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कर्मचारियों की तैनाती के दौरान ही की जाए निर्माण कार्यों की जांच

Dehradun Bureauदेहरादून ब्यूरो Updated Sat, 12 Jan 2019 02:10 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला।
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देहरादून। उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ (लोक निर्माण विभाग) के 10वें अधिवेशन में कर्मचारियों की तैनाती के दौरान ही निर्माण कार्यों की जांच की मांग की गई। शुक्रवार को निरंजन फार्म में अधिवेशन के दूसरे दिन संगठन के सदस्यों ने बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल को 12 सूत्री मांगों से संबंधित एक ज्ञापन सौंपा।
इसमें कर्मचारियों ने कहा कि आमतौर पर सेवानिवृत्त होने के बाद किसी निर्माण कार्य या किसी मामले की जांच कराई जाती है, यह गलत है, इस परंपरा को बदलना होगा। यदि कर्मचारी की तैनाती के दौरान ही किसी कार्य आदि की जांच की जाए तो बेहतर होगा। इसके अलावा उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष के सामने पुरानी पेंशन बहाल करने की भी मांग रखी। विधानसभा अध्यक्ष से कर्मचारियों को पदनाम के साथ सेवानिवृत्त करने की भी बात कही। इससे पहले विधानसभा अध्यक्ष ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि कर्मचारी कार्य की संस्कृति को अपनाएं। ताकि विकास कार्यों में तेजी आए। अधिवेशन की अध्यक्षता आरएस मेहरा और संचालन शिवराज लोधियाल, अजेंद्र जोशी, डीसी नौटियाल ने किया। विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रमुख अभियंता आरसी पुरोहित एवं विभागाध्यक्ष लोनिवि हरिओम शर्मा, मुख्य अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग राजेंद्र गोयल व मुख्य अभियंता सतेंद्र शर्मा मौजूद रहे। इस अवसर पर एसएस चौहान, यूएस महर, हरीशचंद्र नौटियाल, एलपी पैन्यूली, आरसी शर्मा, बीसी भट्ट, सीएम पांडेय, सतीश भट्ट, हरीश, अजेंद्र जोशी आदि मौजूद रहे।

प्रमुख मांगें
>> हर खंड में पांच सहायक अभियंता और 15 कनिष्ठ अभियंता के पदों के आधार पर पुनर्गठन किया जाए।
>> प्रभारी सहायक अभियंता के रूप में कार्य कर रहे कनिष्ठ अभियंताओं के साथ ही प्रभारी अधिशासी अभियंता एवं अधीक्षण अभियंताओं को भी वन टाइम डीपीसी का लाभ मिले।
>> पुरानी पेंशन योजना को फिर से लागू किया जाए।
>> कार्यों की गुणवत्ता पर नियंत्रण रखने के लिए अनुबंध का 50 प्रतिशत से अधिक भुगतान अनुबंध गठित करने वाले अधिकारी के निरीक्षण के दौरान लिया जाए। 90 प्रतिशत से अधिक भुगतान अंतिमीकरण तकनीकी स्वीकृति देने वाले अधिकारी के निरीक्षण के बाद किया जाए। अन्य एजेंसियों द्वारा कार्यों की जांच, कार्य पूरा होने के छह माह के अंदर कराई जाए।
>> स्थानांतरण एक्ट का पालन किया जाए एवं वर्षभर स्थानांतरण की प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए।
>> प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के कार्यों का क्रियान्वयन एवं प्रशासनिक नियंत्रण लोक निर्माण विभाग को ही दिया जाए।
>> बिना किसी कारण वार्षिक गोपनीय आख्या अप्राप्त होने के चलते किसी सदस्य की पदोन्नति/वित्तीय स्तरोन्नयन न रोका जाए, वार्षिक गोपनीय आख्या का संकलन/रिकॉर्ड ऑनलाइन किया जाए।
>> विभाग में सहायक एवं अधिशासी अभियंताओं के पदों पर पदोन्नति के लिए डीपीसी की प्रक्रिया शासनादेश के अनुसार वर्ष में दो बार पूरी कराई जाए।
>> पूर्व में स्वीकृत पीएमजीएसवाई के आठ संवर्गीय खंडों को गलती से निसंवर्गीय कर दिया था, उन्हें पुन: संवर्गीय किया जाए।
>> सहायक अभियंता की सेवा नियमावली में सहायक अभियंता पद पर पदोन्नति के लिए न्यूनतम तकनीकी योग्यता सिविल/मैकेनिकल/इलेक्ट्रिकल अभियंत्रिकी में मान्यता प्राप्त पॉलीटेक्निक से तीन वर्षीय डिप्लोमा अनिवार्य किया जाए।
>> अभियंताओं के कार्य के दौरान दुर्घटनाग्रस्त होने पर न्यूनतम एक करोड़ रुपये तक का सामूहिक दुर्घटना बीमा सुविधा का लाभ दिया जाए।
>> सहायक एवं उच्च अभियंत्रण पदों का तकनीकी दायित्व निर्धारित कर इससे संबधित आदेश जारी किए जाएं।

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