंदोलनकारियों में रोष है। गुस्साए आंदोलनकारी पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार मंगलवार को विधानसभा का घेराव करने पहुंचे लेकिन पुलिसकर्मियों ने विधानसभा से पहले बैरिकेडिंग लगाकर सभी को रोक लिया। इस दौरान आंदोलनकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई। मामला बढ़ता देख पुलिसकर्मियों ने करीब 40 आंदोलनकारियों को जबरन वाहन में भर लिया और नेहरू कॉलोनी थाने पहुंचा दिया। जहां से पुलिस ने उन्हें शाम चार बजे छोड़ दिया।
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आंदोलनकारियों का कहना है कि उन्होंने सरकार को अपनी मांगों से संबंधित कई बार ज्ञापन दिए लेकिन सरकार ने न तो उन्हें वार्ता का समय दिया और न ही उनकी मांगों का संज्ञान लिया। इस दौरान समिति के केंद्रीय अध्यक्ष जेपी पांडे, बीना देवी, कमला शर्मा, जशोदा राणा, पूनम थापा, कमला ढौंड़ियाल, बसंती पटवाल, रश्मि चमोली, मधु नौटियाल, मंजू लोहनी, रोशनी चौहान, चंदा पोखरियाल आदि मौजूद रहे।
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थाने की छत पर चढ़ीं महिलाएं
विधानसभा घेराव करने पहुंचे चिन्हित राज्य आंदोलनकारियों को गिरफ्तार करने के बाद नेहरू कॉलोनी थाने से घर भेजने की व्यवस्था न होने के कारण गुस्साई महिलाएं थाने की छत पर चढ़ गईं और हंगामा कर दिया। इससे थाने में अफरातफरी का माहौल बन गया। पुलिसकर्मियों ने जैसे-तैसे मामला शांत किया। आंदोलनकारियों को घर तक छोड़ने के लिए चार विक्रम बुलाए गए। आंदोलनकारी उनमें बैठकर जिलाधिकारी के आवास पहुंचे। जहां डीएम के कैंप कार्यालय में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
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ये हैं आंदोलनकारियों की मांगें
- 31 दिसंबर 2017 से पूर्व चिन्हिकरण के लिए जमा आवेदनों का निरस्तारण किया जाए।
- राज्य आंदोलनकारियों को दस प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया जाए।
- राज्य आंदोलनकारियों को एक समान पेंशन दी जाए।
- गैरसेंण को स्थायी राजधानी घोषित की जाए।
- राज्य आंदोलनकारियों को भी स्वतंत्रता सेनानियों की तरह सुविधाएं दी जाएं।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। विधानसभा सत्र के पहले दिन चिन्हित राज्य आंदोलनकारी समिति से जुड़े लोगों ने मांगों को लेकर विधानसभा कूच किया। इस दौरान रोकने पर पुलिसकर्मियों और आंदोलनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। मामला बढ़ता देख पुलिस ने 40 आंदोलनकारियों को गिरफ्तार कर नेहरू कॉलोनी थाने भेज दिया। जहां से शाम को उन्हें छोड़ दिया गया। इस दौरान वाहन की व्यवस्था न होने पर आंदोलनकारी महिलाओं ने थाने की छत पर चढ़कर हंगामा कर दिया। इसके बाद आंदोलनकारियों ने जिलाधिकारी के आवास पहुंच कर डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।
अपनी मांगों को लेकर चिन्हित राज्य आंदोलनकारी समिति के बैनर तले मंगलवार को आंदोलनकारी विधानसभा का घेराव करने पहुंचे। जहां पुलिस के साथ उनकी तीखी नोकझोंक हुई। हंगामा बढ़ते देख पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
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आंदोलनकारियों ने सरकार पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि लंबे समय से उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जा रहा है। जिससे आंदोलनकारियों में रोष है। गुस्साए आंदोलनकारी पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार मंगलवार को विधानसभा का घेराव करने पहुंचे लेकिन पुलिसकर्मियों ने विधानसभा से पहले बैरिकेडिंग लगाकर सभी को रोक लिया। इस दौरान आंदोलनकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई। मामला बढ़ता देख पुलिसकर्मियों ने करीब 40 आंदोलनकारियों को जबरन वाहन में भर लिया और नेहरू कॉलोनी थाने पहुंचा दिया। जहां से पुलिस ने उन्हें शाम चार बजे छोड़ दिया।
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आंदोलनकारियों का कहना है कि उन्होंने सरकार को अपनी मांगों से संबंधित कई बार ज्ञापन दिए लेकिन सरकार ने न तो उन्हें वार्ता का समय दिया और न ही उनकी मांगों का संज्ञान लिया। इस दौरान समिति के केंद्रीय अध्यक्ष जेपी पांडे, बीना देवी, कमला शर्मा, जशोदा राणा, पूनम थापा, कमला ढौंड़ियाल, बसंती पटवाल, रश्मि चमोली, मधु नौटियाल, मंजू लोहनी, रोशनी चौहान, चंदा पोखरियाल आदि मौजूद रहे।
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थाने की छत पर चढ़ीं महिलाएं
विधानसभा घेराव करने पहुंचे चिन्हित राज्य आंदोलनकारियों को गिरफ्तार करने के बाद नेहरू कॉलोनी थाने से घर भेजने की व्यवस्था न होने के कारण गुस्साई महिलाएं थाने की छत पर चढ़ गईं और हंगामा कर दिया। इससे थाने में अफरातफरी का माहौल बन गया। पुलिसकर्मियों ने जैसे-तैसे मामला शांत किया। आंदोलनकारियों को घर तक छोड़ने के लिए चार विक्रम बुलाए गए। आंदोलनकारी उनमें बैठकर जिलाधिकारी के आवास पहुंचे। जहां डीएम के कैंप कार्यालय में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
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ये हैं आंदोलनकारियों की मांगें
- 31 दिसंबर 2017 से पूर्व चिन्हिकरण के लिए जमा आवेदनों का निरस्तारण किया जाए।
- राज्य आंदोलनकारियों को दस प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया जाए।
- राज्य आंदोलनकारियों को एक समान पेंशन दी जाए।
- गैरसेंण को स्थायी राजधानी घोषित की जाए।
- राज्य आंदोलनकारियों को भी स्वतंत्रता सेनानियों की तरह सुविधाएं दी जाएं।