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दुकानों के आवंटन में धांधली का आरोप
Updated Wed, 11 Apr 2018 02:32 AM IST
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ब्यूरो/ अमर उजाला, मसूरी
मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण की ओर से झूलाघर में बनाई गई दुकानों के आवंटन में मसूरी ट्रेड एंड वेलफेयर एसोसिएशन ने धांधली का आरोप लगाया है। आरोप लगाया कि पालिकाध्यक्ष ने अपने चहेतों को दुकान आवंटन कर दी। उन्होंने न्याय न मिलने पर न्यायालय की शरण लेने की बात कही है।
मंगलवार को एसोसिएशन की ओर से एक पत्रकार वार्ता में अध्यक्ष रजत अग्रवाल ने आरोप लगाया कि विगत 6 अप्रैल को पालिकाध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल ने झूलाघर में निर्माणाधीन दुकानों में से 17 दुकानें बिना किसी सार्वजनिक सूचना के अपने चहेतों को आवंटित कर दी। जबकि कार्यदायी संस्था एमडीडीए ने निर्माण कार्य पूरा नहीं किया है और न उक्त निर्माण कार्य को पूरा नहीं किया गया और न ही अभी तक नगर पालिका को दुकानें हस्तांतरित की गईं हैं। आरोप लगाया कि दुकानों के आवंटन में भारी धांधली की गईं हैं। डीपीआर में जिन लोगों के नाम शामिल हैं, उनमें कई लोगों के नाम गायब कर दिए गए हैं, जिनमें मुख्य रूप से अमित गुप्ता का नाम भी है, जिनका नाम एमडीडीए की डीपीआर में 11 नंबर पर अंकित है, लेकिन 6 अप्रैल को उनको दुकान आवंटित नहीं की गई। कहा कि एमडीडीए और नगर पालिका ने उन्हें न्याय नहीं दिया तो वह कोर्ट जाएंगे। इस संबंध में नगर पालिका अध्यक्ष मनमोहन मल्ल और एमडीडीए के सहायक अभियंता एसएस रावत से उनका पक्ष जानने को फोन पर संपर्क किया गया, तो उनसे संपर्क नहीं हो पाया। भविष्य में उनका पक्ष आने पर हूबहू प्रकाशित किया जाएगा।
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मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण की ओर से झूलाघर में बनाई गई दुकानों के आवंटन में मसूरी ट्रेड एंड वेलफेयर एसोसिएशन ने धांधली का आरोप लगाया है। आरोप लगाया कि पालिकाध्यक्ष ने अपने चहेतों को दुकान आवंटन कर दी। उन्होंने न्याय न मिलने पर न्यायालय की शरण लेने की बात कही है।
मंगलवार को एसोसिएशन की ओर से एक पत्रकार वार्ता में अध्यक्ष रजत अग्रवाल ने आरोप लगाया कि विगत 6 अप्रैल को पालिकाध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल ने झूलाघर में निर्माणाधीन दुकानों में से 17 दुकानें बिना किसी सार्वजनिक सूचना के अपने चहेतों को आवंटित कर दी। जबकि कार्यदायी संस्था एमडीडीए ने निर्माण कार्य पूरा नहीं किया है और न उक्त निर्माण कार्य को पूरा नहीं किया गया और न ही अभी तक नगर पालिका को दुकानें हस्तांतरित की गईं हैं। आरोप लगाया कि दुकानों के आवंटन में भारी धांधली की गईं हैं। डीपीआर में जिन लोगों के नाम शामिल हैं, उनमें कई लोगों के नाम गायब कर दिए गए हैं, जिनमें मुख्य रूप से अमित गुप्ता का नाम भी है, जिनका नाम एमडीडीए की डीपीआर में 11 नंबर पर अंकित है, लेकिन 6 अप्रैल को उनको दुकान आवंटित नहीं की गई। कहा कि एमडीडीए और नगर पालिका ने उन्हें न्याय नहीं दिया तो वह कोर्ट जाएंगे। इस संबंध में नगर पालिका अध्यक्ष मनमोहन मल्ल और एमडीडीए के सहायक अभियंता एसएस रावत से उनका पक्ष जानने को फोन पर संपर्क किया गया, तो उनसे संपर्क नहीं हो पाया। भविष्य में उनका पक्ष आने पर हूबहू प्रकाशित किया जाएगा।
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