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समस्याओं के निदान को जनजागरण अभियान चलाएगा संयुक्त मोर्चा
Updated Mon, 07 May 2018 02:24 AM IST
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ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
उत्तराखंड कार्मिक, शिक्षक, आउटसोर्स संयुक्त मोर्चा ने सोमवार से 14 मई तक गेट मीटिंग के जरिये जनजागरण अभियान चलाएगा। वहीं, 13 सूत्री मांगें पूरी नहीं होने पर 18 को प्रदेश के सभी जिलों में एक दिवसीय धरना दिया जाएगा।
उत्तरांचल प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता में मोर्चा के मुख्य प्रवक्ता रामचंद्र रतूड़ी ने बताया कि बीते तीन मई को मुख्यमंत्री तथा मुख्य सचिव को मांगपत्र दिया गया था। वहीं, शुक्रवार को मोर्चा के पदाधिकारियों ने बैठक कर गेट मीटिंग के जरिए जनजागरण अभियान चलाने का फैसला किया। सात को वन निगम मुख्यालय, आठ को विकास भवन, नौ को ऊर्जा भवन, 10 को रोडवेज वर्कशाप, 11 को सिंचाई-लोनिवि मुख्यालय पर गेट मीटिंग होगी। वहीं, 12 से 14 की गेट मीटिंग की स्थान बाद में घोषित किया जाएगा। इसके बाद प्रदेश के सभी जिला मुख्य संयोजक और संयोजक पदों पर कर्मचारियों को नामित किया गया। वहीं, कई जिलों में संयोजक नियुक्त करने की जिम्मेदारी मुख्य संयोजक को सौंपी गई है। इस मौके पर प्रवक्ता अरुण पांडे, गोविंद सिंह नेगी, प्रह्लाद सिंह, रवि पचौरी, दीपक जोशी, संतोष रावत, सोहन सिंह, राजेंद्र बहुगुणा आदि मौजूद रहे।
.....................
जिला मुख्य संयोजक संयोजक
देहरादून ओमवीर सिंह सतेंद्र कुमार
हरिद्वार राजेश श्रीवास्तव राजबल त्यागी
टिहरी बीपी चमोली -
चमोली मोहन जोशी -
उत्तरकाशी द्वारका प्रसाद बिजल्वाण अजय जोशी
पौड़ी हरेंद्र नेगी नरेश सिंह
रुद्रप्रयाग कुशलानंद भट्ट -
ऊधमसिंह नगर प्रदीप जोशी -
नैनीताल बहादुर सिंह बिष्ट चंद्रशेखर सनवाल
बागेश्वर सुरेश चंद पंत -
अल्मोड़ा पंकज कांडवाल जीवन चंद पपनै
पिथौरागढ़ केसी पंत -
चंपावत भूपेंद्र जोशी -
.......................
कार्मिकों, शिक्षकों, आउटसोर्स कर्मियों की प्रमुख समस्याएं
- शिक्षकों-कर्मचारियों को सेवाकाल में शासन के कार्मिक विभाग की ओर से जारी नियमावली के तहत तीन पदोन्नति स्वीकृत या तीन एसीपी का लाभ दिया जाए।
- 4600 ग्रेड वेतन प्राप्त शिक्षकों को 17140 रुपये मूलवेतन अनुमन्य कर संवर्गीय वेतन विसंगति दूर की जाए।
- पूर्व एसीपी 10,16,26 पदोन्नति के साथ कार्मिकों को दी जाए, ऊर्जा निगम के कार्मिकों को 9,14,19 एसीपी का लाभ मिले।
- चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों को एसीपी के तहत ग्रेड पे 4200 रुपये मिले तथा ढांचों में खत्म पदों को फिर से लागू किया जाए।
- सभी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन पॉलिसी लागू की जाए।
- विभागों के एकीकरण के नाम पर पदों को खत्म न किया जाए।
- सार्वजनिक निगमों, उपक्रमों, स्वायत्तशासी संस्थाओं, जिन्हें सातवें वेतनमान के तहत एरियर का भुगतान नहीं हुआ है, उन्हें एरियर दिया जाए।
- यू-हेल्थ कार्ड योजना का लाभ राजकीय, शिक्षकों, सार्वजनिक निगमों, उपक्रमों, स्वायत्तशासी संस्थाओं एवं आउटसोर्स को एकसाथ दिया जाए।
- उपनल, आउटसोर्स, पीटीसी, विशेष श्रेणी के जरिये कार्यरत कार्मिकों को नियमित किया जाए, या फिर उच्चतम न्यायालय के आदेश के तहत समान कार्य समान वेतन एवं न्यूनतम वेतन 15,18,21,24,28 हजार प्रतिमाह मिले।
विज्ञापन
- स्थानांतरण एक्ट के तहत 55 वर्ष पूरी कर चुके पुरुष एवं 50 वर्ष पूरी कर चुकी महिला कार्मिकों को एक्ट से मुक्त रखा जाए। कार्यस्थल की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार स्थानांतरण का निर्धारण हो।
- इंदु कुमार पांडे की अध्यक्षता में गठित वेतन समिति को भंग किया जाए तथा पूर्व की तरह मुख्य सचिव की अध्यक्षता में वेतन विसंगतियों का निराकरण कराया जाए।
