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दून अस्पताल में माइक्रो बायोलॉजी की जांचें ठप
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
दून अस्पताल में कई दिनों से माइक्रो बायोलॉजी प्रयोगशाला में जांचें नहीं हो पा रही हैं। ऐसे में लोगों को ये निजी प्रयोगशालाओं में महंगी जांचें करानी पड़ रही हैं।
बता दें, दून अस्पताल में अक्सर कोई न कोई समस्या बनी रहती है। कभी एक्स-रे मशीन खराब हो जाती है तो कभी जांच नहीं हो पाती हैं। बीते ढाई माह से अस्पताल की सिटी स्कैन मशीन खराब पड़ी है। बावजूद इसके अभीतक कोई ठोस प्रयास नहीं किया गया है। बीते कई दिनों से अस्पताल की माइक्रो बायोलॉजी प्रयोगशाला में जांचें नहीं हो पा रही हैं। बताया जा रहा है कि जांच करने के लिए जरूरी रिजेंट खत्म हो चुके हैं। ऐसे में अस्पताल पहुंच रहे मरीजों को मजबूरन जांचों के लिए निजी प्रयोगशालाओं की शरण लेनी पड़ रही है। निजी प्रयोगशालाओं ने मरीजों को दो से तीन गुना दाम भुगतना पड़ रहे हैं।
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प्रयोगशाला के लिए जरूरी रिजेंट का टेंडर किया जा चुका है। कंपनी ने दो से तीन दिन में सप्लाई चालू करने की बात कही है। इस सप्ताह से जांचें शुरू हो जाएंगी।
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-डॉ. केके टम्टा, चिकित्सा अधीक्षक, दून अस्पताल
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दून अस्पताल में कई दिनों से माइक्रो बायोलॉजी प्रयोगशाला में जांचें नहीं हो पा रही हैं। ऐसे में लोगों को ये निजी प्रयोगशालाओं में महंगी जांचें करानी पड़ रही हैं।
बता दें, दून अस्पताल में अक्सर कोई न कोई समस्या बनी रहती है। कभी एक्स-रे मशीन खराब हो जाती है तो कभी जांच नहीं हो पाती हैं। बीते ढाई माह से अस्पताल की सिटी स्कैन मशीन खराब पड़ी है। बावजूद इसके अभीतक कोई ठोस प्रयास नहीं किया गया है। बीते कई दिनों से अस्पताल की माइक्रो बायोलॉजी प्रयोगशाला में जांचें नहीं हो पा रही हैं। बताया जा रहा है कि जांच करने के लिए जरूरी रिजेंट खत्म हो चुके हैं। ऐसे में अस्पताल पहुंच रहे मरीजों को मजबूरन जांचों के लिए निजी प्रयोगशालाओं की शरण लेनी पड़ रही है। निजी प्रयोगशालाओं ने मरीजों को दो से तीन गुना दाम भुगतना पड़ रहे हैं।
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प्रयोगशाला के लिए जरूरी रिजेंट का टेंडर किया जा चुका है। कंपनी ने दो से तीन दिन में सप्लाई चालू करने की बात कही है। इस सप्ताह से जांचें शुरू हो जाएंगी।
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-डॉ. केके टम्टा, चिकित्सा अधीक्षक, दून अस्पताल