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आठ घंटे बाद बुझाई जा सकी आग
Updated Sun, 07 Jan 2018 02:05 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/साहिया।
माख्टी क्षेत्र के जंगल में भड़की आग पर आठ घंटे बाद शनिवार को काबू पाया जा सका। आग बुझाने के लिए ग्रामीणों को खासी मशक्कत करनी पड़ी। उधर, मौके पर राजस्व विभाग के किसी अधिकारी और कर्मचारी के न पहुंचने पर ग्रामीणों ने रोष व्यक्त किया।
बता दें शुक्रवार शाम करीब चार बजे शिलगुर डांडा, डामठा और भरायत जंगल में आग भड़क गई थी। आग इतनी विकराल थी कि दूर से ही आग की लपटें नजर आ रही थीं। स्थानीय निवासी रणवीर सिंह चौहान, टीकम, परमचंद आदि का कहना है कि आग की चपेट में आकर एक बड़े भू-भाग में खड़ी वन संपदा राख हो गई है। ग्रामीणों के अनुसार सूचना के बावजूद राजस्व और वन विभाग के अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे थे। इसस बांज और बुरांश के कई पेड़ जल गए। वहीं जंगल में आग लगने से पशुपालकों के सामने चारा-पत्ती का संकट हो गया है। ग्रामीणों के अनुसार रात करीब 12 बजे आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक एक बड़े भू भाग में खड़ी वन संपदा पूरी तरह से जलकर राख हो चुकी थी। एसडीएम कालसी बृजेश तिवारी ने कहा कि निर्देश के बावजूद मौके पर राजस्व कर्मी क्यों नहीं पहुंचे। इस संबंध में रिपोर्ट तलब की जाएगी।
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माख्टी क्षेत्र के जंगल में भड़की आग पर आठ घंटे बाद शनिवार को काबू पाया जा सका। आग बुझाने के लिए ग्रामीणों को खासी मशक्कत करनी पड़ी। उधर, मौके पर राजस्व विभाग के किसी अधिकारी और कर्मचारी के न पहुंचने पर ग्रामीणों ने रोष व्यक्त किया।
बता दें शुक्रवार शाम करीब चार बजे शिलगुर डांडा, डामठा और भरायत जंगल में आग भड़क गई थी। आग इतनी विकराल थी कि दूर से ही आग की लपटें नजर आ रही थीं। स्थानीय निवासी रणवीर सिंह चौहान, टीकम, परमचंद आदि का कहना है कि आग की चपेट में आकर एक बड़े भू-भाग में खड़ी वन संपदा राख हो गई है। ग्रामीणों के अनुसार सूचना के बावजूद राजस्व और वन विभाग के अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे थे। इसस बांज और बुरांश के कई पेड़ जल गए। वहीं जंगल में आग लगने से पशुपालकों के सामने चारा-पत्ती का संकट हो गया है। ग्रामीणों के अनुसार रात करीब 12 बजे आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक एक बड़े भू भाग में खड़ी वन संपदा पूरी तरह से जलकर राख हो चुकी थी। एसडीएम कालसी बृजेश तिवारी ने कहा कि निर्देश के बावजूद मौके पर राजस्व कर्मी क्यों नहीं पहुंचे। इस संबंध में रिपोर्ट तलब की जाएगी।
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