- शिथिलीकरण की व्यवस्था को बहाल किया जाए। सभी कार्मिकों को 1200 रुपये वाहन भत्ता दिया जाए।
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उत्तराखंड कार्मिक, शिक्षक, आउटसोर्स संयुक्त मोर्चा ने सोमवार से 14 मई तक गेट मीटिंग के जरिये जनजागरण अभियान चलाएगा। वहीं, 13 सूत्री मांगें पूरी नहीं होने पर 18 को प्रदेश के सभी जिलों में एक दिवसीय धरना दिया जाएगा।
उत्तरांचल प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता में मोर्चा के मुख्य प्रवक्ता रामचंद्र रतूड़ी ने बताया कि बीते तीन मई को मुख्यमंत्री तथा मुख्य सचिव को मांगपत्र दिया गया था। वहीं, शुक्रवार को मोर्चा के पदाधिकारियों ने बैठक कर गेट मीटिंग के जरिए जनजागरण अभियान चलाने का फैसला किया। सात को वन निगम मुख्यालय, आठ को विकास भवन, नौ को ऊर्जा भवन, 10 को रोडवेज वर्कशाप, 11 को सिंचाई-लोनिवि मुख्यालय पर गेट मीटिंग होगी। वहीं, 12 से 14 की गेट मीटिंग की स्थान बाद में घोषित किया जाएगा। इसके बाद प्रदेश के सभी जिला मुख्य संयोजक और संयोजक पदों पर कर्मचारियों को नामित किया गया। वहीं, कई जिलों में संयोजक नियुक्त करने की जिम्मेदारी मुख्य संयोजक को सौंपी गई है। इस मौके पर प्रवक्ता अरुण पांडे, गोविंद सिंह नेगी, प्रह्लाद सिंह, रवि पचौरी, दीपक जोशी, संतोष रावत, सोहन सिंह, राजेंद्र बहुगुणा आदि मौजूद रहे।
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जिला मुख्य संयोजक संयोजक
देहरादून ओमवीर सिंह सतेंद्र कुमार
हरिद्वार राजेश श्रीवास्तव राजबल त्यागी
टिहरी बीपी चमोली -
चमोली मोहन जोशी -
उत्तरकाशी द्वारका प्रसाद बिजल्वाण अजय जोशी
पौड़ी हरेंद्र नेगी नरेश सिंह
रुद्रप्रयाग कुशलानंद भट्ट -
ऊधमसिंह नगर प्रदीप जोशी -
नैनीताल बहादुर सिंह बिष्ट चंद्रशेखर सनवाल
बागेश्वर सुरेश चंद पंत -
अल्मोड़ा पंकज कांडवाल जीवन चंद पपनै
पिथौरागढ़ केसी पंत -
चंपावत भूपेंद्र जोशी -
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कार्मिकों, शिक्षकों, आउटसोर्स कर्मियों की प्रमुख समस्याएं
- शिक्षकों-कर्मचारियों को सेवाकाल में शासन के कार्मिक विभाग की ओर से जारी नियमावली के तहत तीन पदोन्नति स्वीकृत या तीन एसीपी का लाभ दिया जाए।
- 4600 ग्रेड वेतन प्राप्त शिक्षकों को 17140 रुपये मूलवेतन अनुमन्य कर संवर्गीय वेतन विसंगति दूर की जाए।
- पूर्व एसीपी 10,16,26 पदोन्नति के साथ कार्मिकों को दी जाए, ऊर्जा निगम के कार्मिकों को 9,14,19 एसीपी का लाभ मिले।
- चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों को एसीपी के तहत ग्रेड पे 4200 रुपये मिले तथा ढांचों में खत्म पदों को फिर से लागू किया जाए।
- सभी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन पॉलिसी लागू की जाए।
- विभागों के एकीकरण के नाम पर पदों को खत्म न किया जाए।
- सार्वजनिक निगमों, उपक्रमों, स्वायत्तशासी संस्थाओं, जिन्हें सातवें वेतनमान के तहत एरियर का भुगतान नहीं हुआ है, उन्हें एरियर दिया जाए।
- यू-हेल्थ कार्ड योजना का लाभ राजकीय, शिक्षकों, सार्वजनिक निगमों, उपक्रमों, स्वायत्तशासी संस्थाओं एवं आउटसोर्स को एकसाथ दिया जाए।
- उपनल, आउटसोर्स, पीटीसी, विशेष श्रेणी के जरिये कार्यरत कार्मिकों को नियमित किया जाए, या फिर उच्चतम न्यायालय के आदेश के तहत समान कार्य समान वेतन एवं न्यूनतम वेतन 15,18,21,24,28 हजार प्रतिमाह मिले।
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- इंदु कुमार पांडे की अध्यक्षता में गठित वेतन समिति को भंग किया जाए तथा पूर्व की तरह मुख्य सचिव की अध्यक्षता में वेतन विसंगतियों का निराकरण कराया जाए।
- शिथिलीकरण की व्यवस्था को बहाल किया जाए। सभी कार्मिकों को 1200 रुपये वाहन भत्ता दिया जाए।