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बरसाती नालों पर नहीं हुए बाढ़ सुरक्षा कार्य
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ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर।
सहसपुर ब्लॉक के एक दर्जन से ज्यादा बरसाती नालों पर बाढ़ सुरक्षा कार्य नहीं हुए हैं। इससे स्थानीय लोगों को इस बारिश में भी भारी नुकसान की आशंका सता रही है। बाढ़ सुरक्षा कार्य नहीं होने से हर बरसात ग्रामीणों की हजारों बीघा जमीन बह जाती है। जबकि, कई आवासीय बस्तियां भी नालों की जद में आ चुकी हैं। इसके बावजूद प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
राज्य गठन के बाद से ही ड्रेनेज व्यवस्था में सुधार की आस लगाए पछवादून के सहसपुर ब्लॉक के लोगों को अभी तक बरसाती नालों के कहर से निजात नहीं मिली है। यहां शासन, प्रशासन की ओर से बरसाती नालों पर बाढ़ सुरक्षा कार्य कराने की घोषणा कई बार की जा चुकी है, लेकिन इस पर अमल नहीं होने से अभी भी बरसाती नालों का पानी सड़कों, खेतों और बस्तियों में आ जाता है। जबकि, क्षेत्रीय विधायक भी लोगों की इस समस्या पर ध्यान देने को तैयार नहीं हैं। कई जगहों पर बरसाती नालों को पाट कर आवासीय मकान बना दिए गए हैं, इससे नालों ने अपना बहाव बदल दिया है। यहां एक दर्जन से अधिक नाले हर बरसात कहर बरपाते हैं। बावजूद इसके जिम्मेदार लापरवाह बने हुए हैं।
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यहां नहीं हुआ कार्य
गूली नाला- कारबारी व गणेशपुर के बीच, कड़वानाला- गणेशपुर व रतनपुर के बीच, सुकरावनाला- भूड़पुर, रामगढ़ राव नाला- सिंहनीवाला व रामगढ़ के बीच, पानीसार नाला- सिंहनीवाला व शेरपुर के बीच, हसनपुर राव खाला- आंवलीवाला व हसनपुर के बीच, शाकुंबरी नाला- सभावाला, चमारखाला- तिपरपुर, शाहपुरनाला- शाहपुर व कल्याणपुर के बीच, पतरौली खाला- कुंजा व आदूवाला के बीच, चंद्रमणि नाला- पित्थूवाला व आसन के बीच, मूसीखाला- बड़ोवाला, बायांखाला- राजारोड सेलाकुई, खैरीखाला- अटकफार्म, रामपुर खाला, चोरखाला, पांवधोई खाला।
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पिछले साल चोरखाला बस्ती में हुआ था नुकसान
पिछले साल चोरखाला नाले का पानी बस्ती में घुस गया था। इससे चापी मोहल्ला, शांति नगर में लोगों के घरेलू सामान को काफी नुकसान पहुंचा था। इस नाले के एक ओर कृषि भूमि है, गत वर्ष बरसात में नाले में आए पानी से सैकड़ों बीघा जमीन में बोई धान और मक्का की फसल दब कर नष्ट हो गई थी। पूर्व प्रधान सुंदर थापा ने बताया कि नाला भाऊवाला के ऊपर से आता है और हर साल अनुसूचित जाति बस्ती में भारी नुकसान करता है। इसके अलावा पांवधोई खाले के पानी ने ईदगाह बस्ती में नुकसान पहुंचाया था। उधर, हसनपुर-कल्याणपुर की प्रधान आबिदा ने बताया कि जंगल से आने वाले शाहपुर नाले ने गांव की निचली बस्ती से लगी कृषि भूमि को काफी नुकसान पहुंचाया। ग्रामीणों की करीब डेढ़ सौ बीघा जमीन में उगी फसल मलबे में दबकर नष्ट हो गई थी।
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सिंचाई विभाग को बरसाती नालों पर बाढ़ सुरक्षा कार्य करने के निर्देश जारी किए गए थे। जिन नालों पर बाढ़ सुरक्षा कार्य नहीं हुए हैं, उन पर अस्थाई सुरक्षा उपाय करने के निर्देश दिए जाएंगे। - सहदेव पुंडीर, विधायक सहसपुर
