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विवाहिता से दुष्कर्म का आरोपी बरी
Updated Sun, 22 Jul 2018 01:44 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
विवाहिता से दुष्कर्म के आरोपी को प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने सुनवाई के बाद शनिवार को बरी कर दिया। कोर्ट में विवाहिता पक्ष जबरन धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने और लव जेहाद के मामले को भी साबित नहीं कर सका।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता सौरभ दुसेजा ने बताया कि पीड़िता ने 27 नवम्बर 2017 को ग्राम दुरऊ, किच्छा जिला ऊधमसिंह नगर निवासी शमीम खान (28) पर दुराचार का आरोप लगाते हुए मसूरी थाने में तहरीर दी थी। विवाहिता ने दुराचार का वीडियो बनाने और उसे इंटरनेट पर डालने की धमकी देकर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने का भी आरोप लगाया था। विवाहिता ने शमीम ने फेसबुक पर फर्जी अकाउंट बनाने और पति से कई झूठी शिकायतें करने का आरोप लगाया था। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने माना कि पीड़िता और आरोपी एक ही जगह काम करते थे और दोनों के बीच दोस्ती थी। वहीं सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष लव जेहाद के तथ्य साबित नहीं कर सका। इसके आधार पर एचजेएस आरके खुल्बे की कोर्ट ने आरोपी को दुराचार के आरोप से बरी कर दिया।
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विवाहिता से दुष्कर्म के आरोपी को प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने सुनवाई के बाद शनिवार को बरी कर दिया। कोर्ट में विवाहिता पक्ष जबरन धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने और लव जेहाद के मामले को भी साबित नहीं कर सका।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता सौरभ दुसेजा ने बताया कि पीड़िता ने 27 नवम्बर 2017 को ग्राम दुरऊ, किच्छा जिला ऊधमसिंह नगर निवासी शमीम खान (28) पर दुराचार का आरोप लगाते हुए मसूरी थाने में तहरीर दी थी। विवाहिता ने दुराचार का वीडियो बनाने और उसे इंटरनेट पर डालने की धमकी देकर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने का भी आरोप लगाया था। विवाहिता ने शमीम ने फेसबुक पर फर्जी अकाउंट बनाने और पति से कई झूठी शिकायतें करने का आरोप लगाया था। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने माना कि पीड़िता और आरोपी एक ही जगह काम करते थे और दोनों के बीच दोस्ती थी। वहीं सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष लव जेहाद के तथ्य साबित नहीं कर सका। इसके आधार पर एचजेएस आरके खुल्बे की कोर्ट ने आरोपी को दुराचार के आरोप से बरी कर दिया।
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