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अफसरों के आने से पहले हटाया सड़ा हुआ राशन
Updated Fri, 29 Jun 2018 02:04 AM IST
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अफसरों के आने से पहले हटा दिया सड़ा हुआ चावल
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। संभागीय खाद्य नियंत्रक (आरएफसी) के गोदाम में महीनों से सड़ रहे चावल के संबंध में अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद अफसरों की नींद टूट गई है। बृहस्पतिवार को आरएफसी अन्य अधिकारियों के साथ गूलरघाटी गोदाम पर पहुंचे और राशन की जांच-पड़ताल की। हालांकि इस इससे पहले ही कर्मचारियों ने सड़ा हुआ चावल हटा दिया था। सूत्रों की मानें तो अधिकारी मौके पर मिले साफ चावल का ही सैंपल लेकर वापस आ गए। बताया जा रहा है कि विभागीय अधिकारी इस मामले में लीपापोती करने में लगे हैं।
बता दें कि जून 2017 में पूर्व खाद्य विभाग ने भारतीय खाद्य निगम से 2200 रुपये प्रति क्विंटल की दर से लगभग 10 हजार क्विंटल चावल की खरीद की थी। यह चावल आरएफसी के गूलरघाटी स्थित गोदाम में रखा गया था। यह चावल राज्य पोषित योजना के तहत एपीएल कार्डधारकों को वितरित किया जाना था।
उस समय सब्सिडी कम करने के विरोध में राशन डीलरों ने चावल का उठान करने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद से यह चावल गोदाम पर पड़ा हुआ है। विभाग इस ठीक से रखरखाव नहीं कर पाया, जिससे चावल खराब होता चला गया। अब स्थिति ये है कि काफी मात्रा में चावल सड़ चुका है, जिससे दुर्गंध आने लगी है। बताया गया है कि अब ये चावल जानवरों के खाने लायक भी नहीं रहा है। अमर उजाला में इस संबंध में बृहस्पतिवार के अंक में प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी, जिसके बाद संबंधित अधिकारियों में हड़कंप मच गया। दोपहर में आरएफसी चंद्र सिंह धर्मसत्तु अन्य अधिकारियों के साथ गूलरघाटी गोदाम पहुंचे।
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सूत्रों की मानें तो आरएफसी के आने से पहले ही कर्मचारियों ने सड़ा हुआ चावल मौके से हटा दिया और उनको साफ चावल दिखा दिया गया। इसके बाद अधिकारी साफ चावल का ही सैंपल लेकर वापस आ गए। सूत्रों की मानें तो अब अधिकारी इस लापरवाही पर पर्दा डालने का प्रयास कर रहे हैं।
पहाड़ पर खपाने की थी तैयारी
आपूर्ति विभाग इस सडे़ हुए चावल को साफ राशन में मिलाकर राज्य के पर्वतीय जिलों में भेजने की तैयारी कर रहा था। इससे पहले ही अमर उजाला ने इस लापरवाही से पर्दा उठा दिया। बताया जा रहा है कि इस चावल की गुणवत्ता खराब हो चुकी है। इसमें कीड़े लग गए हैं। यह कीड़े चावल खाने वालों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इस संबंध में चार दिन पहले राशन की दुकानों वितरित होने वाले चावल में कीड़े निकलने के संबंध में अमर उजाला ने समाचार प्रकाशित होने के बाद मामला उजागर हुआ था।
मामला संज्ञान में आने के बाद मैं गोदाम पर जांच करने के लिए गया था। मौके पर हमें जो चावल मिला है। उसका सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- चंद्र सिंह धर्मसत्तुु, आरएफ सी, दून
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। संभागीय खाद्य नियंत्रक (आरएफसी) के गोदाम में महीनों से सड़ रहे चावल के संबंध में अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद अफसरों की नींद टूट गई है। बृहस्पतिवार को आरएफसी अन्य अधिकारियों के साथ गूलरघाटी गोदाम पर पहुंचे और राशन की जांच-पड़ताल की। हालांकि इस इससे पहले ही कर्मचारियों ने सड़ा हुआ चावल हटा दिया था। सूत्रों की मानें तो अधिकारी मौके पर मिले साफ चावल का ही सैंपल लेकर वापस आ गए। बताया जा रहा है कि विभागीय अधिकारी इस मामले में लीपापोती करने में लगे हैं।
बता दें कि जून 2017 में पूर्व खाद्य विभाग ने भारतीय खाद्य निगम से 2200 रुपये प्रति क्विंटल की दर से लगभग 10 हजार क्विंटल चावल की खरीद की थी। यह चावल आरएफसी के गूलरघाटी स्थित गोदाम में रखा गया था। यह चावल राज्य पोषित योजना के तहत एपीएल कार्डधारकों को वितरित किया जाना था।
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उस समय सब्सिडी कम करने के विरोध में राशन डीलरों ने चावल का उठान करने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद से यह चावल गोदाम पर पड़ा हुआ है। विभाग इस ठीक से रखरखाव नहीं कर पाया, जिससे चावल खराब होता चला गया। अब स्थिति ये है कि काफी मात्रा में चावल सड़ चुका है, जिससे दुर्गंध आने लगी है। बताया गया है कि अब ये चावल जानवरों के खाने लायक भी नहीं रहा है। अमर उजाला में इस संबंध में बृहस्पतिवार के अंक में प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी, जिसके बाद संबंधित अधिकारियों में हड़कंप मच गया। दोपहर में आरएफसी चंद्र सिंह धर्मसत्तु अन्य अधिकारियों के साथ गूलरघाटी गोदाम पहुंचे।
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सूत्रों की मानें तो आरएफसी के आने से पहले ही कर्मचारियों ने सड़ा हुआ चावल मौके से हटा दिया और उनको साफ चावल दिखा दिया गया। इसके बाद अधिकारी साफ चावल का ही सैंपल लेकर वापस आ गए। सूत्रों की मानें तो अब अधिकारी इस लापरवाही पर पर्दा डालने का प्रयास कर रहे हैं।
पहाड़ पर खपाने की थी तैयारी
आपूर्ति विभाग इस सडे़ हुए चावल को साफ राशन में मिलाकर राज्य के पर्वतीय जिलों में भेजने की तैयारी कर रहा था। इससे पहले ही अमर उजाला ने इस लापरवाही से पर्दा उठा दिया। बताया जा रहा है कि इस चावल की गुणवत्ता खराब हो चुकी है। इसमें कीड़े लग गए हैं। यह कीड़े चावल खाने वालों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इस संबंध में चार दिन पहले राशन की दुकानों वितरित होने वाले चावल में कीड़े निकलने के संबंध में अमर उजाला ने समाचार प्रकाशित होने के बाद मामला उजागर हुआ था।
मामला संज्ञान में आने के बाद मैं गोदाम पर जांच करने के लिए गया था। मौके पर हमें जो चावल मिला है। उसका सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- चंद्र सिंह धर्मसत्तुु, आरएफ सी, दून