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प्रमाणपत्र पर लेखपाल शांत, एसआईटी के खिलाफ गुस्सा जारी

Wed, 08 May 2019 02:03 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Wed, 08 May 2019 02:03 AM IST
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प्रमाणपत्र पर लेखपाल शांत, एसआईटी के खिलाफ गुस्सा जारी
ब्यूरो/अमर उजाला
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देहरादून। आय प्रमाणपत्र से संबंधित शासनादेश जारी होने के बाद मंगलवार को लेखपाल शांत हो गए। लेकिन, एसआईटी (भूमि) की कार्रवाई के खिलाफ उनका गुस्सा जारी रहेगा। यानी दाखिल खारिज का उनका बहिष्कार जारी रहेगा। इनकी मांग है कि एसआईटी संबंधित शासनादेश में भी बदलाव किया जाए। आरोप है एसआईटी नियम विरुद्ध कार्य करके लेखपालों को प्रताड़ित करने में लगी हुई है।
मंगलवार को उत्तराखंड लेखपाल संघ की एक बैठक बुलाई गई थी। प्रांतीय अध्यक्ष ताराचंद घिल्डियाल ने बताया कि आय प्रमाणपत्र को लेकर प्रदेश में पहली बार शासनादेश जारी किया गया है। इसको लेकर संघ ने खुशी जताई है और आय प्रमाणपत्र संबंधी बहिष्कार समाप्त करने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि यह उनकी एक मांग है। जबकि, संघ की दूसरी मांग पुलिस द्वारा किया जा रहा उनका उत्पीड़न रोकना इससे भी महत्वपूर्ण है। ताराचंद घिल्डियाल ने बताया कि एसआईटी नियम विरुद्ध कार्रवाई कर रही है। इसका शासनादेश 2014 में जारी हुआ था। एसआईटी के साथ-साथ ही गढ़वाल मंडल आयुक्त की अध्यक्षता में एक लैंड फ्राड समिति का गठन भी हुआ था। समिति के बाद मामले एसआईटी के पास जाने थे। इसका कारण है कि समिति में राजस्व विभाग के अधिकारी भी शामिल हैं जो कि राजस्व की समझ पुलिस से ज्यादा रखते हैं। बावजूद इसके पुलिस सीधे ही मामलों में कार्रवाई कर रही है। ऐसे में लेखपालों के अधिकारों में दखल देने में लगी है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में शासनादेश में संशोधन होने तक वे दाखिल खारिज की रिपोर्ट नहीं लगाएंगे।
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हमारे लोगों को फंसा रही एसआईटी : संघ
अध्यक्ष ताराचंद घिल्डियाल ने बताया कि लेखपालों को उनकी स्वायत्तता चाहिए। ताकि वे आगे के काम भी ठीक से कर सकें। जबकि, एसआईटी जानबूझकर हमारे लोगों को फंसाने में लगी है। इससे पूरे विभाग की छवि धूमिल हो रही है।
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ये हैं मांगे
>> एसआईटी संबंधी शासनादेश में संशोधन किया जाए।
>> जांच के दौरान राजस्व ज्यूरी से पहले जांच कराई जाए।
>> यदि किसी लेखपाल की भूमिका संदिग्ध है तो इसकी विभागीय जांच कराई जाए।
>> लेखपालों के विरुद्ध सीधे मुकदमे दर्ज नहीं होने चाहिए।
>> राजस्व विभाग के अधिकारियों की समय-समय पर राय मशविरा लिया जाए।

हड़ताल के दौरान दलालों की रही चांदी
देहरादून। तीन माह से चल रही पटवारियों की हड़ताल मंगलवार को भले ही समाप्त हो गई। लेकिन, इस दौरान दलालों ने प्रमाणपत्र आदि बनवाने के लिए जमकर वसूली की। आलम यह रहा है कि एक-एक प्रमाणपत्र के नाम पर तीन-तीन सौ रुपये तक की वसूली की गई। इस दौरान लोगों को आश्वासन दिया गया कि हड़ताल खुलते ही सबसे पहले उनके प्रमाणपत्र बनाए जाएंगे।

कांवली रोड निवासी श्याम वर्मा ने बताया कि उनके बेटे को किसी काम के लिए आय प्रमाणपत्र की जरूरत है। लेकिन, पटवारियों की हड़ताल के कारण नहीं बन पा रहा था। इसी बीच वह हड़ताल खत्म होने की जानकारी लेने तहसील पहुंचे। वहां एक व्यक्ति ने जल्द प्रमाणपत्र बनवाने के नाम पर उनसे तीन सौ रुपये लिए। बताया गया कि हड़ताल समाप्त होते ही सबसे पहले उनका प्रमाणपत्र बनाया जाएगा। यही कहना डालनवाला निवासी सुमित्रा देवी का है। इनसे भी एक व्यक्ति ने आय प्रमाणपत्र बनवाने के लिए ढाई सौ रुपये लिए।

यदि प्रमाणपत्र बनवाने के नाम पर कोई पैसा मांग रहा है तो लोगों को नहीं देना चाहिए। बुधवार से सभी प्रमाणपत्र बनने शुरू हो जाएंगे
राधेश्याम पैन्यूली ,जिला अध्यक्ष ,उत्तराखंड लेखपाल संघ
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