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सहसपुर ब्लॉक के एक दर्जन से ज्यादा बरसाती नालों पर बाढ़ सुरक्षा कार्य नहीं हुए हैं। इससे स्थानीय लोगों को इस बारिश में भी भारी नुकसान की आशंका सता रही है। बाढ़ सुरक्षा कार्य नहीं होने से हर बरसात ग्रामीणों की हजारों बीघा जमीन बह जाती है। जबकि, कई आवासीय बस्तियां भी नालों की जद में आ चुकी हैं। इसके बावजूद प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
राज्य गठन के बाद से ही ड्रेनेज व्यवस्था में सुधार की आस लगाए पछवादून के सहसपुर ब्लॉक के लोगों को अभी तक बरसाती नालों के कहर से निजात नहीं मिली है। यहां शासन, प्रशासन की ओर से बरसाती नालों पर बाढ़ सुरक्षा कार्य कराने की घोषणा कई बार की जा चुकी है, लेकिन इस पर अमल नहीं होने से अभी भी बरसाती नालों का पानी सड़कों, खेतों और बस्तियों में आ जाता है। जबकि, क्षेत्रीय विधायक भी लोगों की इस समस्या पर ध्यान देने को तैयार नहीं हैं। कई जगहों पर बरसाती नालों को पाट कर आवासीय मकान बना दिए गए हैं, इससे नालों ने अपना बहाव बदल दिया है। यहां एक दर्जन से अधिक नाले हर बरसात कहर बरपाते हैं। बावजूद इसके जिम्मेदार लापरवाह बने हुए हैं।
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यहां नहीं हुआ कार्य
गूली नाला- कारबारी व गणेशपुर के बीच, कड़वानाला- गणेशपुर व रतनपुर के बीच, सुकरावनाला- भूड़पुर, रामगढ़ राव नाला- सिंहनीवाला व रामगढ़ के बीच, पानीसार नाला- सिंहनीवाला व शेरपुर के बीच, हसनपुर राव खाला- आंवलीवाला व हसनपुर के बीच, शाकुंबरी नाला- सभावाला, चमारखाला- तिपरपुर, शाहपुरनाला- शाहपुर व कल्याणपुर के बीच, पतरौली खाला- कुंजा व आदूवाला के बीच, चंद्रमणि नाला- पित्थूवाला व आसन के बीच, मूसीखाला- बड़ोवाला, बायांखाला- राजारोड सेलाकुई, खैरीखाला- अटकफार्म, रामपुर खाला, चोरखाला, पांवधोई खाला।
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पिछले साल चोरखाला बस्ती में हुआ था नुकसान
पिछले साल चोरखाला नाले का पानी बस्ती में घुस गया था। इससे चापी मोहल्ला, शांति नगर में लोगों के घरेलू सामान को काफी नुकसान पहुंचा था। इस नाले के एक ओर कृषि भूमि है, गत वर्ष बरसात में नाले में आए पानी से सैकड़ों बीघा जमीन में बोई धान और मक्का की फसल दब कर नष्ट हो गई थी। पूर्व प्रधान सुंदर थापा ने बताया कि नाला भाऊवाला के ऊपर से आता है और हर साल अनुसूचित जाति बस्ती में भारी नुकसान करता है। इसके अलावा पांवधोई खाले के पानी ने ईदगाह बस्ती में नुकसान पहुंचाया था। उधर, हसनपुर-कल्याणपुर की प्रधान आबिदा ने बताया कि जंगल से आने वाले शाहपुर नाले ने गांव की निचली बस्ती से लगी कृषि भूमि को काफी नुकसान पहुंचाया। ग्रामीणों की करीब डेढ़ सौ बीघा जमीन में उगी फसल मलबे में दबकर नष्ट हो गई थी।
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सिंचाई विभाग को बरसाती नालों पर बाढ़ सुरक्षा कार्य करने के निर्देश जारी किए गए थे। जिन नालों पर बाढ़ सुरक्षा कार्य नहीं हुए हैं, उन पर अस्थाई सुरक्षा उपाय करने के निर्देश दिए जाएंगे। - सहदेव पुंडीर, विधायक सहसपुर