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उपनलकर्मियों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं चरमराईं
Updated Thu, 29 Nov 2018 01:56 AM IST
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- सीएचसी अस्पताल परिसर में इलाज करने पहुंचे मरीजों को लौटना पड़ा बैरंग
ब्यूरो/अमर उजाला
विकासनगर। मानदेय भुगतान की मांग को लेकर बुधवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात 24 से अधिक उपनल कर्मचारी तीन दिवसीय हड़ताल पर चले गए। जिसके चलते अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह से चरमरा गई। उन्होंने शीघ्र ही मानदेय भुगतान नहीं करने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
बुधवार को उपनलकर्मचारियों की हड़ताल से सीएचसी परिसर में इलाज करने पहुंचे क्षेत्र के तमाम लोगों को निराश लौटना पड़ता। इस दौरान केदारावाला गांव से कमर दर्द की शिकायत को लेकर जुनेद और खांसी की शिकायत को लेकर रेशमा अस्पताल परिसर में इलाज करने पहुंचे। जहां उपनल कर्मियों की हड़ताल के चलते पर्चे नहीं बन सके। जिस कारण ओपीडी सेवाएं पूरी तरह से ठप रही। सिर्फ इमरजेंसी में ही लोगों को इलाज मुहैया हो सका। दिनभर लोग इलाज को इधर-उधर भटकते नजर आए।
उपनल संघ के अध्यक्ष अनिल गैरोला ने कहा कि मार्च से कर्मचारी बिना मानदेय के काम कर रहे हैं। उन्हें उधार मांग कर घर खर्च चलाना पड़ रहा है। कई बार सरकार से मानदेय भुगतान की मांग की जा चुकी है। लेकिन उन्हें टरकाया जा रहा था। अब कर्मियों ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है। यदि शीघ्र ही कर्मियों को मानदेय नहीं मिलता तो उन्हें आंदोलन को बाध्य होना पड़ेगा। बताया कि आपातकालीन सेवाओं को हड़ताल से बाहर रखा गया है।
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सीएचसी प्रभारी डॉ. केके शर्मा ने बताया कि केंद्र में ज्यादातर जिम्मेदारी उपनल कर्मियों के भरोसे ही संचालित है। ऐसे में उनके हड़ताल पर होने से थोड़ी-बहुत दिक्कतें जरूर पेश आ रही है। मरीजों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े इसके लिए अस्पताल के नियमित स्टॉफ को सुबह और शाम की पाली में डिवाइड कर काम लिया जा रहा है।
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ब्यूरो/अमर उजाला
विकासनगर। मानदेय भुगतान की मांग को लेकर बुधवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात 24 से अधिक उपनल कर्मचारी तीन दिवसीय हड़ताल पर चले गए। जिसके चलते अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह से चरमरा गई। उन्होंने शीघ्र ही मानदेय भुगतान नहीं करने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
बुधवार को उपनलकर्मचारियों की हड़ताल से सीएचसी परिसर में इलाज करने पहुंचे क्षेत्र के तमाम लोगों को निराश लौटना पड़ता। इस दौरान केदारावाला गांव से कमर दर्द की शिकायत को लेकर जुनेद और खांसी की शिकायत को लेकर रेशमा अस्पताल परिसर में इलाज करने पहुंचे। जहां उपनल कर्मियों की हड़ताल के चलते पर्चे नहीं बन सके। जिस कारण ओपीडी सेवाएं पूरी तरह से ठप रही। सिर्फ इमरजेंसी में ही लोगों को इलाज मुहैया हो सका। दिनभर लोग इलाज को इधर-उधर भटकते नजर आए।
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उपनल संघ के अध्यक्ष अनिल गैरोला ने कहा कि मार्च से कर्मचारी बिना मानदेय के काम कर रहे हैं। उन्हें उधार मांग कर घर खर्च चलाना पड़ रहा है। कई बार सरकार से मानदेय भुगतान की मांग की जा चुकी है। लेकिन उन्हें टरकाया जा रहा था। अब कर्मियों ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है। यदि शीघ्र ही कर्मियों को मानदेय नहीं मिलता तो उन्हें आंदोलन को बाध्य होना पड़ेगा। बताया कि आपातकालीन सेवाओं को हड़ताल से बाहर रखा गया है।
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सीएचसी प्रभारी डॉ. केके शर्मा ने बताया कि केंद्र में ज्यादातर जिम्मेदारी उपनल कर्मियों के भरोसे ही संचालित है। ऐसे में उनके हड़ताल पर होने से थोड़ी-बहुत दिक्कतें जरूर पेश आ रही है। मरीजों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े इसके लिए अस्पताल के नियमित स्टॉफ को सुबह और शाम की पाली में डिवाइड कर काम लिया जा रहा है।