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शबद-कीर्तन से किया संगतों को निहाल
Updated Sun, 15 Apr 2018 02:24 AM IST
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शबद-कीर्तन से किया संगतों को निहाल
ब्यूरो/अमर उजाला
देहराूदन।
राजधानी के गुरुद्वारों में शनिवार को खालसा का सृजन दिवस बैसाखी पर्व श्रद्धा एवं उत्साहपूर्वक मनाया गया। गुरुद्वारों में शबद-कीर्तन के साथ गुरुवाणी का पाठ किया गया। इस दौरान संगतों ने मत्था टेका और लंगर छका। दिनभर गुरुद्वारों में श्रद्धालुओं की भीड़ रही।
आढ़त बाजार स्थित गुरुदारा श्री गुरु सिंह सभा में सुबह सतवंत सिंह ने शबद से संगतों को निहाल किया। इस अवसर पर 34 जन अमृतपान कर गुरुवाले बने। जिन्हें गुरु घर से सरोपा भेंट किए गए। पांवटा साहिब से पधारे भाई परमजीत सिंह और नवनीत सिंह हजूरी रागी दरबार साहिब ने शबद गायन कर संगतों का निहाल किया। इनके अलावा भाई अमरप्रीत सिंह और लंदन से पधारे मदन सिंह ने भी शबद गायन किया।
इस अवसर पर गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह राजन, महासचिव गुलजार सिंह, गुरुद्वारा गुरु संगत धामावाला के अध्यक्ष मनमोहन सिंह बेदी, सचिव सतनाम सिंह, जसपाल सिंह चोपड़ा, देवेंद्र सिंह, भजन सिंह जस्सल, हरीश सचदेवा, जेएस छाबड़ा, राजेंद्र सिंह राजा, गगन दीप सिंह भाटिया मनजीत सिंह आदि मौजूद रहे।
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गुरुद्वारा सिंह सभा रायपुर में सुबह अखंड पाठ के बाद सत्ती संगत सभा ने कीर्तन की प्रस्तुति से मन मोहा। इसके साथ ही सज्जन सिंह ने जत्थे ने संगत को निहाल किया। कीर्तन मय गुरमीत सिंह ने बैसाखी के इतिहास पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि 10वें गुरु गोविंद जी ने 1699 में आज ही के दिन खालसा पंथ की स्थापना की थी, जिसके बाद उन्होंने मुगल शासकों से जमकर लोहा लिया। इस अवसर पर संगतों ने गुरु साहिबान ग्रंथ साहिब के सामने मत्था टेका। संगत के बीच पहुंचे रायपुर विधायक उमेश शर्मा उर्फ काऊ ने गुरुद्वारे में मत्था टेका।
इस अवसर पर उमेश शर्मा, सरदार पीसी कालरा और सरदार रमन प्रीत सिंह मादी को सरोपा देकर सम्मानित किया गया। संगत में गुलशन सिंह अरोड़ा, जीसी तिवारी, कुलदीप सिंह, प्रीतपाल, मंजीत सिंह आदि मौजूद रहे। इसके अलावा शहर अन्य सभी गुरुद्वारों में भी बैसाखी मनाई गई।
उधर सिद्धपीठ श्री सनातन धर्म मंदिर में बैसाखी पर गंगा मां की आरती की गई। इसके बाद बैसाखी के गीतों की प्रस्तुति पर लोग झूमे। इस अवसर पर यशपाल बहाल, गुलशन माकिन, केपी रतूड़ी, राजेश भाटिया, कपिल भाटिया, राजू उपाध्याय, अनीता, रवि भाटिया, अवतार कृष्ण कौल, अंजली आदि मौजूद रहे।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहराूदन।
राजधानी के गुरुद्वारों में शनिवार को खालसा का सृजन दिवस बैसाखी पर्व श्रद्धा एवं उत्साहपूर्वक मनाया गया। गुरुद्वारों में शबद-कीर्तन के साथ गुरुवाणी का पाठ किया गया। इस दौरान संगतों ने मत्था टेका और लंगर छका। दिनभर गुरुद्वारों में श्रद्धालुओं की भीड़ रही।
आढ़त बाजार स्थित गुरुदारा श्री गुरु सिंह सभा में सुबह सतवंत सिंह ने शबद से संगतों को निहाल किया। इस अवसर पर 34 जन अमृतपान कर गुरुवाले बने। जिन्हें गुरु घर से सरोपा भेंट किए गए। पांवटा साहिब से पधारे भाई परमजीत सिंह और नवनीत सिंह हजूरी रागी दरबार साहिब ने शबद गायन कर संगतों का निहाल किया। इनके अलावा भाई अमरप्रीत सिंह और लंदन से पधारे मदन सिंह ने भी शबद गायन किया।
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इस अवसर पर गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह राजन, महासचिव गुलजार सिंह, गुरुद्वारा गुरु संगत धामावाला के अध्यक्ष मनमोहन सिंह बेदी, सचिव सतनाम सिंह, जसपाल सिंह चोपड़ा, देवेंद्र सिंह, भजन सिंह जस्सल, हरीश सचदेवा, जेएस छाबड़ा, राजेंद्र सिंह राजा, गगन दीप सिंह भाटिया मनजीत सिंह आदि मौजूद रहे।
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गुरुद्वारा सिंह सभा रायपुर में सुबह अखंड पाठ के बाद सत्ती संगत सभा ने कीर्तन की प्रस्तुति से मन मोहा। इसके साथ ही सज्जन सिंह ने जत्थे ने संगत को निहाल किया। कीर्तन मय गुरमीत सिंह ने बैसाखी के इतिहास पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि 10वें गुरु गोविंद जी ने 1699 में आज ही के दिन खालसा पंथ की स्थापना की थी, जिसके बाद उन्होंने मुगल शासकों से जमकर लोहा लिया। इस अवसर पर संगतों ने गुरु साहिबान ग्रंथ साहिब के सामने मत्था टेका। संगत के बीच पहुंचे रायपुर विधायक उमेश शर्मा उर्फ काऊ ने गुरुद्वारे में मत्था टेका।
इस अवसर पर उमेश शर्मा, सरदार पीसी कालरा और सरदार रमन प्रीत सिंह मादी को सरोपा देकर सम्मानित किया गया। संगत में गुलशन सिंह अरोड़ा, जीसी तिवारी, कुलदीप सिंह, प्रीतपाल, मंजीत सिंह आदि मौजूद रहे। इसके अलावा शहर अन्य सभी गुरुद्वारों में भी बैसाखी मनाई गई।
उधर सिद्धपीठ श्री सनातन धर्म मंदिर में बैसाखी पर गंगा मां की आरती की गई। इसके बाद बैसाखी के गीतों की प्रस्तुति पर लोग झूमे। इस अवसर पर यशपाल बहाल, गुलशन माकिन, केपी रतूड़ी, राजेश भाटिया, कपिल भाटिया, राजू उपाध्याय, अनीता, रवि भाटिया, अवतार कृष्ण कौल, अंजली आदि मौजूद रहे।